राम मंदिर के लिए बीजेपी दंगा प्रभावित इलाक़ों से चंदा बटोरेगी – प्रेस रिव्यू

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक दंगों के तक़रीबन एक साल के बाद बीजेपी राम मंदिर निर्माण के चंदे के लिए एक अभियान शुरू करने जा रही है.

द इंडियन एक्सप्रेस अख़बार लिखता है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली सीट से बीजेपी सांसद और पूर्व प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने अपने संसदीय क्षेत्र में एक नाइन सीटर वैन के ज़रिए चंदा इकट्ठा करने की योजना बनाई है. यह वैन दंगा प्रभावित इलाक़ों में भी जाएगी जिनमें अल्पसंख्यक बहुल इलाक़े भी शामिल हैं.

बीजेपी सांसद तिवारी ने कहा कि यह 'श्री राम जन्मभूमि निर्माण निधि अभियान' है और यह 1 फ़रवरी को उनके जन्मदिन पर शुरू होगा.

उन्होंने कहा, "भव्य राम मंदिर के निर्माण में योगदान के लिए मैं समाज के हर वर्ग के पास जाऊंगा. अल्पसंख्यक समुदाय के कई भाई और बहनें हैं जो इसमें योगदान देना चाहते हैं और मैं उनके घरों, दुकानों और संस्थानों के पास भी जाऊंगा."

पिछले साल उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाक़ों में हुए सांप्रदायिक दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे.

बीजेपी सांसद के सहायक नीलकंठ बक्शी कहते हैं कि यात्रा तिमारपुर से शुरू होकर चांद बाग़ और यमुना विहार तक जाएगी. चांद बाग़ और तिमारपुर दंगा प्रभावित इलाक़ों में शामिल थे.

नाइन सीटर वैन को एक रथ की शक्ल देने की भी योजना है जिस पर भगवान राम और मंदिर के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की तस्वीरें होंगी.

माल्या ने ब्रिटेन में रुकने के लिए आवेदन किया

भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने ब्रिटेन में रुकने के लिए गृह मंत्री प्रीति पटेल के पास आवेदन किया है. यह किस तरह की अपील है यह अभी तक साफ़ नहीं है.

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार के मुताबिक़, दिवालियापन मामले में उनके वकील ने लंदन में हाईकोर्ट के सामने इसकी पुष्टि की है. 65 वर्षीय शराब कारोबारी की भारत प्रत्यर्पण रोकने की अपील को ब्रिटेन का सुप्रीम कोर्ट पिछले साल ही ख़ारिज कर चुका है.

भारत में उन पर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले हैं और उनको प्रत्यर्पित किया जाना है. गृह मंत्री प्रीति पटेल के आदेश के बाद उन्हें भारत भेजा जा सकता है लेकिन फ़िलहाल वो ज़मानत पर हैं.

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि प्रत्यर्पण आदेश को अमल में लाने से पहले एक गोपनीय क़ानूनी प्रक्रिया जारी है. इसके बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि माल्या ने ब्रिटेन में शरण माँगी है. इसकी ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने न ही पुष्टि की और न ही इसे ख़ारिज किया है.

किसानों की रैली में 1,00,000 ट्रैक्टर आने की संभावना

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों का कहना है कि 26 जनवरी को होने वाली ट्रैक्टर रैली एक ऐतिहासिक मार्च होगा जिसमें 1 लाख से अधिक ट्रैक्टरों के शामिल होने की संभावना है.

द इकोनॉमिक टाइम्स में छपी ख़बर के अनुसार, गणतंत्र दिवस पर आउटर रिंग रोड पर 50 किलोमीटर तक यह ट्रैक्टर जाएंगे जिसमें राजघाट से भी यह प्रदर्शन गुजरेगा.

किसान नेता कुलवंत संधू का कहना है कि किसान संगठनों ने पंजाब और हरियाणा में अपील की है कि 24 जनवरी तक कोई भी ट्रैक्टर या युवा घर में न रहें और वो सब दिल्ली पहुँचने चाहिए.

संधू ने कहा कि युवाओं से कहा गया है कि वे ट्रैक्टर और ट्रॉली लेकर आएं जो पूरी तरह ढकी हों और उनमें रजाई-गद्दों का बंदोबस्त हो क्योंकि 'हमें एक लंबे आंदोलन के लिए संघर्ष करना है और सरकार को अपनी ताक़त दिखाकर उन पर दबाव बनाएं और क़ानूनों को रद्द कराकर अपनी सफलता के साथ घर जाएं.'

अख़बार लिखता है कि ख़ुफ़िया रिपोर्टों के अनुसार 26 जनवरी को दिल्ली में डेढ़ लाख ट्रैक्टर दाख़िल होने के लिए तैयार रहेंगे.

लांसेट ने कोवैक्सीन को पाया लाभदायक

भारत बायोटेक की कोविड-19 की वैक्सीन 'कोवैक्सीन' पर विवाद के बाद अब प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल लांसेट इन्फ़ेक्शियस डिज़ीज़ ने कहा है कि पहले चरण के ट्रायल में पाया गया है कि यह वैक्सीन इम्यून रिस्पॉन्स को बढ़ाती है.

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार के अनुसार, इस वैक्सीन के सुरक्षित परिणाम देखने को मिले हैं. इस 'स्वदेशी वैक्सीन' से जुड़े आंकड़ों को लांसेट में प्रकाशित किया गया है जिसकी पुष्टि भारत बायोटेक की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर सुचित्रा इला ने की है.

भारत बायोटेक आईसीएमआर और पुणे की नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी के साथ मिलकर इस वैक्सीन को बना रहा है.

जर्नल के मुताबिक़, सभी समूहों में इसका असर पाया गया है और इसके कोई गंभीर विपरीत असर नहीं देखे गए हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)