मेहुल चोकसी को क्या किडनैप करके एंटीगा से डॉमिनिका ले जाया गया?

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- Author, विशाल शुक्ला
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
27 मई 2021 को जब कैरिबियाई देश डॉमिनिका से ख़बर आई कि भारत के भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी वहां गिरफ़्तार हो गए हैं तो ये बहुतों के लिए चौंकाने वाला था.
मेहुल पंजाब नेशनल बैंक से 13,578 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के अभियुक्त हैं और लंबे वक़्त से सबका ध्यान इसी केस के एक और आरोपी नीरव मोदी के लंदन से भारत प्रत्यर्पित किए जाने पर था.
ऐसे में जब मेहुल के गिरफ़्तार किए जाने पर भारत में उनकी वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि उनकी अभी मेहुल से बात नहीं हो पाई है और बात होने पर ही पता चलेगा कि उन्हें 'एंटीगा से डॉमिनिका कैसे ले जाया गया', तो इस पर किसी ने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया.
अगले कुछ दिनों तक एंटीगा के सूत्रों की ओर से कहा जाता रहा कि चोकसी क्यूबा भागने की फ़िराक़ में थे. डॉमिनिका पुलिस ने कहा कि चोकसी को अवैध रूप से डॉमिनिका में घुसने की वजह से गिरफ़्तार किया गया. वहीं चोकसी के खेमे से कहा गया कि उन्हें किडनैप करके डॉमिनिका ले जाया गया.
यूं तो अभियुक्त होने की वजह से सबसे कम भरोसा चोकसी की कहानी पर ही किया जा रहा था. लेकिन, अब जबकि इस प्रकरण के क़रीब 10 दिन बाद चोकसी के वकीलों ने एंटीगा पुलिस के पास अपहरणकर्ताओं के नामों के साथ अपहरण की शिकायत दर्ज कराई है, तो एंटीगा के प्रधानमंत्री इसे गंभीर मान रहे हैं.

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क्या है चोकसी के 'अपहरण' की कहानी?
मेहुल चोकसी की पत्नी प्रीति चोकसी ने इस बारे में भारत के कई मीडिया संस्थानों और न्यूज़ एजेंसी IANS से बात की है. इस बातचीत में उन्होंने मेहुल का पक्ष रखते हुए बताया कि 23 मई को चोकसी के लापता होने से लेकर 26 मई को उनके बारे में पहली ख़बर आने के बीच क्या हुआ.
प्रीति के मुताबिक़, ''23 मई को मेहुल एक महिला के साथ डिनर करने के लिए घर से कार लेकर निकले थे. उस महिला ने हमारे घर के सामने वाला अपार्टमेंट किराए पर लिया था और पिछले 8 महीने से वो यहां आती-जाती रहती थी. हम उसे बारबरा जोसेफ़, बारबरा जेसिक और बारबरा जाराबिका के नाम से जानते थे. वो वॉक करने के दौरान मेरे पति से मिलती थी. उसने बताया था कि लंदन स्कूल ऑफ़ इकनॉमिक्स से पढ़ी है और घरों के रेनोवेशन का काम करती है.''
प्रीति ने बताया, ''मई में वापस आने पर बारबरा ने कहा कि उसके बॉस एंटीगा में संपत्ति ख़रीदना चाहते हैं और इसीलिए उसने मेहुल को खाने पर बुलाया. जब मेहुल उसके घर गए, तो आगे और पीछे, दोनों दरवाज़े खुले हुए थे. कुछ मिनटों बाद वहां नीली वर्दी पहने 8-10 लोग आए और कहने लगे कि वो मेहुल को पूछताछ के लिए ले जाना चाहते हैं. उन्होंने मेहुल को नाव में बिठाया. एंटीगा के जॉली हार्बर पर एक बड़ी नाव उनका इंतज़ार कर रही थी, जो उन्हें डॉमिनिका ले गई.''
प्रीति का कहना है, 'मेहुल ने मुझे बतकाया कि नाव पर भारतीय मूल के दो लोग थे. हमें नहीं पता वो किसके लिए काम करते हैं. उनका नाम गुरजीत और गुरमीत था. उनमें से एक ने बताया कि वो पंजाबी म्यूज़िक वीडियो बनाता है और दूसरा बर्मिंघम में रहता है.' प्रीति आशंका जताती हैं कि कैलिओप ऑफ़ आइ और लेडी एन नाम की इन्हीं दो नावों से मेहुल को एंटीगा से डॉमिनिका ले जाया गया होगा.
वहीं चोकसी के वकील विजय अग्रवाल का सीधा आरोप है कि उन्हें एंटीगा से जबरन डॉमिनिका ले जाया गया. 'उनके शरीर के निशान बताते हैं कि उनके साथ ज़बर्दस्ती हुई है. मुझे लगता है कि उन्हें भारत लाने के लिए योजनाबद्ध तरीक़े से दूसरी जगह ले जाया गया. मुझे नहीं पता कि ये साज़िश कौन कर रहा है'.
अग्रवाल के ऐसा दावा करने के बाद एंटीगा के पुलिस कमिश्नर एटली रॉडनी ने कहा था कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है कि चोकसी को जबरन कहीं से कहीं को ले जाया गया है.

