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महाराष्ट्र: जलगांव में लड़कियों के हॉस्टल में कपड़े उतरवाने और डांस कराने का आरोप, क्या है मामला?
महाराष्ट्र के जलगांव में एक सनसनीख़ेज़ मामला सामने आया है, जिसके मुताबिक़ कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि सरकारी गर्ल्स हॉस्टल की लड़कियों को कपड़े उतार कर पुरुषों के सामने डांस करने के लिए मजबूर किया जाता है.
सामाजिक कार्यकर्ता फ़िरोज़ पिंजरी ने कहा, "हमलोग किसी और काम से हॉस्टल गए थे लेकिन वहां जाकर हमें इस मामले का पता चला है. इन लड़कियों ने हमें बताया कि उन्हें बिना कपड़ों के डांस करने के लिए मजबूर किया जाता है. हमें हॉस्टल जाने की इजाज़त नहीं मिली थी, लेकिन हमलोगों ने दूर से वीडियो बनाया और उसे ज़िलाधिकारी को सौंपा है."
जलगांव के ज़िलाधिकारी अभिजीत राउत ने इस मामले की जाँच के आदेश दिए हैं. जिस वीडियो में लड़कियां कपड़े उतरवाकर डांस कराने की बात कह रही हैं वो वीडियो वायरल हो गया है, वायरल वीडियो की क्लिप बीबीसी मराठी के पास भी है.
वीडियो के मुताबिक़ एक लड़की सीढ़ियों की खिड़की से सामाजिक कार्यकर्ताओं से बात करती है. वो इन सामाजिक कार्यकर्ताओं से कहती हैं, "मेरा चेहरा नहीं दिखना चाहिए."
जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता इस वीडियो में कहते हैं, "नहीं दिखाई देगा. आप बोलो. आपके मामले को हम ज़िलाधिकारी के पास रखेंगे."
हॉस्टल प्रबंधन की आलोचना
लड़की का चेहरा नहीं दिखाई देता है, लेकिन वो ये कहती हुए नज़र आ रही हैं, "हमें लगभग बिना कपड़ों के डांस करने के लिए मजबूर किया जाता है. हमें ऐसा खाना मिलता है कि उसके बारे में भी नहीं बता सकते. सरकार की ओर से राशन लेकर ये लोग हमें खाना नहीं खिलाते हैं. ये लोग (हॉस्टल के संचालक) लड़कियों से पैसा लेते हैं और अपने ब्वॉयफ्रेंड को बुलाती हैं."
इस वीडियो में लड़की हॉस्टल के प्रबंधन की आलोचना करती दिखती हैं.
वहीं, दूसरी ओर लड़कियों की आलोचना झेल रही महिला हॉस्टल अधिकारी रंजना जोपे ने मीडिया को बताया, "संस्थान में किसी तरह का ग़लत काम नहीं हो रहा है. जिस लड़की का वीडियो वायरल हुआ है, उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. वह यहां गर्भवती लड़कियों की पिटाई कर चुकी है."
रंजना जोपे ने ये भी बताया है कि वीडियो रिकॉर्डिंग की बात सामने आने पर उन लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ताओं को हॉस्टल आने की अनुमति नहीं दी.
ज़िला के महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी विजय सिंह परदेशी ने बताया, "जानकारी मिलते ही हमलोगों ने हॉस्टल का दौरा किया. हमने लड़की से बात की. लड़की की सुरक्षा को कोई ख़तरा नहीं है. ज़िलाधिकारी ने इस मामले में जाँच के लिए कमेटी बनाई है."
ज़िलाधिकारी से शिकायत
जलगांव के सामाजिक कार्यकर्ता फ़रीद ख़ान ने बीबीसी को बताया, "मंगलवार की शाम को ज़िलाधिकारी से शिकायत दर्ज की गई. हमलोग हॉस्टल गए थे, जब हमलोग बाहर निकल रहे थे तब लड़की ने हमें बुलाकर अपना दुख बताया. उन्होंने यह भी बताया कि कई लड़कियों के ब्वॉयफ्रेंड रात में हॉस्टल में रहते हैं. हमलोग इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई चाहते हैं."
जलगांव की एक अन्य सामाजिक कार्यकर्ता मंगला सोनवाने ने एक महिला की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाने पर कहा, "हो सकता है कि एक लड़की की मानसिक स्थिति सही नहीं हो, लेकिन दूसरी लड़कियों की क्या स्थिति है? वह हॉस्टल के सेकेंड फ्लोर से अकेले बात नहीं कर रही थीं, उसके साथ दूसरी लड़कियों ने भी यही शिकायत की थी."
वीडियो के वायरल होने के बाद इस घटना पर काफ़ी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. राज्य के मौजूदा बजट सत्र के दौरान भी इस मुद्दे ने तूल पकड़ा.
विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा के अपने संबोधन में कहा, "इस घटना की ख़बर मिली, फिर वीडियो भी सामने आया है. इस मामले में पुलिस वाले लड़कियों को बिना कपड़ों के डांस करने पर मजबूर कर रहे हैं. हमें इस पूरे मामले को संवेदनशीलता से देखने की ज़रूरत है. इस मामले के दोषियों को जल्द जल्द से गिरफ़्तार किया जाना चाहिए."
इस मामले पर राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा, "जालेगांव की घटना का ज़िक्र विधानसभा में भी हुआ है. यह काफ़ी गंभीर मामला है."
गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सदन के अंदर इस घटना की जाँच के आदेश दिए हैं.
उन्होंने कहा, "मैं ख़ुद भी मामले पर नज़र रख रही हूं. अगर आरोप सही पाए गए तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हम किसी को नहीं छोड़ेंगे. निष्पक्षता के साथ पूरी कार्रवाई होगी."
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