अर्नब गोस्वामी ने मुझे 40 लाख रुपये दिए, पार्थो दासगुप्ता का दावा: प्रेस रिव्यू

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टीआरपी स्कैम में गिरफ्तार पार्थो दासगुप्ता ने मुंबई पुलिस को दिए एक हस्तलिखित बयान में दावा किया है कि अर्नब गोस्वामी ने अपने चैनल के पक्ष में टीआरपी रेटिंग्स के लिए उन्हें तीन साल में चालीस लाख रुपये दिए और उन्हें छुट्टियां बिताने के लिए 12 हज़ार अमेरिकी डॉलर दिए थे.
ये बात टीआरपी स्कैम में पेश की गई एक अतिरिक्त चार्जशीट में सामने आई है. अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में इस ख़बर को अपने पहले पेज़ पर जगह दी है.
अख़बार के मुताबिक़, 3600 पेजों की इस अतिरिक्त चार्जशीट में दासगुप्ता, ब्रॉडकास्ट ऑडिएंस रीसर्च काउंसिल (बार्क) रोमिल रमगढ़िया और रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के सीईओ विकास खनचंदानी के ख़िलाफ़ दायर की गई है. इससे पहले नवंबर 2020 को पुलिस ने जो चार्जशीट फाइल की थी जिसमें 12 लोगों के नाम थे.
इस चार्जशीट में बार्क की फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट, दासगुप्ता और गोस्वामी के बीच हुई कथित वॉट्सऐप चैट और 59 लोगों के बयान शामिल हैं. इसमें पूर्व काउंसिल कर्मचारी और केबल ऑपरेटर के बयान भी शामिल हैं.
इस ऑडिट रिपोर्ट में कई न्यूज़ चैनलों के नाम हैं जिनमें रिपब्लिक, टाइम्स नाउ, आज तक आदि शामिल हैं. इसके साथ ही उन मौकों का भी ज़िक्र है जब बार्क के उच्चाधिकारियों की ओर से रेटिंग्स की प्री-फिक्सिंग की गई और कथित रूप से छेड़छाड़ की गई.
दासगुप्ता ने अपने बयान में लिखा है, "मैं अर्नब गोस्वामी को 2004 से जानता हूं. हम टाइम्स नाउ में एक साथ काम किया करते थे. मैंने 2013 में बार्क के सीइओ का पदभार संभाला. अर्नब गोस्वामी ने साल 2017 में रिपब्लिक टीवी लॉन्च किया. रिपब्लिक टीवी लॉन्च करने से पहले भी वह मुझसे चैनल लॉन्च करने की योजनाओं पर चर्चा करते थे."
"वह परोक्ष रूप से हिंट दिया करते थे कि मैं उनके चैनल को अच्छी रेटिंग दिलाने में मदद करूं. गोस्वामी को ये अच्छी तरह पता था कि मैं ये जानता हूं कि टीआरपी सिस्टम कैसे काम करता है. उन्होंने मुझे इस बात का प्रलोभन दिया कि वह भविष्य में मेरी मदद करेंगे."
"मैंने अपनी टीम के साथ काम करके ये सुनिश्चित किया कि रिपब्लिक टीवी को 1 नंबर रेटिंग मिले. ये 2017 से 2019 तक चला होगा. इस दौरान 2017 में अर्नब गोस्वामी लोअर परेल स्थित सेंट रेजिस होटल में मुझसे व्यक्तिगत रूप से मिले और मेरे परिवार की फ्रांस एवं स्विट्ज़रलैंड ट्रिप के लिए 6000 अमेरिकी डॉलर दिए. इसके बाद 2019 में लोअर परेल स्थित सेंट रेजिस होटल में अर्नब व्यक्तिगत रूप से मिले और मेरे परिवार की स्वीडन एवं डेनमार्क यात्रा के लिए 6000 अमेरिकी डॉलर दिए. 2017 में ही अर्नब गोस्वामी आईटीसी होटल में मुझसे मिले और बीस लाख रुपये दिए, 2018 और 2019 में भी गोस्वामी मुझसे मिले और हर बार 10 लाख रुपये दिए."
पार्थो दासगुप्ता के वकील अर्जुन सिंह ने इस बयान का पूरी तरह खंडन किया है. उन्होंने कहा, "ये बयान जोर जबरदस्ती से दर्ज करवाया गया होगा और अदालत में टिक नहीं पाएगा. इसे सबूत के रूप में नहीं लिया जा सकता."
वहीं, अख़बार के अनुसार गोस्वामी की लीगल टीम ने इस पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया.

