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यूपी के हाथरस में छेड़छाड़ की शिकायत करने वाले पीड़िता के पिता की हत्या
- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में अपनी बेटी से छेड़छाड़ की शिकायत करने वाले पीड़िता के पिता की गोली मार हत्या कर दी गई है.
पुलिस ने इस मामले में एक नामज़द अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया है और सरकार ने सभी छह अभियुक्तों के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं.
हाथरस के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने घटना के बारे में बताया, "खेत में काम कर रहे किसान को कुछ लोगों ने गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया. साल 2018 में मृतक ने अभियुक्तों के ख़िलाफ़ छेड़छाड़ की धाराओं में मुक़दमा दर्ज कराया था, जिसमें एक अभियुक्त को जेल भी हुई थी."
"पीड़ित लड़की की तहरीर के आधार पर चार लोगों के ख़िलाफ़ नामज़द एफ़आईआर दर्ज की गई है. ललित शर्मा नाम के एक अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया गया है. जल्द ही अन्य अभियुक्तों की भी गिरफ़्तारी हो जाएगी."
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अभियुक्तों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने सभी अभियुक्तों के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम यानी एनएसए के तहत कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं.
थाने में तहरीर
मृतक की बेटी ने बीबीसी को बताया कि सोमवार को जिस वक़्त यह घटना हुई, उस वक़्त उनके पिता अपने खेत में आलू की खुदाई करा रहे थे.
मृतक की बेटी का कहना था, "छेड़छाड़ की शिकायत की थी हम लोगों ने. उसमें ये जेल भी गए थे. उसी से दुश्मनी रखते थे. कई बार धमकाया भी हम लोगों को. हमने इसकी शिकायत भी की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. आख़िर में मेरे पिता को मार ही डाला उन लोगों ने."
मृतक की बेटी ने ही चार नामजद सहित छह लोगों के ख़िलाफ़ थाने में तहरीर दी थी, जिसके आधार पर एफ़आईआर दर्ज की गई है.
परिजनों के मुताबिक़, घटना के वक़्त मृतक की पत्नी और उनकी बेटी खेत पर उन्हें दोपहर का खाना पहुँचाने गई थीं.
मृतक की बेटी ने बताया, "इसी दौरान गौरव अपने साथियों के साथ सफ़ेद रंग की गाड़ी में आया और उन पर ताबड़तोड़ फ़ायरिंग करना शुरू कर दिया. मेरे पापा वहीं गिर गए और वे लोग गाड़ी लेकर फ़रार हो गए. हम लोग उन्हें ज़िला अस्पताल ले गए, लेकिन वे बच नहीं पाए."
परिजनों का आरोप
मृतक ने 16 जुलाई 2018 को अभियुक्त गौरव के ख़िलाफ़ घर में घुसकर बेटी से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली सासनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इस मामले में गौरव को 15 दिन की जेल भी हुई थी.
परिजनों का आरोप है कि जेल से रिहा होने के बाद गौरव मुक़दमे को वापस लेने का दबाव बना रहा था, लेकिन मृतक ने मुक़दमा वापस लेने से इनकार कर दिया था. दोनों परिवारों के बीच इसी वजह से रंजिश चल रही थी.
गिरफ़्तार अभियुक्त ललित शर्मा भी मुख्य अभियुक्त गौरव शर्मा के ही परिवार का है और उसे भी इस हत्याकांड में नामज़द किया गया है.
गौरव शर्मा मूल रूप से अलीगढ़ का रहने वाला है और हाथरस के नौजरपुर में उसके रिश्तेदार रहते हैं, जो मृतक के पड़ोसी हैं. गाँव वालों का कहना है कि इससे पहले दोनों पक्षों की महिलाओं में भी काफ़ी कहासुनी हुई थी, जिसके बाद ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया.
गाँव के एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "सुबह दोनों पक्षों में लड़ाई होने के बावजूद पुलिस ने कोई तत्परता नहीं दिखाई, जबकि अभियुक्तों ने मृतक के परिवार को जान से मार देने की भी धमकी दी थी. पुलिस को जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. पुलिस सक्रिय होती तो इस हत्याकांड को रोक सकती थी."
उत्तर प्रदेश में अपराध की घटनाएं
यूपी में रेप की घटनाओं के अलावा रेप पीड़ितों को जान से मारने और छेड़छाड़ की शिकायत करने पर धमकी देने या फिर मार देने की अब तक कई घटनाएँ हो चुकी हैं.
तीन दिन पहले ही सीतापुर में दो लोगों ने एक महिला से कथित तौर पर गैंगरेप किया और फिर उसे ज़िंदा जलाने की कोशिश की. इस मामले में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ़्तार भी किया है. पीड़ित महिला का गंभीर अवस्था में इलाज चल रहा है.
वहीं एक हफ़्ते पहले प्रयागराज में छेड़छाड़ की घटना से तंग आकर एक लड़की ने ख़ुदकुशी कर ली. लड़की के परिजनों के मुताबिक, इस बात की शिकायत कई बार पुलिस में भी की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
पिछले साल नवंबर में देवरिया ज़िले में बेटी के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. यूपी में मिशन शक्ति कार्यक्रम संचालित होने और महिला सुरक्षा के तमाम दावों के बावजूद लगातार हो रही ऐसी घटनाओं पर राज्य की क़ानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं.
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