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GST काउंसिल बैठक: पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा के आरोपों पर अनुराग ठाकुर ने दी सफ़ाई
जीएसटी काउंसिल की शनिवार को हुई बैठक के दौरान ख़ुद के न बोलने दिए जाने को लेकर पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री के आरोपों को केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने ख़ारिज कर दिया है.
मित्रा ने दावा किया है कि जब जीएसटी काउंसिल के फ़ैसलों की घोषणा हो रही थी उन्होंने इस पर विरोध जताया, लेकिन तब उनकी मीटिंग का लिंक कट-ऑफ़ कर दिया गया.
इस संबंध में मित्रा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिख अपना विरोध जताया है.
पत्र में मित्रा ने लिखा, "मुझे बड़े कष्ट के साथ यह पत्र लिखना पड़ रहा है. आज की जीएसटी काउंसिल की बैठक के समाप्त होने से पहले आपकी टिप्पणी के दौरान आपने मेरे नाम के साथ मेरी टिप्पणियों का ज़िक्र किया लेकिन कई निवेदन के बावजूद मुझे बोलने की जगह नहीं दी गई."
"इसकी जगह आपने उत्तर प्रदेश के मंत्री को बोलने दिया जो कि मेरे नाम से की गई टिप्पणियों को हटाना चाहते थे और आश्चर्यजनक रूप से आपने उसकी अनुमति भी दे दी."
इसके अलावा पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री ने ट्वीट करके भी इस बात को उठाया है और जीएसटी काउंसिल के फ़ैसलों की आलोचना की है.
उन्होंने ट्वीट में लिखा, "भारत सरकार ने जनविरोधी फ़ैसला लिया और वैक्सीन, मास्क, हैंड सेनिटाइज़र, ऑक्सीजन, पीपीई, ऑक्सीमीटर, कोविड टेस्ट किट, रेमडेसिवीर, आरटी पीसीआर मशीन पर जीएसटी लागू कर दी."
इसके बाद मित्रा ने लिखा, "मेरी आवाज़ को नज़रअंदाज़ किया गया, मैंने पत्र के ज़रिए अपनी असहमति को दर्ज कराया है. अभूतपूर्व. सहकारी संघवाद के इकलौते निकाय की यह धीमी मौत है."
अनुराग ठाकुर ने दिया जवाब
मित्रा के इन आरोपों के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर सामने आए और उन्होंने इन आरोपों को बेबुनियाद क़रार दिया.
ठाकुर ने इस पर सिलसिलेवार तरीक़े से छह ट्वीट किए. पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा कि मीडिया के कुछ तबकों में एक पत्र साझा किया जा रहा है, जिस पर वो और सही जानकारी देना चाहते हैं.
उन्होंने दूसरे ट्वीट में लिखा, "जीएसटी काउंसिल की दो साल से बैठक के दौरान मैंने कभी भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी को काउंसिल की बैठक के दौरान किसी को नज़रअंदाज़ करते नहीं देखा है. वो धैर्यपूर्वक हर वक्ता को उतना वक़्त देती हैं जितना उन्हें चाहिए होता है. भले ही चर्चा कितने भी लंबे समय तक चलती रहे."
अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा, "जीएसटी काउंसिल की आज की बैठक (12 जून) के दौरान ऐसा लग रहा था कि पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कनेक्शन स्थिर नहीं है. वित्त सचिव बार-बार उन्हें सूचित कर रहे थे कि उनकी लाइन टूट रही है और उनको सुनने में दिक़्क़त हो रही है. बेहतर कनेक्टिविटी के लिए उनके वीडियो को बंद कर दिया गया."
"इसके आगे उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री ने भाषण दिया और किसी ने भी नहीं सुना कि मित्रा जी कुछ बोल रहे हैं या अपनी राय रखना चाहते हैं. दूसरे सदस्य इसकी पुष्टि कर सकते हैं."
"चर्चा के अंत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने पूछा कि कोई और बोलना चाहता है या अपनी राय रखना चाहता है तो भी मित्रा जी चुप रहे और कुछ नहीं बोले."
अपने अंतिम ट्वीट में अनुराग ठाकुर ने लिखा, "जीएसटी काउंसिल में वित्त मंत्री ने कभी भी असहमति को नहीं दबाया है. यह बहुत अशोभनीय है कि काउंसिल के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि ऐसा हुआ था. जीएसटी काउंसिल सभी राज्यों के साथ एक स्वस्थ तरीक़े से बहस की एक सामूहिक भावना का प्रतीक है. यह रहा है और यह जारी रहेगा."
बैठक में क्या फ़ैसले लिए गए
शनिवार को हुई जीएसटी काउंसिल की 44वीं बैठक के दौरान वैक्सीन पर 5 फीसदी जीएसटी जारी रखने का फ़ैसला लिया गया. इसके अलावा कोविड के इलाज और प्रबंधन में ज़रूरी उपकरणों पर भी टैक्स में कटौती की गई है.
ये नई दरें सितंबर अंत तक लागू रहेंगी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि पहले की गई घोषणा के अनुसार केंद्र 75 फ़ीसदी वैक्सीन ख़रीदेगी और वही इस पर लगने वाला जीएसटी भी देगी. ये वैक्सीन लोगों को मुफ्त में मुहैया कराई जाएगी. वहीं टीकाकरण से मिलने वाले जीएसटी के 70 फीसदी हिस्से को राज्यों के साथ शेयर किया जाएगा.
वित्त सचिव तरुण बजाज के मुताबिक़, दरों में कटौती को एक-दो दिनों में लागू कर दिया जाएगा.
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कोविड से सम्बन्धित सेवाओं और उपकरणों में जीएसटी कटौती:
- बिजली शवदाहगृह की जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है.
- एंबुलेंस सेवा पर लगने वाली जीएसटी को 28 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है.
- रेमडेसिविर इंजेक्शन पर भी जीएसटी 12 से घटाकर 5 प्रतिशत की गई है.
- जीएसटी काउंसिल ने मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन पर जीएसटी 12 प्रतिशत से कम करके 5 प्रतिशत कर दी है.
- बीआईपीएपी मशीनों, ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर और पल्स ऑक्सीमीटर पर भी जीएसटी दर 12 से 5 प्रतिशत कर दी गई है.
- टॉक्सीलीज़ुमाब और एंफोटेरीसिन पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा.
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