जामिया में गोली चलाने वाले ने अब मुस्लिम महिलाओं को अगवा करने की अपील की - प्रेस रिव्यू

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बीते साल दिल्ली के विश्वविद्यालय जामिया मिल्लिया इस्लामिया के क़रीब CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोली चलाने वाले एक युवक ने रविवार को हरियाणा के गुड़गांव में हुई महापंचायत में भाग लिया.
द इंडियन एक्सप्रेस अख़बार लिखता है कि युवक ने भीड़ को उकसाया कि वे मुस्लिम महिलाओं को अगवा करें और 'आतंकी मानसिकता' वालों को 'चेतावनी' दी.
युवक से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल हो रहा है जिसमें वो महापंचायत के दौरान बोल रहा है.
वीडियो में सुना जा सकता है कि वो कह रहा है कि जब उन पर हमला किया जाएगा तो मुसलमान 'राम राम' चिल्लाएंगे.
धर्म परिवर्तन, 'लव जिहाद' और जनसंख्या नियंत्रण पर क़ानून को लेकर यह महापंचायत बुलाई गई थी. इस दौरान युवक ने कहा कि हिंदू महिलाओं को अगर 'ले जाया जाएगा' तो मुस्लिम महिलाओं को अगवा करो.
पिछले साल की गोलीबारी का ज़िक्र करते हुए युवक ने कहा, "पटौदी से केवल इतनी ही चेतावनी देना चाहता हूं, उन जिहादियों को आतंकवादी मानसिकता के लोगों को जब 100 किलोमीटर दूर जामिया जा सकता हूं CAA के समर्थन में, तो पटौदी ज़्यादा दूर नहीं है."
30 जनवरी 2020 को युवक जो कि उस समय नाबालिग माना गया था उसने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के नज़दीक प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की थी. इस घटना में एक छात्र घायल हुआ था.
युवक पर आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत एफ़आईआर दर्ज हुई थी.
क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ पुलिस अफ़सर अख़बार से कहते हैं, "उसको जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने बाल सुधार गृह भेज दिया था जहां से वो कुछ महीनों में लौट आया. हमें हालिया मामले में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है और इस मामले को देख रहे हैं."
इसी महापंचायत के दौरान बीजेपी प्रवक्ता और करणी सेना अध्यक्ष सूरज पाल अमू ने भड़काऊ भाषण दिया और लोगों से कहा कि वो 'इतिहास बनाएं न कि इतिहास बन जाएं.'
मोदी मंत्रिमंडल में इस सप्ताह हो सकता हैविस्तार

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काफ़ी अरसे से चली आ रही केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार की चर्चा पर इस सप्ताह विराम लगा सकता है.
द हिंदू अख़बार सूत्रों के हवाले से लिखता है कि इस सप्ताह ख़ाली पड़े 24 मंत्री पदों के लिए यह विस्तार होगा. इसके साथ ही कई मंत्रियों के पास एक से अधिक मंत्रालय हैं जिसको भी बांटा जाएगा. यह विस्तार 7 या 9 जुलाई को हो सकता है.
बीजेपी के सूत्रों ने अख़बार से कहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार का असर पार्टी पर भी पड़ेगा क्योंकि कई वरिष्ठ पार्टी महासचिवों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है.
सरकारी सूत्र यह भी कह रहे हैं कि उन राज्यों को ज़्यादा तरजीह दी जाएगी जहां आने वाले समय में चुनाव होने जा रहे हैं. इनमें उत्तर प्रदेश से अपना दल की अनुप्रिया पटेल को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या तो सभी मंत्री पदों को बांट देंगे या फिर कुछ ख़ास लोगों को इसमें शामिल कर सकते हैं.
अख़बार के अनुसार, कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया और असम के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने वाले सर्बानंद सोनोवाल को मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए भी यह मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है.
'आरोपी भागने का प्रयास करता है तो पुलिस मुठभेड़ का पैटर्न अपनाया जाए'

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने पदभार संभालने के बाद हुए कई मुठभेड़ों को उचित ठहराते हुए सोमवार को कहा कि अपराधी अगर भागने का प्रयास करता है या गोलीबारी करने के लिए पुलिस से हथियार छीनता है तो मुठभेड़ का पैटर्न अपनाया जाना चाहिए.
अमर उजाला लिखता है कि असम में मुठभेड़ की बढ़ती संख्या को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज़ हो गए हैं.
राज्य में कथित तौर पर हिरासत से 'भागने का प्रयास कर रहे' क़रीब एक दर्जन संदिग्ध उग्रवादियों और अपराधियों को हालिया समय में मुठभेड़ में मारा गया है.
सरमा ने असम के सभी थाने के प्रभारियों के साथ पहली आमने-सामने की बैठक में कहा, "अगर कोई आरोपी सर्विस बंदूक छीनकर भागने का प्रयास करता है या भागता है और अगर वह दुष्कर्म का आरोपी है तो क़ानून ऐसे लोगों के पैर में गोली मारने की इजाज़त देता है, न कि छाती में."
उन्होंने कहा, "जब कोई मुझसे पूछता है कि क्या राज्य में मुठभेड़ का पैटर्न बन गया है तो मैंने कहा कि अगर अपराधी पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास करता है तो (मुठभेड़) पैटर्न होना चाहिए."
'जम्मू एयर फ़ोर्स स्टेशन पर गिराए गए बमों में था ढाई किलो आरडीएक्स'

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जम्मू में एयर फ़ोर्स स्टेशन पर 27 जून को संदिग्ध चरमपंथियों के ज़रिए ड्रोन के ज़रिए गिराए गए दो बम में लगभग ढाई किलोग्राम आरडीएक्स का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी है.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 29 जून को इस घटना की जांच अपने हाथ में ली थी.
हिंदुस्तान अख़बार लिखता है कि अधिकारियों ने बताया कि 'जांचकर्ताओं द्वारा की गई पड़ताल में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों के शामिल होने का संकेत मिला है जिन्हें पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) से मदद मिल रही थी.'
उन्होंने कहा कि जांच में सामने आया है कि सीमा पार से लगभग ढाई किलोग्राम आरडीएक्स विस्फोटक के साथ बम को ड्रोन से भेजा गया था. जम्मू हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक की दूरी 14 किलोमीटर है.
अधिकारियों ने कहा कि घटनास्थल से नमूनों की जांच के बाद विस्फोट में आरडीएक्स के इस्तेमाल की पुष्टि हुई थी.
उन्होंने कहा कि एक बम में डेढ़ किलोग्राम जबकि दूसरे में एक किलोग्राम आरडीएक्स था.
जम्मू में एयरफोर्स स्टेशन पर हुए संदिग्ध ड्रोन हमले और कई अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों के पास इनके देखे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां इस नए ख़तरे से निपटने के इंतज़ाम में जुटी हैं.
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