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महागठबंधन के घोषणापत्र में कृषि क़ानून समाप्त करने का वादा- बिहार चुनाव की बड़ी ख़बरें
बिहार चुनावों के लिए महागठबंधन ने साझा घोषणापत्र शनिवार को जारी किया. इसका नाम 'प्रण हमारा, संकल्प बदलाव का' दिया गया है. घोषणा पत्र में 25 सूत्रीय साझा कार्यक्रम तय किया गया है.
पटना में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में महागठबंधन पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव, बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल और कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत कई नेता मौजूद थे.
तेजस्वी ने घोषणापत्र ट्वीट करके भी इसकी जानकारी दी.
घोषणापत्र जारी करने के दौरान रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि अगर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बिहार में सरकार बनती है तो महागठबंधन तीन कृषि विरोधी क़ानूनों को समाप्त करने के लिए पहले विधानसभा सत्र में एक विधेयक पारित करेगा.
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस दौरान बीजेपी पर नफ़रत की राजनीति करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि ये चुनाव नई दशा बनाम दुर्दशा का चुनाव है, ये चुनाव नया रास्ता और नया आसमान बनाम हिन्दू-मुसलमान का चुनाव है, ये चुनाव नए तेज़ बनाम फ़ेल तजुर्बे की दुहाई का चुनाव है, ये चुनाव खुद्दारी और तरक्की बनाम बंटवारा और नफ़रत का चुनाव है.
सुरजेवाला ने कहा, "ध्यान भटकाने के लिए भाजपा नफ़रत की फैक्ट्री में विवाद बना रही है. हमारे जाले के उम्मीदवार ने जिन्ना की विचारधारा का कभी साथ नहीं दिया. जब वह एएमयू के छात्र थे, तो उन्होंने एएमयू, संसद और बॉम्बे हाई कोर्ट से जिन्ना के चित्र हटाने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने कभी इसका जवाब नहीं दिया."
इससे पहले बिहार में जाले विधानसभा से मशकूर उस्मानी को कांग्रेस का टिकट दिए जाने पर सवाल उठाया गया था. बीजेपी ने आरोप लगाया था कि मशकूर उस्मानी जिन्ना समर्थक हैं तो क्या कांग्रेस भी जिन्ना का समर्थन करती है.
घोषणापत्र में क्या
इस घोषणापत्र में 10 लाख स्थाई नौकरियों की समय पर बहाली की प्रक्रिया को पहली ही कैबिनेट बैठक से शुरू करने का वादा किया गया है.
शिक्षा क्षेत्र पर ध्यान देते हुए बजट का 12 प्रतिशत इस पर खर्च किया जाएगा. प्राथमिक स्कूलों में 30 बच्चों और माध्यमिक स्कूलों में 35 बच्चों पर एक शिक्षक होंगे.
वहीं, मनरेगा के तहत प्रति परिवार के बजाय प्रति व्यक्ति को 100 से बढ़ाकर 200 दिन प्रतिवर्ष काम दिया जाएगा. मनरेगा की ही तर्ज पर राज्य की रोज़गार योजना बनाने का भी आश्वासन दिया गया है.
इस संकल्प पत्र में समान काम और समान वेतन के वादे को दोहराया गया है.
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