जस्टिस मार्कंडेय काटजू पर क़ानूनी कार्रवाई के लिए याचिका, नीरव मोदी के पक्ष में दी थी गवाही -आज की बड़ी ख़बरें

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सुप्रीम कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के ही पूर्व जज जस्टिस (रिटायर्ड) मार्कंडेय काटजू के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई के लिए एक याचिका दायर की गई है.
यह जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करने वाले वकील का नाम शशांक देव सुधी है. उन्होंने याचिकाकर्ता डॉक्टर नंद किशोर गर्ग की तरफ़ से सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी दी है.
याचिकाकर्ता का आरोप है कि मार्कंडेय काटजू ने नीरव मोदी मामले में सुप्रीम कोर्ट पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है.
याचिकाकर्ता का कहना है कि मार्कंडेय काटजू की टिप्पणियों से अदालत की मानहानि हुई है और लोगों का न्यायपालिका में भरोसा कम हुआ है.
मार्कंडेय काटजू ने शुक्रवार को भारत से लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के मामले में भारत सरकार की याचिका के ख़िलाफ़ गवाही दी थी.
लंदन कोर्ट में चल रही सुनवाई में जस्टिस काटजू ने कहा कि नीरव मोदी को भारत में स्वतंत्र और निष्पक्ष सुनवाई का मौक़ा नहीं मिलेगा.
काटजू ने लंदन कोर्ट में लिखित बयान भी दाख़िल किया था जिसमें उन्होंने दावा किया कि अगर नीरव मोदी को भारत वापस भेजा जाता है तो उन्हें बलि का बकरा बना दिया जाएगा.
अपने बयान में काटजू ने पूर्व सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा का उदाहरण देते हुए कि भारत में जांच एजेंसियां अपने राजनीतिक आकाओं के मुताबिक़ ही काम करती हैं.
मार्कंडेय काटजू के इन सभी बयानों के मद्देनज़र पीआईएल में कहा गया है कि उन्होंने जो कुछ भी कहा और किया, वो भारतीय न्यायपालिका का अपमान है. याचिकाकर्ता का कहना है कि काटजू के आरोप उस न्यायपालिका की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं जिस पर करोडों लोगों का भरोसा है.

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नितिन गडकरी कोरोना पॉज़िटिव
केंद्रीय सड़क यातायात और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं.
गडकरी ने स्वयं ट्वीट कर अपने कोरोना पॉज़िटिव होने की जानकारी दी है.
उन्होंने लिखा,"कल मुझे थोड़ी कमज़ोरी लग रही थी और मैंने डॉक्टर से परामर्श लिया. चेक अप के दौरान, मैं कोविड19 पॉज़िटिव पाया गया. मैं सब लोगों के आशीर्वाद और दुआओं से अभी ठीक हूँ. मैंने ख़ुद को आइसोलेट कर लिया है."
उन्होंने अपने संपर्क में आए सभी लोगों से सतर्क रहने का आग्रह भी किया.
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भारत में बुधवार को बीते एक दिन में संक्रमण के रिकॉर्ड 90,123 नए मामले दर्ज किए गए. इस दौरान 1,290 लोगों की मौत हुई.
अमरीका के बाद भारत दूसरा ऐसा देश बन गया है जहाँ कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 50 लाख से ज़्यादा हो चुकी है.
दिल्ली पुलिस प्राइवेट सेना की तरह दर्ज होना चाहती है: कविता कृष्णन

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फ़रवरी में हुए दिल्ली दंगों को लेकर दिल्ली पुलिस की जाँच पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि दिल्ली पुलिस जाँच के नाम पर आपराधिक साज़िश रच रही है और मासूम और सरकार की आलोचना करने वालों को फँसाने का काम कर रही है.
उन्होंने कहा, ''एक जाँच कमेटी का गठन होना चाहिए जो दंगों की इस जाँच प्रक्रिया की जाँच करे. जैसा की 84 के दंगों में हुआ था.''
दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में बुधवार को दिल्ली दंगों की जाँच में पुलिस की भूमिका को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया जिसमें लेखक और प्लानिंग कमिशन की पूर्व सदस्य सय्यदा सय्यदैन हमीद, प्रशांत भूषण, सीपीआई-एमएल की नेता कविता कृष्णन, डीयू शिक्षक संघ (डूटा) की प्रमुख रह चुकी नंदिता नारायण ने अपनी बात रखी.
कविता कृष्णन ने कहा, ''सरकार के पास लॉकडाउन के कारण मारे गए गऱीब मज़दूरों का कोई डेटा नहीं, एक पन्ना भी नहीं है. लेकिन दिल्ली दंगों की जाँच में पुलिस कह रही है कि इन छात्रों के ख़िलाफ़ 11 लाख पेज के दस्तावेज़ हैं. दिल्ली पुलिस में जो भी ईमानदार अधिकारी हैं उन्हें सोचना होगा कि इतिहास उन्हें पुलिस फ़ोर्स की तरह याद रखे या किसी की प्राइवेट सेना की तरह वह ख़ुद को इतिहास में दर्ज कराना चाहते हैं.''
मौक़े पर उमर ख़ालिद की मां साहिबा ख़ानम भी मौजूद थी.
उन्होंने कहा, ''गिरफ़्तार करके जो लोग सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने कर रहे थे उन्हें तोड़ने की कोशिश की जा रही है. जो बोलने की हिम्मत कर रहा है उसे डराया जा रहा है. लेकिन उन्हें ये जान लेना चाहिए कि वह अपने इरादों में सफल नहीं होंगे.''
दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में रविवार देर रात पूर्व जेएनयू छात्र उमर ख़ालिद को गिरफ़्तार किया गया है. साथ ही कई अन्य छात्रों को भी दिल्ली दंगों की साज़िश के केस में यूएपीए की धाराओं के तहत गिरफ़्तार किया गया है.
बाबरी मस्जिद तोड़ने के मामले में 30 सितंबर को आएगा फ़ैसला

