मेहुल चोकसी: डोमिनिका में पकड़े गए भगोड़े हीरा व्यापारी, क्या होगी भारत वापसी?

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में अभियुक्त और हीरों के व्यापारी मेहुल चोकसी को डोमिनिका में पकड़ लिया गया है. इससे पहले वो एंटीगा में थे लेकिन हाल ही में उनके लापता होने की ख़बर आई थी.

मेहुल चोकसी ने जनवरी 2018 के पहले हफ़्ते में भारत से भागने से पहले 2017 में ही कैरेबियाई देश एंटीगा एंड बारबुडा की नागरिकता ले ली थी.

अब उनके पकड़े जाने के बाद एंटीगा एंड बारबूडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने कहा है कि डोमिनिका में पकड़े गए भारतीय हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को वापस भारत भेज दिया जाएगा.

गैस्टन ब्राउन ने कहा कि उन्होंने डोमिनिका से कहा है मेहुल को एंटीगा एंड बारबूडा न भेजकर सीधे भारत को सौंप दिया जाए.

13,500 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले में अभियुक्त मेहुल रविवार को एंटीगा एंड बारबुडा से लापता हो गए थे, जिसके बाद वहां की पुलिस उन्हें तलाश रही थी.

ब्राउन ने कहा कि हो सकता है मेहुल, नाव की मदद से अवैध तरीक़े से डोमिनिका गए हों.

समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने कहा, "हमारा देश मेहुल चोकसी को स्वीकार नहीं करेगा. उन्होंने इस द्वीप से जा कर बड़ी ग़लती की है. डोमिनिका की सरकार और अधिकारी हमारे साथ सहयोग कर रहे हैं और हमने भारत सरकार को भी सूचित कर दिया है कि उन्हें भारत को सौंप दिया जाएगा."

'संपर्क में हैं भारत और डोमिनिका के अधिकारी'

मेहुल चोकसी ने जनवरी 2018 के पहले हफ़्ते में भारत से भागने से पहले 2017 में ही कैरेबियाई देश एंटीगा एंड बारबूडा की नागरिकता ले ली थी. इस देश में इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम के तहत नागरिकता ली जा सकती है.

ब्राउन ने कहा, "डोमिनिका चोकसी को वापस भेजने को तैयार है मगर हम उन्हें स्वीकार नहीं करेंगे. मैंने डोमिनिका के प्रधानमंत्री और प्रशासन से अपील की है कि उन्हें हमारे यहां न भेजें क्योंकि यहां बतौर नागरिक उन्हें क़ानूनी और संवैधानिक सुरक्षा हासिल है."

उन्होंने कहा, "हमने गुज़ारिश की है कि उन्हें हिरासत में लेकर भारत को सौंपने का इंतज़ाम किया जाए. मुझे नहीं लगता कि उन्होंने डोमिनिका की नागरिकता ली है. इसलिए डोमिनिका को उनके प्रत्यर्पण में कोई दिक्कत नहीं होगी."

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, इससे पहले बुधवार रात को चोकसी के वकील ने पुष्टि की थी कि वह डोमिनिका में पकड़े गए हैं.

बड़े घोटाले में अभियुक्त

हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी और उनके भांजे नीरव मोदी पर सरकारी बैंक पीएनबी से 13,500 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है.

नीरव मोदी इस समय लंदन की जेल में हैं और कई बार उनकी ज़मानत अर्ज़ी रद्द हो चुकी है. वह ख़ुद को भारत को प्रत्यर्पित किए जाने के ख़िलाफ़ क़ानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.

2018 की शुरुआत में पंजाब नेशनल बैंक में 11,300 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया. इस घोटाले में हीरा व्यापारी नीरव मोदी के अलावा उनकी पत्नी ऐमी, उनके भाई निशाल, और चाचा मेहुल चोकसी मुख्य अभियुक्त हैं.

पंजाब नेशनल बैंक घोटाला

बैंक का दावा था कि इन सभी अभियुक्तों ने बैंक के अधिकारियों के साथ साज़िश रची और बैंक को नुकसान पहुंचाया.

पंजाब नेशनल बैंक ने जनवरी में पहली बार नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और उनके साथियों के ख़िलाफ़ शिकायद दर्ज कराई. इस शिकायत में उन पर 280 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया गया था.

14 फ़रवरी को आंतरिक जांच पूरी होने के बाद पंजाब नेशनल बैंक ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को इस फ़र्ज़ीवाड़े की जानकारी दी.

ये भारत का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला था. इस मामले में चोकसी और उनके भांजे नीरव मोदी अभियुक्त हैं. सीबीआई और प्रत्यर्पण निदेशालय (ईडी) को चोकसी की तलाश है. नीरव मोदी भी देश के बाहर हैं और सरकार का दावा है कि उन्हें भी देश में लाने की कोशिशें जारी हैं.

15 फ़रवरी को प्रवर्तन निदेशालय ने दख़ल दिया और नीरव मोदी के मुंबई, सूरत और दिल्ली के कई दफ़्तरों पर छापामारी की.

प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया. लेकिन ये सभी अभियुक्त जनवरी में ही देश छोड़ने में कामयाब रहे. भारतीय एजेंसियां उनके प्रत्यर्पण की कोशिश में लगी हुई हैं.

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