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किसानों के विरोध के बीच सरकार का एमएसपी बढ़ाने का फ़ैसला - आज की बड़ी ख़बरें
सरकार ने फ़सलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को बढ़ाने का फै़सला किया है. कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने इस पर मंजूरी दे दी है. कृषि मंत्री ने रबी की छह फ़सलों की नई एमएसपी जारी की है.
यह फ़ैसला तब लिया गया है जब कृषि संबंधी नए विधेयकों को लेकर किसान चिंतित है कि इससे मौजूदा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर असर पड़ने वाला है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फ़ैसले को लेकर ट्वीट किया है कि, "बढ़ा हुआ एमएसपी किसानों को सशक्त करेगा और उनकी आय दोगुनी करने में योगदान देगा. संसद में पारित कृषि सुधारों से संबंधी क़ानून के साथ-साथ बढ़ा हुआ एमएसपी किसानों की गरिमा और समृद्धि सुनिश्चित करेगा. जय किसान!"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रियों की ओर से इस बात के आश्वासन के बावजूद कि नए क़ानून से एमएसपी पर असर नहीं पड़ेगा, किसान इस मुद्दे को लेकर विरोध कर रहे हैं.
गेंहू के एमएसपी में प्रति क्विंटल 50 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है. इसके बाद इस सीजन से गेंहू का एमएसपी प्रति क्विंटल 1975 रुपये हो जाएगा. गेंहू पंजाब और हरियाणा की प्रमुख फ़सल है. इन्हीं दो राज्यों में किसान सबसे ज्यादा कृषि विधेयकों के ख़िलाफ़ आंदोलनरत हैं.
गेंहू के अलावा तिलहन के एमएसपी में भी 225 रुपये प्रति क्विंटल का इज़ाफ़ा किया गया है. इस बढ़ोत्तरी के बाद तिलहन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4,650 रुपये हो जाएगा.
चना और मसूर के एमएसपी में भी इज़ाफ़ा किया गया है. चना के एमएसपी में जहां प्रति क्विंटल 225 रुपये तो वहीं मसूर के एमएसपी में सबसे ज़्यादा 300 रुपये का इज़ाफ़ा किया गया है.
ताजमहल के दीदार को नहीं पहुँचे पर्यटक
छह महीने के बाद ताज महल पर्यटकों के लिए खुल तो गया है लेकिन बहुत कम पर्यटक ताजमहल देखने पहुँचे हैं.
अमूमन ताजमहल के अंदर जाने के लिए लंबी लाइन लगी रहती है लेकिन सोमवार को इसका दीदार करने बहुत कम लोग पहुँचे.
ताजमहल की देखरेख में जुटे अधिकारी पर्यटकों की बाट जोहते रहे लेकिन गिने-चुने पर्यटक ही पहुँचे.
आज तक इतने दिनों के लिए कभी ताज महल बंद नहीं हुआ था.
कोरोना की वजह से सुरक्षा के लिहाज से ग्रुप फ़ोटो पर पाबंदी लगी हुई है और प्रवेश के समय पर्यटकों के शरीर का तापमान लिया जा रहा है और डिजिटल टिकट दिए जा रहे हैं.
फिलहाल एक दिन में ताजमहल को देखने के लिए पांच हज़ार पर्यटकों को ही जाने की इजाज़त है.
कृषि बिल किसान मंडियों के ख़िलाफ़ नहीं हैः पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नया कृषि विधेयक मंडियों के ख़िलाफ़ नहीं है और जो कह रहा है कि ऐसा नहीं है वो किसानों से सरासर झूठ बोल रहा है.
पीएम मोदी ने बिहार में कुछ परियोजनाओं का एलान करते हुए अपने संबोधन में कृषि बिल पर विस्तार से सफ़ाई दी. उनके संबोधन की मुख्य बातें -
- नए कृषि सुधारों ने देश के हर किसान को आजादी दे दी है कि वो किसी को भी, कहीं पर भी अपनी फसल, अपने फल-सब्जियां बेच सकता है. अब उसे अगर मंडी में ज्यादा लाभ मिलेगा, तो वहां अपनी फसल बेचेगा. मंडी के अलावा कहीं और से ज्यादा लाभ मिल रहा होगा, तो वहां बेचने पर भी मनाही नहीं होगी.
