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चीन ने एलएसी के पार पूर्वी लद्दाख से हटाए 10,000 सैनिक: प्रेस रिव्यू
चीन ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पार से अपने 10,000 सैनिकों को वापस बुला लिया है.
अख़बार हिंदू ने इस बारे में समाचार एजेंसी एएनआई की एक ख़बर को प्रकाशित किया है.
इसमें सरकारी स्रोतों के हवाले से कहा गया है कि चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी के पास से संभवतः कड़ी ठंड की वजह से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है.
चीनी सेना इस इलाक़े में अपने जवानों को ट्रेनिंग दिया करती है.
हालाँकि, मोर्चे पर उसके सैनिक अब भी तैनात हैं. साथ ही वहाँ पिछले साल मई में भारत और चीन के बीच भड़के तनाव के बाद से तैनात भारी बंदोबस्त भी बरक़रार है.
ख़बर के मुताबिक़ लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर का ये ट्रेनिंग का इलाक़ा एलएसी के भारतीय हिस्से से लगा है.
भारतीय सेना ने भी चीनी बंदोबस्त को देखते हुए वहाँ भारी साज़ो-सामान और लगभग 50,000 सैनिकों को तैनात किया हुआ है.
'आप' विधायक सोमनाथ भारती यूपी में गिरफ़्तार
उत्तर प्रदेश के अस्पतालों के बारे में कथित विवादास्पद बयान देने के मामले में दिल्ली के पूर्व क़ानून मंत्री सोमनाथ भारती को रायबरेली में गिरफ़्तार किया गया है.
सोमवार को उनकी गिरफ़्तारी रायबरेली के एक गेस्ट हाउस से की गई. इससे पहले गेस्ट हाउस में ही उन पर स्याही भी फेंकी गई. बीते हफ़्ते भारती ने यूपी के सरकारी अस्पतालों की स्थिति पर टिप्पणी की थी.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक रविवार को अमेठी के जगदीशपुर थाने में कई आरोपों के साथ उन पर एक मामला दर्ज किया गया. सोमनाथ भारती पर स्याही फेंके जाने की घटना के बाद ही जगदीशपुर थाने में दर्ज मामले में उन्हें गिरफ़्तार करने पुलिस की टीम गेस्ट हाउस पहुँच गई.
अख़बार के मुताबिक पुलिस ने सोमनाथ भारती के साथ ही स्याही फेंकने वाले युवक को भी गिरफ़्तार किया है.
बाद में सोमनाथ भारती को सुल्तानपुर ज़िले की एक अदालत में पेश किया गया. वहाँ उनकी जमानत अर्जी ख़ारिज कर दी गई और 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया. अब इस मामले में 13 जनवरी को सुनवाई होगी.
पीडीपी के वहीद पर्रा फिर गिरफ़्तार
पीडीपी की युवा इकाई के अध्यक्ष वहीद पर्रा को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बार फिर गिरफ़्तार कर लिया है.
द हिंदू की ख़बर के मुताबिक वहीद पर्रा को नेताओं, अलगाववादी ताक़तों और आतंकवादियों के साथ कथित साठगांठ से जुड़े एक मामले में गिरफ़्तार किया गया है.
अख़बार के मुताबिक पर्रा को जम्मू की एक अदालत में पेश किया गया और वहाँ उन्हें सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. इसके बाद पारा को पूछताछ के लिए श्रीनगर ले जाया गया.
दक्षिण कश्मीर से पर्रा ने हाल ही में ज़िला विकास परिषद का चुनाव जीता है. तीन दिन पहले ही उन्हें राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) की एक अदालत ने ज़मानत दी थी.
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने वहीद पर्रा की गिरफ़्तारी को उनकी पार्टी के ख़िलाफ़ 'राजनीतिक प्रतिशोध' के तहत उठाया गया कदम बताया है.
महबूबा ने ट्वीट किया, "सबूत नहीं होने की वजह से एनआइए की अदालत से जमानत मिलने के बाद अब सीआइके (काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर) ने वहीद पर्रा पर यूएपीए के तहत आतंकवाद के फ़र्ज़ी आरोपों में एक और मामला दर्ज कर दिया है. केंद्र सरकार के हमलों के ख़िलाफ़ आवाज उठाने की वजह से पीडीपी पर राजनीतिक प्रतिशोध के तहत यह कार्रवाई की गई है."
