चीन ने नष्ट किया एलएसी पर अपना हेलिपैड - प्रेस रिव्यू

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास फिंगर 5 पर बनाया अपने हेलिपैड और अस्थाई जेटी को चीन ने नष्ट कर दिया है.

अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार बीते साल भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ने के बाद चीन ने पैंगोन्ग त्सो झील के उत्तरी किनारे के पास फिंगर 5 पर हेलिपैड और अस्थाई जेटी बनाया था. साथ ही सेना के लिए भी किलेबंदी की जा रही थी.

लेकिन अब सेना के डिसइंगेजमेन्ट की प्रक्रिया के तहत चीन इन ढांचों को नष्ट कर रहा है.

हाल में दोनों देशों के बीच फरवरी 10 से पैंगोंग त्सो में डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनी थी. इसके तहत दोनों पक्षों को बीते साल अप्रैल के बाद लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल के पास फिंगर एरिया में बनाए सभी ढांचों को नष्ट करना और सेनाओं को अपनी पुराने पोज़ीशन पर लौटना है.

अख़बार के अनुसार डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया के तहत चीनी सेना पैंगोंग त्सो के उत्तर में मौजूद फिंगर 8 से पूर्व में श्रीजप प्लेन की तरफ लौट रही है है जबकि भारतीय सैनिक पश्चिम की तरफ फिंगर 2 और फिंगर 3 के बीच मौजूद धन सिंह थापा पोस्ट की तरफ लौट रही है.

अख़बार के मुताबिक़ चीनी सेना 80 मीटर लंबे उस बैनर को भी हटा रही है जिसमें चीनी भाषा में कुछ संकेत और नक्शे बने हुए थे. इस बैनर को फिंगर 5 और 6 के बीच लगाया गया था.

ज़मीन पर अपना दावा कर रही चीनी सेना के इस बैनर इस तरह बनाया गया था कि कि आसमान से विमान से भी इसे आसानी से देखा जा सके.

क्या 50 प्लस वालों को वैक्सीन मुफ्त मिल सकती है

आने वाले दो से तीन सप्ताह में भारत सरकार जल्द ही तीसरे अहम प्रायरिटी ग्रुप के लोगों यानी 50 साल की उम्र से अधिक के लोगों के कोरोना टीकाकरण की शुरूआत करने वाली है.

अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़बर के अनुसार सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन ने बताया है कि इस ग्रुप में आने वाले 26 करोड़ लोगों को टीका मुफ्त में दिया जाए या नहीं इस पर सरकार एक्सपर्ट ग्रुप से चर्चा कर रही है.

अख़बार के अनुसार उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्यों से चर्चा करने के बाद फ़ैसला लिया जाएगा.

50 साल से अधिक की उम्र वालों को वैक्सीन मुफ्त में देने के सवाल पर उन्होंने कहा, "जहां तक सरकार की इच्छाशक्ति की बात है तो केंद्र सरकार ने बजट में टीकाकरण के लिए 35,000 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया है. वित्त मंत्री ने ये भी कहा है कि आने वाले वक्त में ज़रूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया जा सकता है."

उन्होंने कहा कि 26 करोड़ लोगों को टीका कैसे दिया जाएगा इस पर एक्सपर्ट ग्रुप से बात कर रणनीति तैयार की जा रही है.

वहीं द हिंदू अख़बार में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार तमिलनाडु में स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के अलावा चुनाव के काम में लगने वालों को भी कोरोना की वैक्सीन दी जाएगी.

अख़बार लिखता है कि प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर जे राधाकृष्णन ने कहा है कि प्रदेश में जल्द विधानसभा चुनाव होने हैं और चुनाव के काम में जिन लोगों को लगाया जाएगा उन्हें भी फ्रंटलाइन वर्कर माना जाएगा.

चार बैंकों का होगा निजीकरण

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार भारत सरकार ने निजीकरण के लिए चार बैंकों के नाम शॉर्टलिस्ट किए हैं.

अख़बार ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से लिखा है कि निजीकरण के लिए बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ़ इंडिया, इंडियन ओवरसीज़ बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया का नाम शॉर्टलिस्ट किया है.

हालांकि अख़बार कहता है कि दो अधिकारियों ने नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर समाचार एजेंसी को बताया है कि अब तक ये मामला सार्वजनिक नहीं हुआ है.

अधिकारियों का कहना है कि इनमें से दो बैंकों को वित्त वर्ष 2021-22 में बेचा जाएगा.

अधिकारी के हवाले से अख़बार लिखता है कि सरकार बैंकों के निजीकरण की संभावनाएं देखना चाहती है इसलिए पहले छोटे और मझोले साइज़ के बैंकों का निजीकरण किया जाएगा. इसके बाद आने वाले सालों में देश के बड़े बैंकों का भी निजीकरण संभव है.

बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र में कुल कर्मचारियों की संख्या 13,000 के आसपास है और इसे बेचना आसान होगा, इस कारण हो सकता है कि इस बैंक का निजीकरण सबसे पहले हो.

ममता के 'मां किचन' में पांच रुपये में थाली

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश की मुख्यमंत्री और टीएमसी नेता ममता बनर्जी ने 'मां किचन' की शुरूआत की है जहां लोगों को पांच रुपये में खाना मिल सकेगा.

अख़बार एशियन एज में छपी ख़बर में चुनावों से पहले इसे ममता बनर्जी का मास्टरस्ट्रोक कहा गया है. शुरूआत में दक्षिण कोलकाता में दो 'मां किचन' खोले गए हैं.

अख़बार कहता है कि 'मां किचन' दोपहर 1 से 3 बजे के बीच लोगों को पांच रुपये की कीमत पर थाली मिल सकेगी. इसमें चावल, दाल, सब्ज़ी और एक अंडा होगा.

नबान्न प्रोजेक्ट के तहत शुरू की गई इस योजना में प्रति थाली पर राज्य सरकार 15 रुपये की सब्सिडी देगी और इसकी देखरेख का काम स्वयंसेवी समूह करेंगे. ममता बनर्जी ने कहा है कि इसके लिए राज्य के बजट में घोषणा की गई थी. आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में इस तरह के किचन बनेंगे.

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