- ये कानून, ये बदलाव कृषि मंडियों के खिलाफ नहीं हैं. कृषि मंडियों में जैसे काम पहले होता था, वैसे ही अब भी होगा. बल्कि ये हमारी ही एनडीए सरकार है जिसने देश की कृषि मंडियों को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर काम किया है.
- हमारे देश में अब तक उपज बिक्री की जो व्यवस्था चली आ रही थी, जो कानून थे, उसने किसानों के हाथ-पांव बांधे हुए थे. इन कानूनों की आड़ में देश में ऐसे ताकतवर गिरोह पैदा हो गए थे जो किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे थे.आखिर ये कब तक चलता रहता?
- मैं देश के प्रत्येक किसान को इस बात का भरोसा देता हूं कि MSP की व्यवस्था जैसे पहले चली आ रही थी, वैसे ही चलती रहेगी. इसी तरह हर सीजन में सरकारी खरीद के लिए जिस तरह अभियान चलाया जाता है, वो भी पहले की तरह चलते रहेंगे.
- कृषि क्षेत्र में इन ऐतिहासिक बदलावों के बाद, कुछ लोगों को अपने हाथ से नियंत्रण जाता हुआ दिखाई दे रहा है. इसलिए अब ये लोग MSP पर किसानों को गुमराह करने में जुटे हैं. ये वही लोग हैं, जो बरसों तक MSP पर स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को अपने पैरों की नीचे दबाकर बैठे रहे.
पिछले 24 घंटों में भारत में संक्रमण के 86,961 नए मामले
पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के रिपोर्ट हुए 86,961 नए मामलों के साथ सोमवार को देश में संक्रमण से प्रभावित लोगों की संख्या 54,87,581 पहुंच गई.
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में कोरोना ने 1130 लोगों की जान ली है. देश में इस समय कोरोना संक्रमण के 10,03,299 सक्रिय मामले हैं और 49,96,399 लोग संक्रमण के बाद स्वस्थ हुए हैं.
भारत में इस महामारी के कारण अब तक 87,882 लोगों की जान जा चुकी है.
महाराष्ट्र देश में इस समय कोरोना महामारी से सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्य बना हुआ है. वहां इस समय कोरोना संक्रमण के 297,866 सक्रिय मामले हैं. महाराष्ट्र में कोरोना के कारण 32,216 लोगों की जान जा चुकी है.
महाराष्ट्र के बाद महामारी से दूसरा सबसे प्रभावित राज्य कर्नाटक है जहां कोरोना संक्रमण के 95,583 सक्रिय मामले हैं. कर्नाटक में महामारी की वजह से 7922 लोगों की जानें गई हैं.
इस बीच इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च ने बताया कि रविवार को 731,534 सैंपल्स के कोरोना टेस्ट किए गए जबकि अभी तक देश भर में 643,92,594 सैंपल्स का कोरोना टेस्ट किया जा चुका है.
राज्यसभा के आठ सदस्य निलंबित
राज्यसभा के चेयरमैन एम वेंकैया नायडू ने सदन के आठ सदस्यों को उनकी अनुशासनहीनता के लिए निलंबित कर दिया है.
राज्यसभा के ये सदस्य हैं- डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, राजू सातव, केके रागेश, रिपुन बोरा, डोला सेन, सैयद नज़ीर हुसैन और इलामारन करीम.
एम वेंकैया नायडू के फ़ैसले के मुताबिक़ राज्यसभा सांसदों के निलंबन का ये फ़ैसला हफ़्ते भर के लिए लागू रहेगा. सभापति ने कहा, "डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, राजू सातव, केके रागेश, रिपुन बोरा, डोला सेन, सैयद नज़ीर हुसैन और इलामारन करीम को चेयर के प्रति ख़राब बर्ताव करने पर हफ़्ते भर के लिए निलंबित किया गया है."
इसके बाद सांसदों के हंगामा करने पर सभापति ने राज्यसभा की कार्यवाही दस बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
इसके अलावा वेंकैया नायडू ने उपसभापति हरिवंश के ख़िलाफ़ विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, "कल राज्यसभा के लिए बुरा दिन था. कुछ सदस्य सभापति के आसान के सामने चले आए थे. उपसभापति को डराया गया. उन्हें उनके कर्तव्य पालन से रोका गया. ये दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है. मेरी सांसदों से अपील है कि उन्हें इसका आत्मावलोकन करना चाहिए."
