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चीन की कंपनियों पर भारत सरकार का यह फ़ैसला पड़ सकता है भारी - प्रेस रिव्यू
भारत के 4जी नेटवर्क के विस्तार और भविष्य के 5जी नेटवर्क में चीनी कंपनियों के दख़ल को समाप्त करने के लिए भारत सरकार ने कड़ा फ़ैसला ले लिया है.
अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, ख़्वावे और ज़ेडटीई जैसी चीनी टेलीकॉम कंपनियों को भारतीय टेलिकॉम कंपनियों के साथ व्यापार करने से रोकने के लिए बुधवार को लाइसेंस नियमों में बदलाव कर दिया गया.
अब 15 जून से भारत में 4जी और 5जी नेटवर्क का विस्तार करने वाली टेलीकॉम कंपनियां सिर्फ़ उन्हीं 'विश्वस्त' कंपनियों से सामान ले सकेंगी जिनको अनुमति दी गई होगी.
सरकार ने यह फ़ैसला इसलिए लिया है क्योंकि उसे डर है कि चीन भारतीय नेटवर्क में इसके ज़रिए दख़ल दे सकता है.
अख़बार से एक शीर्ष अधिकारी ने नाम न सार्वजनिक करने की शर्त पर कहा, "हालिया बदलाव की काफ़ी ज़रूरत थी क्योंकि तेज़ी से फैलते भारतीय टेलीकॉम क्षेत्र को अवांधित तत्वों और ग़ैर-भरोसेमंद सामान बेचने वाली कंपनियों से सुरक्षित रखने की ज़रूरत थी."
साथ ही अधिकारी ने यह भी बताया कि सरकार ने कहा है कि वह उन भारतीय मोबाइल टेलीकॉम ऑपरेटरों से ख़ासा नाख़ुश है जो अभी भी चीनी कंपनियों से सामान की ख़रीद कर रहे हैं.
नियमों के इन संशोधनों को टेलीकॉम विभाग ने बुधवार को जारी किया जो 15 जून से लागू होंगे. इसके तहत कोई टेलीकॉम कंपनी अपने नेटवर्क में सिर्फ़ 'विश्वस्त उत्पादों' को ही शामिल कर पाएगी.
इंश्योरेंस क्षेत्र में 74 फ़ीसदी विदेशी निवेश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के बजट में वित्तीय क्षेत्र में बड़े सुधारों की घोषणा की थी.
सालाना बजट के छह सप्ताह से भी कम ही समय में केंद्रीय कैबिनेट ने इंश्योरेंस एक्ट, 1938 में संशोधन को मंज़ूरी दे दी है.
द इंडियन एक्सप्रेस अख़बार के अनुसार, इसके तहत इंश्योरेंस सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ़डीआई) 49 फ़ीसदी से बढ़कर 74 फ़ीसदी हो जाएगा.
अख़बार को सरकारी सूत्रों ने बताया है कि इस क़ानून के संशोधन का प्रस्ताव अभी जारी बजट सत्र में पेश करने की योजना है.
विदेशी निवेश की सीमा बढ़ा देने से इंश्योरेंस सेक्टर में पूंजी की उपलब्धता और प्रतियोगिता बढ़ने की उम्मीद है.
जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष को सीपीएम ने दिया टिकट
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष को सीपीएम ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पश्चिमी बर्दवान ज़िले के जमुरिया सीट से टिकट दिया है.
हिंदुस्तान टाइम्स अख़बार के अनुसार, ऐसा पहली बार है जब सीपीएम सत्तारूढ़ टीएमसी के ख़िलाफ़ कई दिग्गज नेताओं के साथ बहुत सारे युवा नेताओं को भी टिकट दे रही है.
26 वर्षीय जेएनयूएसयू अध्यक्ष आइशी घोष जनवरी 2020 में विश्वविद्यालय में हुई हिंसा के बाद चर्चा में आई थीं.
सीपीएम के अन्य युवा नेताओं में उसके छात्र संगठन एसएफ़आई के राज्य सचिव सृजन भट्टाचार्य और सीपीएम के यूथ विंग डीवाईएफ़आई की मीनाक्षी मुखर्जी भी शामिल हैं जिन्हें टिकट दिया गया है.
फ़ाइज़र भारत में बना सकता है वैक्सीन
दवा निर्माता कंपनी फ़ाइज़र ने भारत सरकार से कहा है कि वह स्थानीय स्तर पर कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के लिए तैयार है बशर्ते उसे तेज़ी से विनियामक मंज़ूरी मिले.
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, कंपनी ने निर्यात और इसके दाम तय करने की आज़ादी की भी मांग की है.
अमेरिकी दवा निर्माता कंपनी फ़ाइज़र ने पिछले महीने भारत में अपनी कोरोना वैक्सीन के आपात इस्तेमाल के आवेदन को वापस ले लिया था. दरअसल, कंपनी को ड्रग रेगुलेटर ने छोटे स्तर पर स्थानीय सुरक्षा ट्रायल करने की अनुमति नहीं दी थी.
फ़ाइज़र ऐसी पहली कंपनी थी जिसने भारत में अपनी वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मांगी थी और इसको भारत में बनाने की जगह इसे अमेरिका और यूरोप से आयात करने का प्रस्ताव दिया था.
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