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एंटीगा सरकार का क्या कहना है
चोकसी के डॉमिनिका में गिरफ़्तार होने के बाद एंटीगा के प्रधानमंत्री ने डॉमिनिकी प्रशासन से गुज़ारिश की थी कि वो चोकसी को वापस नहीं लेना चाहते हैं और बेहतर होगा कि डॉमिनिका चोकसी को सीधे भारत प्रत्यर्पित कर दे.
चोकसी का मुद्दा एंटीगा की संसद में भी उठा था, जिसके बाद पीएम गैस्टन ब्राउन ने कहा था कि चोकसी एंटीगा के लिए शर्म का सबब बन गए हैं.
हालांकि, चोकसी के वकीलों द्वारा पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने के बाद एंटीगा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने इसे गंभीर माना है.
एंटीगा के ख़बरिया संस्थान एंटीगा न्यूज़रूम के मुताबिक़ एंटीगा के पीएम गैस्टन ब्राउन ने कहा, ''चोकसी के वकीलों ने पुलिस कमिश्नर के पास दर्ज कराई शिकायत में कथित अपहरण में शामिल लोगों के नाम बताए हैं. पुलिस और सरकार इन आरोपों को गंभीरता से लेकर इनकी जांच कर रही है. अगर वाक़ई में ऐसा हुआ है, तो ये बेहद गंभीर बात है.''
चोकसी के वकीलों ने अपनी शिकायत में जो नाम दर्ज कराए हैं, वो अभी सामने नहीं आए हैं.

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कोर्ट में अब तक क्या हुआ है
डॉमिनिका हाई कोर्ट में पेश किए जाने के बाद कोर्ट ने चोकसी पर अवैध रूप से डॉमिनिका में घुसने के आरोप तय किए हैं. जज बर्नी स्टीफ़ेन्सन ने चोकसी की ज़मानत की याचिका खारिज कर दी है और उन्हें रिहा किए जाने की याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी है.
7 जून को सामने आईं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ चोकसी ने डॉमिनिका की अदालत में एक एफ़िडेविट जमा किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने इसमें लिखा है कि वो क़ानून का पालन करनेवाले नागरिक हैं और उनका अपहरण किया गया था.
चोकसी ने लिखा कि उनकी डॉमिनिका की कोर्ट में होने वाली कार्रवाई से भागने की कोई मंशा नहीं है. वो ज़मानत के लिए रकम भी दे सकते हैं और अपने पैसों से डॉमिनिका में रहते हुए अपनी सुरक्षा भी कर सकते हैं. इस एफ़िडेविट में चोकसी ने लिखा है कि भारतीय एजेंसियां उनके ख़िलाफ़ जारी जांच के सिलसिले में कभी भी उनसे पूछताछ कर सकती हैं.

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डॉमिनिका के विपक्षी नेता और राजनीति
डॉमिनिका की एक न्यूज़ वेबसाइट असोसिएट्स टाइम्स ने दावा किया है कि डॉमिनिका के विपक्ष के नेता लेनक्स लिन्टन कोर्ट में चोकसी के मामले की सुनवाई के दौरान मेहुल के भाई चेतन चोकसी के साथ देखे गए थे. इससे पहले लिन्टन ने मेहुल के किसी परिजन या दोस्त से परिचय होने से इनकार किया था.
इससे पहले असोसिएट्स टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 30 मई को चेतन चोकसी ने लिन्टन को दो लाख डॉलर का चुनावी चंदा देने का वादा किया था, जिसके बदले लिन्टन और उनकी पार्टी ने मेहुल को डॉमिनिका में रखने की वकालत करने की बात कही थी.
वहीं लिन्टन ने चंदा लेने के साथ-साथ चेतन से मिलने से भी इनकार किया है.इस बारे में चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि चेतन अपने भाई की तबीयत का हाल लेने और परिवार की मदद करने डॉमिनिका गए थे.
इस बीच चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए अलग-अलग भारतीय एजेंसियों के अधिकारियों की जो टीम डॉमिनिका गई थी, वो क़रीब सात दिन कैरिबियाई देश में रहने के बाद भारत लौट आई.
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