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 8 सांसदों के निलंबन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और कहा है कि ये सरकार की निरंकुश मानसिकता को दर्शती है है जो लोकतांत्रिक मूल्यों और सिद्धांतों का सम्मान नहीं करती.
पायल घोष के आरोपों का अनुराग कश्यप के वकील ने दिया जवाब
अभिनेत्री पायल घोष के आरोपों को फ़िल्ममेकर अनुराग कश्यप के वकील ने 'पूरी तरह से झूठ, दुर्भावनापूर्ण और धोखा' बताया है.
अनुराग कश्यप की वकील प्रियंका खिमानी की तरफ़ से ये बयान पायल घोष के ये कहने के बाद आया है कि वो सोमवार को ओशीवारा पुलिस स्टेशन में एफ़आईआर दर्ज़ कराएंगी. इस बीच अनुराग कश्यप ने ट्विटर पर अपनी वकील का बयान शेयर किया है.
बयान में कहा गया है, "मेरे क्लाइंट अनुराग कश्यप हाल ही में सामने आए यौन दुर्व्यवहार के झूठे आरोपों से बुरी तरह से व्यथित हैं. ये आरोप पूरी तरह से झूठ, दुर्भावनापूर्ण और धोखा हैं."
प्रियंका खिमानी ने ये भी कहा है कि उनके क्लाइंट अनुराग कश्यप अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने की मंशा रखते हैं. शनिवार को 'पटेल की पंजाबी शादी' की अभिनेत्री पायल घोष ने फ़िल्मकार अनुराग कश्यप पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था.
पायल घोष ने अनुराग कश्यप को ट्विटर पर टैग करते हुए लिखा है, "अनुराग कश्यप ने मेरे साथ ज़बरदस्ती की. नरेंद्र मोदी जी आपसे अनुरोध है कि इनके ख़िलाफ़ कार्रवाई कीजिए और देश को पता चले कि हक़ीक़त क्या है. मुझे पता है कि यह कहना मेरे लिए नुक़सानदेह है और मेरी सुरक्षा ख़तरे में है. कृपया मदद कीजिए."
अनुराग कश्यप ने ट्विटर पर जवाब देते हुए कहा, "क्या बात है, इतना समय ले लिया मुझे चुप करवाने की कोशिश में. चलो कोई नहीं. मुझे चुप कराते-कराते इतना झूठ बोल गए की औरत होते हुए दूसरी औरतों को भी संग घसीट लिया. थोड़ी तो मर्यादा रखिए मैडम. बस यही कहूँगा की जो भी आरोप हैं आपके सब बेबुनियाद हैं."
अनुराग ने अगले ट्वीट में कहा, "बाक़ी मुझपे आरोप लगाते-लगाते, मेरे कलाकारों और बच्चन परिवार को संग में घसीटना तो मतलब नहले पे चौका भी नहीं मार पाए. मैडम दो शादियाँ की हैं, अगर वो जुर्म है तो मंज़ूर है और बहुत प्रेम किया है, वो भी क़बूलता हूँ."
"चाहे मेरी पहली पत्नी हों, या दूसरी पत्नी हों या कोई भी प्रेमिका या वो बहुत सारी अभिनेत्रियाँ जिनके साथ मैंने काम किया है, या वो पूरी लड़कियों और औरतों की टीम जो हमेशा मेरे साथ काम करती आई हैं, या वो सारी औरतें जिनसे मैं मिला बस, अकेले में या जनता के बीच, मैं इस तरह का व्यवहार ना तो कभी करता हूँ ना तो कभी किसी क़ीमत पे बर्दाश्त करता हूँ. बाक़ी जो भी होता है देखते हैं. आपके वीडियो में ही दिख जाता है कितना सच है कितना नहीं, बाक़ी आपको बस दुआ और प्यार. आपकी अंग्रेज़ी का जवाब हिंदी में देने के लिए माफ़ी."
महाराष्ट्र के भिवंडी में तीन मंज़िला इमारत गिरी
महाराष्ट्र के भिवंडी में एक तीन मंज़िला इमारत के गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ स्थानीय लोगों ने 20 लोगों को बचा लिया है.
इस इमारत में अभी भी 20 से 25 लोगों के फंसे होने की संभावना है.
ठाणे नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि इमारत से पांच और लोगों को निकाला गया है.
एनडीआरएफ़ की टीम बचाव कार्य में लगी हुई है.
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