बिहार चुनाव: युवाओं के सपने को साकार किया जाएगा- तेजस्वी यादव

243 सीटों वाली बिहार विधानसभा के लिए आज पहले चरण का मतदान पूरा हो गया है. बिहार विधानसभा चुनाव भारत में कोराना महामारी के बीच पहला चुनाव है.

पहले चरण के मतदान में बिहार के 16 ज़िलों की कुल 71 सीटों पर वोटिंग हुई.

चुनाव आयोग के अनुसार शाम छह बजे तक 53.54 प्रतिशत वोट डाले गए हैं. चुनाव आयोग की तरफ़ से फ़ाइनल आंकड़े आने के बाद एक-आध फ़ीसद का अंतर हो सकता है.

सबसे अधिक मतदान बांका ज़िले के धौरय्या विधान सभा सीट पर हुआ जहां 62.50 प्रतिशत वोट डाले गए. सबसे कम वोट भोजपुर ज़िले की संदेश सीट पर डाले गए जहां शाम छह बजे तक 43.80 प्रतिशत वोट पड़े.

पहले चरण के मतदान के बाद महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने बिहार के वोटरों का शुक्रिया अदा किया.

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि युवाओं के सपनों को साकार किया जाएगा.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अगर लोग एनडीए को सत्ता में लाते हैं तो बिहार का विकास होगा.

उन्होंने ट्वीट किया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार को एक विकसित राज्य बना देंगे, अगर जनता एनडीए को सत्ता में लाती है."

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बिहार की जनता फिर एक बार भारी बहुमत से एनडीए की सरकार बनाने वाली है.

लेकिन एक तरफ़ जहां पहले चरण के लिए वोट डाले जा रहे थे, वहीं दूसरे चरण के प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी दोनों ही आज बिहार में थे.

मोदी ने दरभंगा, मुज़फ़्फ़पुर और पटना में चुनावी रैली की.

मोदी ने अपने भाषणों में लालू परिवार पर निशाना साधा. उन्होंने तेजस्वी को जंगलराज का युवराज बताया.

मोदी ने कहा, "वो दल जिन्होंने बिहार को अराजकता दी, कुशासन दिया वो फिर मौक़ा खोज रहे हैं. जिन्होंने बिहार के नौजवानों को ग़रीबी और पलायन दिया, सिर्फ़ अपने परिवार को हज़ारों करोड़ का मालिक बना दिया, वो फिर मौक़ा चाहते हैं."

राहुल गांधी ने दरभंगा और वाल्मिकीनगर में रैली की. राहुल ने अपने भाषणों में नरेंद्र मोदी पर हमले किए.

वाल्मिकीनगर में राहुल गांधी ने कहा, "दशहरे में रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं. पहली बार देखने को मिला कि पंजाब में दशहरे पर नरेंद्र मोदी जी, अंबानी जी, अदानी जी के पुतले जलाए गए. नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और दुख की बात है कि दशहरे पर प्रधानमंत्री का पुतला जलाया गया."

राहुल ने मोदी पर हमला करते हुए कहा, "हम देश चलाना जानते हैं. किसानों के साथ खड़ा होना जानते हैं. युवाओं को रोज़गार देना जानते हैं.हम झूठ बोलना नहीं जानते हैं, हम झूठ बोलने में बीजेपी का मुक़ाबला नहीं कर सकते."

पहले चरण का मतदान

एनडीए की तरफ़ से नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू 35 सीट, बीजेपी 29, जीतन राम मांझी की हम-एस छह और मुकेश सहनी की वीआईपी एक सीट पर चुनाव लड़ रही थी.

वहीं महागठबंधन की तरफ़ से आरजेडी 42, कांग्रेस 21 और सीपीआईएमएल आठ सीटों पर मैदान में थी.

पहले चरण में लोक जनशक्ति पार्टी 41 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी. पार्टी ने पहले चरण में जेडीयू के सभी 35 और जीतन राम मांझी के छह उम्मीदवारों के ख़िलाफ़ अपने प्रत्याशी खड़े किए थे.

इस बार लोक जनशक्ति पार्टी एनडीए से बाहर है. चिराग़ पासवान नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ वोट देने की अपील कर रहे हैं.

पहले चरण के मतदान में 2.14 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं.

इनमें से कई ज़िले माओवादी अतिवाद से ग्रसित थे. दूसरे चरण का मतदान तीन और आख़िरी चरण का मतदान सात नवंबर को है. बिहार के चुनावी नतीजे 10 नवंबर को आएंगे.

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प्रमुख उम्मीदवार

पहले चरण के चुनाव में गया टाउन विधानसभा सीट पर सबसे ज़्यादा 27 उम्मीदवार क़िस्मत आज़मा रहे थे जबकि बांका ज़िले के कटोरिया विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम पाँच उम्मीदवार मैदान में थे.

पहले चरण के चुनाव में कई प्रमुख नेता मैदान में थे. जमुई से राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाज़ी में गोल्ड मेडल जीतने वाली 27 साल की श्रेयसी सिंह बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रही थी. श्रेयसी सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की बेटी हैं.

जमुई लोकसभा क्षेत्र से चिराग़ पासवान सांसद हैं और उन्होंने श्रेयसी सिंह का समर्थन किया है. श्रेयसी को आरजेडी के विजय प्रकाश यादव टक्कर दे रहे थे.

विजय प्रकाश यादव जमुई से 2015 में विधायक चुने गए थे. विजय प्रकाश यादव पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश यादव के भाई हैं. जयप्रकाश यादव की बेटी दिव्या प्रकाश भी तारापुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रही थी.

इसके अलावा गया टाउन से बीजेपी के प्रेम कुमार, विजय कुमार सिन्हा लखीसराय से, बाँका से रामनारायण मंडल, जहानाबाद से कृष्णानंदन प्रसाद सिन्हा, दिनारा से जयकुमार सिंह और राजपुर से संतोष कुमार निराला चुनावी मैदान में थे.

इमामगंज से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी मैदान में थे और उन्हें आरजेडी से विधानसभा के पूर्व स्पीकर उदय नारायण चौधरी टक्कर दे रहे थे. उदय नारायण चौधरी जेडीयू से आरजेडी में आए हैं.

मुक़ाबला

बिहार चुनाव में इस बार मुख्य मुक़ाबला नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए और तेजस्वी के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच है.

नीतीश कुमार लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए जनादेश मांग रहे हैं.

राष्ट्रीय जनता दल यानी आरजेडी के नेतृत्व वाले गठबंधन में कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां हैं. इस गठबंधन ने बिहार चुनाव में बेरोज़गारी और कोरोना महामारी की शुरुआत में लगे लॉकडाउन से उपजे हालात को चुनावी मुद्दा बनाया है.

तेजस्वी यादव विपक्ष के मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं और उन्होंने 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया है.

दूसरी तरफ़ नीतीश कुमार पिछले 15 सालों से बिहार के मुख्यमंत्री हैं और उनके ख़िलाफ़ सत्ता विरोधी लहर की बात भी कही जा रही है.

नीतीश कुमार चुनावी सभाओं में कह रहे हैं कि उनकी हार से बिहार में कथित 'जंगल राज' की वापसी हो जाएगी.

नीतीश से पहले बिहार में लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी के शासनकाल को मीडिया के एक धड़े में और विपक्षी पार्टियों के बीच 'जंगल राज' कहा जाता था.

दूसरी ओर 30 साल के तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को रोज़गार और शिक्षा के मुद्दे पर जमकर घेरा है.

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