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सीमा विवाद पर चीन और भारत के बीच 9वें दौर की वार्ता
भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बीते रविवार मोल्डो इलाके में कमांडर स्तर की वार्ता हुई है.
बीते कई महीनों से सैन्य कमांडरों और राजनयिक स्तर पर जारी कोशिशों के बावजूद लद्दाख सेक्टर में स्थिति गंभीर बनी हुई है.
अंग्रेजी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़, एक बड़े अधिकारी ने कहा है कि ज़मीन पर इस समय वही स्थिति बनी हुई है जो कि अगस्त - सितंबर के महीने में थी. सैन्य स्तर की बातचीत से हल निकलने की संभावना कम दिखाई देती है. इसके साथ साथ राजनयिक स्तर के प्रयास जारी रहने ज़रूरी हैं.
इससे पहले की वार्ता छह नवंबर को हुई थी जिसमें दोनों पक्षों ने अलग-अलग फ्रिक्शन प्वॉइंट्स पर सेनाओं के बीच डिसइंगेजमेंट बढ़ाने को कर बात हुई थी.
एक अन्य अंग्रेजी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, इस दौर की वार्ता में उन तरीकों को तलाशने की कोशिशों पर बातचीत हुई जिनके ज़रिए मॉस्को में एस जयशंकर और वेंग यी के बीच हुए पांच बिंदू के समझौते को अमली जामा पहनाया जा सके.

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भारतीय सड़कों का इस्तेमाल कर रहे हैं चीनी
लद्दाख क्षेत्र के एक ग्रामप्रधान ने चीनी गाड़ियों के भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की बात कही है.
अंग्रेजी अख़बार द हिंदू में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, सीमावर्ती गाँव के प्रधान उर्गेन सेवांग ने अख़बार के साथ एक वीडियो शेयर किया है जिसमें 16 दिसंबर 2020 को दो चीनी वाहनों को सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों ने आगे नहीं बढ़ने दिया. अख़बार के अनुसार 10 दिसंबर के एक अन्य वीडियो में कुछ चीनी नागरिक सीमावर्ती इलाके की तस्वीरें लेते दिख रहे हैं, और उनकी गाड़ियां पास ही खड़ी हुई दिख रही हैं.
इन वीडियोज़ को रिकॉर्ड करने वाले उर्गेन बताते हैं कि चरवाहे जब सर्दियों में अपने जानवरों को चराने पहुंचे तो चीनी लोगों ने उन्हें इलाका खाली करने को कहा.
जल्द शुरू होगा रिमोट वोटिंग प्रोजेक्ट का मॉक टेस्ट
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने रविवार को कहा है कि चुनाव आयोग के रिमोट वोटिंग परियोजना का मॉक ट्रायल जल्द शुरू होगा.
अंग्रेजी अख़बार द हिंदू में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, अरोरा ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर ये बात कही है.
उन्होंने कहा है कि "हमने रिमोट वोटिंग के लिए आईआईटी चेन्नई समेत अन्य संस्थाों के साथ मिलकर एक रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू क्रिया है. इसमें अच्छी प्रगति हुई है. इसके मॉक ट्रायल्स जल्दी शुरू होंगे."
ख़बर के मुताबिक़, साल 2020 में जब ये प्रोजेक्ट शुरू हुआ था तो चुनाव आयोग के अधिकारी ने बताया था कि आईआईटी मद्रास जो सिस्टम बना रही है, वह डेज़िगनेटेड सेंटर्स पर पर द्विपक्षीय वोटिंग के लिए ब्लॉक चेन पर काम करता है.
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