बिहार: बेकार खड़ी एंबुलेंस को लेकर राजीव प्रताप रूडी और पप्पू यादव में छिड़ी बहस

राजीव प्रताप रूडी, पप्पू यादव

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    • Author, दिलनवाज़ पाशा
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता राजीव प्रताप रूडी के कार्यालय में बिना इस्तेमाल के खड़ी एंबुलेंस को लेकर विवाद खड़ा गया है.

दरअसल, पप्पू यादव के नाम से चर्चित मधेपुरा से पूर्व सांसद और जन अधिकार पार्टी के नेता राजेश रंजन ने एक ऐसी जगह पर छापा मारा था जहां दो दर्जन से अधिक एंबुलेंस खड़ी थीं. ये एंबुलेंस लोकसभा सांसद राजीप प्रताप रूडी की सांसद निधी से ख़रीदी गई थीं.

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक़ पप्पू यादव शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ इस जगह पहुंचे थे और सुरक्षाकर्मियों के विरोध के बावजूद अंदर घुस गए थे.

उन्होंने यहां खाली खड़ी एंबुलेंस के ऊपर ढंके त्रिपाल को हटाते हुए वीडियो बनाया और उसे ट्विटर पर पोस्ट कर दिया.

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पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि एक तरफ़ तो बिहार में लोग इलाज के बिना मर रहे हैं और दूसरी तरफ पूर्व सांसद के कार्यालय में एंबुलेंस खाली खड़ी हैं.

यादव ने कहा था कि एक किलोमीटर दूर स्थित अस्पतालों में मरीज़ को पहुंचाने के लिए भी लोगों को दस-बारह हज़ार रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं.

स्वास्थ्य सेवाओं में एंबुलेंस की कमी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा था कि सारण से सासंद राजीव रूडी ने सौ एंबुलेंस अपने पास रख रखी हैं.

राजीव प्रताप रूडी ने खारिज किए आरोप

बीबीसी से बात करते हुए राजीव प्रताप रूडी ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि कुछ एंबुलेंस ख़राब होने के कारण या फिर ड्राइवर की कमी का कारण खड़ी हैं.

उन्होंने कहा, "2019 में मैंने सांसद निधी से 40 पंचायतों को एंबुलेंस दी थीं जो एक कंट्रोल रूम के जरिए संचालित की जा रही थीं. हम कुल 51 एंबुलेंस संचालित कर रहे थे. कुछ पंचायतों ने कोविड के दौरान असमर्थता ज़ाहिर करते हुए एंबुलेंस वापस कर दी थीं. सारण ज़िले में कभी भी किसी भी तरह से एंबुलेंस की कोई कमी नहीं हुई है. जहां भी जरूरत हुई है पंद्रह मिनट के भीतर एंबुलेंस भेज दी गई हैं."

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राजीव प्रताप रूडी ने ये तो नहीं बताया कि कुल कितनी एंबुलेंस खाली खड़ी हैं लेकिन ये जरूर कहा कि उन्होंने इस बारे में ज़िलाधिकारी को सूचना दी थी और ड्राइवर उपलब्ध कराने के लिए कहा था.

रूडी ने कहा, "जो कुछ एंबुलेंस ख़राब होने या ड्राइवर की कमी के कारण खड़ी हैं उन पर सवाल उठाया जा रहा है तो उन 51 एंबुलेंस की भी बात की जानी चाहिए जो हमारे कंट्रोल रूम से संचालित हो रही हैं. पप्पू यादव कंट्रोल रूम के फ़ोन नंबर पर कॉल करें. यदि उन्हें एंबुलेंस ना मिले तब सवाल उठाएं."

बीबीसी से बातचीत में रूडी ने आरोप लगाया कि पप्पू यादव और उनके साथ आए लोगों ने उनके प्रांगण में मौजूद लोगों के साथ बदसलूकी की थी.

राजीव प्रताप रूडी

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पप्पू यादव के ख़िलाफ़ एफ़आईआर

वहीं, सारण के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के मुताबिक़ अमनौर पुलिस थाने में इस संबंध में पप्पू यादव के ख़िलाफ़ एफ़आईआर भी दर्ज की गई है.

राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि ये तो हो सकता है कि ऑक्सीजन या दूसरी दवाओं की कमी हो, लेकिन पूरे सारण ज़िले में एंबुलेंस की कहीं कमी नहीं है.

रूडी के मुताबिक़ उन्होंने साल 2019 में सांसद निधी से उन्होंने जो एंबुलेंस दी थी उस पर क़रीब पांच लाख रुपए ख़र्च हुए थे.

पप्पू यादव

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पप्पू यादव ने पेश किए ड्राइवर

वहीं, राजीव प्रताप रूडी के ड्राइवर न होने का तर्क देने के बाद पप्पू यादव ने पटना में कई ड्राइवरों को मीडिया के सामने पेश करके कहा था कि ये ड्राइवर खाली खड़ी एंबुलेंस चलाने के लिए तैयार हैं.

क्या अब तक इन एंबुलेंस के लिए ड्राइवरों की व्यवस्था हो पाई है, इस पर रूडी ने कहा, "कुछ एंबुलेंस को मरम्मत की ज़रूरत है. ज़िलाधिकारी ड्राइवरों की व्यवस्था कर रहे हैं."

रूडी ने कहा कि वो लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहते हैं. उन्होंने कहा, "पप्पू यादव जैसे आपराधिक छवि के व्यक्ति को कम से कम मेरे जैसे सांसद पर सवाल नहीं उठाने चाहिए."

मधेपुरा से कई बार सासंद रह चुके पप्पू यादव कोविड महामारी के दौरान बिहार में अपने समर्थकों के साथ ज़मीन पर उतरे हुए हैं. वो लोगों को ऑक्सीजन और दूसरी ज़रूरी चीज़ें उपलब्ध कराने की मुहिम चला रहे हैं.

इन दिनों पप्पू यादव सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं और जगह-जगह से लोगों की मदद करते हुए अपने वीडियो पोस्ट करते रहते हैं.

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पप्पू यादव ने खारिज किए आरोप

राजीव प्रताप रूडी के सभी तर्कों को खारिज करते हुए पप्पू यादव उन पर एंबुलेंस के नाम पर घोटाला करने का आरोप लगाते हैं.

उन्होंने बीबीसी से कहा, "कोरोना महामारी के इस भयानक दौर में ये एंबुलेंस उनकी ज़मीन पर खड़ी-खड़ी कबाड़ हो रहीं थीं. उन पर तो मुक़दमा दर्ज होकर पूरी जांच होनी चाहिए."

रूडी के दफ्तर पर हंगामे के सिलसिले में दर्ज हुई एफ़आईआर के बारे में पप्पू कहते हैं, "मुझे पुलिस से इस तरह की कोई जानकारी नहीं मिली है. पुलिस चाहे तो मुझे गिरफ्तार कर सकती है. महामारी के दौर में एंबुलेंस का मुद्दा उठाना उनकी नज़र में जरूर अपराध होगा."

पप्पू यादव ने ट्विटर पर राजीव प्रताप रूडी का नाम लिखी एक एंबुलेंस में रेत भरे जाने का वीडियो भी जारी किया है.

बीबीसी से उन्होंने कहा, "मैंने अपने स्तर पर इस वीडियो की पुष्टि की है. अमनौर के एक पत्रकार ने ये मुझे भेजा था. मैंने इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया ताकि जनता को पता चल सके कि सरकार के पैसे से खरीदी गईं एंबुलेंस से कैसे-कैसे काम करवाए जा रहे हैं. यदि ये वीडियो गलत है तो सरकार मुझ पर कार्रवाई करे, किस बात का डर है."

पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में सरकारी स्वास्थ्य तंत्र पूरी तरह नाकाम हो चुका है. वो कहते हैं, "लोगों के लिए ना ऑक्सीजन उपलब्ध है और ना ही बेड. सरकार चाहती है कि कोई इन मुद्दों पर बात तक ना करे."

पप्पू यादव ने कहा, "जब मैं वहां गया था मैंने स्वयं वहां 39 एंबुलेंस गिनी थीं. अब मुझे पता चला है कि अधिकतर एंबुलेंस को वहां से हटा लिया गया है."

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