अभय चौटाला का सशर्त इस्तीफ़ा
द ट्रिब्यून की ख़बर के मुताबिक केंद्र सरकार के तीन नए कृषि क़ानूनों के विरोध में इनेलो के एकमात्र विधायक अभय चौटाला ने हरियाणा विधानसभा से सशर्त इस्तीफ़ा दे दिया है.
अभय चौटाला ने क़रीब एक हफ़्ते पहले यह एलान किया था कि किसानों के हित में वे इस्तीफ़ा देने से पीछे नहीं हटेंगे.
उन्होंने विधानसभा स्पीकर को एक पत्र के ज़रिए अपना सशर्त इस्तीफ़ा सौंपा. चौटाला ने लिखा, "भारत सरकार अगर इन तीन काले क़ानूनों को 26 जनवरी 2021 तक वापस नहीं लेती है तो इस पत्र को मेरा त्याग पत्र समझा जाए."
उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि "इन क़ानूनों का व्यापक विरोध हो रहा है, आंदोलन होते 47 दिन से भी अधिक हो गए हैं, कड़ाके की ठंड में लाखों की संख्या में किसान दिल्ली को चारों तरफ से घेरे बैठे हैं, किसानों और सरकार के बीच आठ दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन इन काले क़ानूनों को वापस लेने के बारे में सरकार ने सहमति नहीं दिखाई है, सरकार ने जिस तरह की परिस्थिति बनाई है उसे देखते हुए मुझे नहीं लग रहा कि मैं विधानसभा में एक ज़िम्मेवार सदस्य के रूप में कोई भूमिका नहीं निभा सकता."
अभय चौटाला के इस्तीफ़े के बाद जननायक जनता पार्टी (जजपा) के विधायक जोगी राम सिहाग ने भी कहा है कि अगर किसान चाहेंगे तो वे भी इस्तीफ़ा देने में देर नहीं लगाएंगे. इससे पहले दादरी से निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान ने पहले पशुधन विकास बोर्ड से इस्तीफ़ा दिया और फिर सरकार के समर्थन वापस ले लिया.
एक अन्य निर्दलीय विधायक धर्मपाल गोंदर भी किसानों के समर्थन का एलान कर चुके हैं. वहीं निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू भी सरकार से समर्थन वापस लेकर किसान आंदोलन के साथ हो चुके हैं.
चार महिला पायलटों ने रचा इतिहास
एयर इंडिया की महिला पायलटों ने अमेरिका के सैन फ्रांसिसको से बेंगलुरु तक की 17 घंटे की लंबी उड़ान भर इतिहास बना दिया है. भारतीय एयरलाइंस की यह सबसे लंबी उड़ान है. साथ ही इसमें सभी पायलट महिला हैं. यह यात्रा 16 हज़ार किलोमीटर की रही.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया को इस उड़ान की कप्तान ज़ोया अग्रवाल ने कहा, "हमने न केवल हमने उत्तरी ध्रुव के ऊपर से उड़ान भरी बल्कि इस उड़ान में सभी चार पायलट महिला थीं और हमने सफलतापूर्वक यह कर दिखाया. साथ ही इस रूट पर उड़ान से 10 टन ईंधन की बचत भी हुई."
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने चारों महिला पायलटों कैप्टन ज़ोया अग्रवाल, कैप्टन पापागरी तन्मई, कैप्टन आकांक्षा सोनावरे और कैप्टन शिवानी मिन्हास को बधाई दी.
वहीं एयर इंडिया ने जहाँ अपने पायलटों का उनकी इस उपलब्धि के बाद स्वागत किया वहीं इस विमान AI176 में सफर करने वाले यात्रियों को भी इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने पर बधाई दी.
एयर इंडिया के विमान एआई176 ने सैन फ्रांसिस्को के समयानुसार शनिवार की रात क़रीब साढ़े आठ बजे उड़ान भरी थी. उत्तरी ध्रुव के ऊपर से उड़ान भरते हुए यह सोमवार को क़रीब चार बजे शाम को बेंगलुरु केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा.
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