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मोदी ने कोरोना से लड़ने के लिए दिया मंत्र- टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट
कोरोना पर मुख्यमंत्रियों के साथ गुरुवार को हुई बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय देश को संबोधित कर रहे हैं. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा है कि कोरोना की मौज़ूदा दूसरी लहर के समय लोग पहले से ज़्यादा लापरवाह हो गए हैं. प्रशासन भी अब लापरवाह हो गया है. ये चिंता की बात है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना से निपटने के लिए तीन 'टी' यानी टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट के साथ लोगों के सही व्यवहार और प्रबंधन को इस संकट से लड़ने का मूलमंत्र बताया है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में कोरोना की दूसरी लहर पहली से भी ज्यादा तेज है. देश पहले ही पहली लहर के समय की पीक को पार कर चुका है. उन्होंने कहा कि कई राज्यों में संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है जो हम सबके लिए चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि कोरोना के मामलों में आई अचानक बढ़ोतरी ने लोगों के सामने मुश्किलें पैदा की हैं.
हालांकि उन्होंने आश्वस्त किया है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद, हमारे पास पहले से बेहतर अनुभव, संसाधन और इसकी वैक्सीन भी है. नरेंद्र मोदी ने लोगों की भागीदारी के साथ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने युद्धस्तर पर इस समस्या से जूझने की अपील की.
उन्होंने गवर्नेंस सिस्टम को सुधारने पर बल देते हुए कहा, "हम समझते हैं कि एक साल तक लगातार काम करते रहने से सिस्टम में थकान आ गई है लेकिन अगले दो से तीन हफ़्तों तक इसे दुरुस्त रखना होगा."
अब फिर से लॉकडाउन नहीं
हालांकि प्रधानमंत्री ने कहा है कि देश में अभी लॉकडाउन लगाने की ज़रुरत नहीं है. पूरी दुनिया ने रात के कर्फ्यू को स्वीकार किया और हमें इसे कोरोना कर्फ्यू के नाम से याद करना चाहिए. उन्होंने एक बार फिर 'दवाई भी और कड़ाई भी' की बात कही.
गुरुवार की बैठक के दौरान नरेंद्र मोदी ने कोरोना से बचाव के लिए भी सुझाव मांगे. उन्होंने कहा कि देश के राज्यों में हालात एक बार फिर से चुनौतीपूर्ण हो गए हैं. उन्होंने माइक्रो कंटेनमेंट ज़ोन बनाने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा.
उन्होंने कहा कि इस संक्रामक बीमारी से लड़ने के लिए हमें इसकी जाँच पर फ़ोकस करना चाहिए. इस समस्या का यही सबसे बढ़िया इलाज है. राज्यों को चाहिए कि भले संख्या बढ़े लेकिन टेस्टिंग से नहीं घबराना है. पॉज़िटिव केस चाहे कितना बढ़ जाए अधिक से अधिक टेस्टिंग करते जाना है. इसके अलावा उन्होंने जाँच में आरटीपीसीआर टेस्ट को बढ़ाकर 70 फ़ीसद तक ले जाने का लक्ष्य दिया.
11 से 14 अप्रैल के बीच 'टीका उत्सव'
नरेंद्र मोदी ने इस मौक़े पर कहा, ''ज्योतिबा फुले की जयंती 11 अप्रैल और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल के बीच 'टीका उत्सव' मनाया जाए. हमें इस दौरान ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लगाने की कोशिश करनी चाहिए. मैं युवाओं से आग्रह करूंगा कि वे अपने आसपास के 45 साल से बड़े लोगों को टीका लगवाने में हरसंभव मदद करें.''
इस दौरान टीके की बर्बादी रोकने और संसाधनों का अधिकतम उपयोग कैसे हो, इस पर ध्यान रखने का अनुरोध भी किया गया.
उन्होंने टीके के बाद भी लापरवाही न करने की अपील करते हुए लोगों से मास्क पहनने और सावधानी बरतने की भी अपील की है. लोगों से दूसरों को भी जागरूक करने का अनुरोध किया.
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