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6 दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद को तोड़ने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत 30 सितंबर को अपना फ़ैसला सुनाएगी.
इस मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व बीजेपी अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती समेत कुल 32 अभियुक्त हैं जिन्हें सीबीआई के विशेष कोर्ट ने उस दिन अदालत में हाज़िर रहने को कहा है.
इस मामले में सीबीआई ने कुल 49 लोगों को अभियुक्त बनाया था लेकिन बरसों से चल रही सुनवाई के दौरान 17 लोगों की मौत हो गई है.

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इस मामले में जो 17 अभियुक्त अब नहीं रहे उनमें बाल ठाकरे, अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णुहरि डालमिया शामिल हैं.
लखनऊ स्थित सीबीआई विशेष अदालत के जज एसके यादव इस मामले में फ़ैसला सुनाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने पहले कहा था कि 31 अगस्त तक इसका फ़ैसला आ जाना चाहिए. लेकिन फिर विशेष अदालत के आग्रह पर 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने एक महीने की और मोहलत देते हुए 30 सितंबर तक फ़ैसला सुनाने का आदेश दिया था.
एक सितंबर को लखनऊ की सीबीआई विशेष अदालत ने सुनवाई पूरी कर ली थी और दो सितंबर से फ़ैसला लिखना शुरू कर दिया था. सीबीआई ने इस मामले में अपने पक्ष में 351 गवाह और क़रीब 600 दस्तावेज़ पेश किए थे.
पिछले साल नवंबर में बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि विवाद के मालिकाना हक़ के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हिंदुओं के पक्ष में फ़ैसला सुनाया था लेकिन साथ में ये भी कहा था कि 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद तोड़ना एक अवैध कृत था.
अब सबकी निगाहें 30 सितंबर पर टिकी हैं कि 28 साल बाद आख़िर इस मामले में क्या होगा.
जया बच्चन के समर्थन में आईं बीजेपी सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी

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मथुरा से बीजेपी की सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने पहली बार बॉलीवुड-वंशवाद और इंडस्ट्री में ड्रग्स के कारोबार पर चुप्पी तोड़ी है.
एनडीटीवी को दिये एक साक्षात्कार में हेमा मालिनी से जब पूछा गया कि जिस तरह से अभी बॉलीवुड को लेकर बातें सामन आ रही हैं और कही जा रही हैं, इन सब पर उनकी क्या राय है?
इस सवाल के जवाब में हेमा मालिनी ने कहा, "ये सबकुछ बहुत ही अजीब है कि इंडस्ट्री को लेकर इस तरह की बातें की जा रही हैं. मैं कहना चाहूंगी कि यह एक खूबसूरत जगह है. लोगों ने यहां नाम-शोहरत-इज़्ज़त कमायी है. मैं यहां सालों से हूं और मुझे भी यहीं से नाम शोहरत और इज़्ज़त मिली है. कई महान लोगों ने मिलकर इस इंडस्ट्री को बनाया है."
"ढेरों ढेर लोग हैं जो यहां आकर करियर बनाना चाहते हैं और जब मैं लोगों से बॉलीवुड के बारे में ख़राब सुनती हूं तो तक़लीफ़ होती है. जैसे ड्रग्स के आरोप. ये कहां नहीं होता? लेकिन अगर कोई दाग है, तो आप उसे धो देते हैं और वह चला जाता है. बॉलीवुड पर लगा दाग भी चला जाएगा. जया बच्चन ने सदन में जो कुछ भी कहा, मैं उसका समर्थन करती हूं."
बॉलीवुड को लेकर चल रहे विवादों पर जया बच्चन ने बीजेपी सांसद और अभिनेता रवि किशन और कंगना रनौत पर बिना नाम लिए निशाना साधा था.

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जया बच्चन ने कहा था कि कुछ लोगों की वजह से आप पूरी इंडस्ट्री की छवि खराब नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि वो लोकसभा में फिल्म इंडस्ट्री से ताल्लुक रखने वाले एक लोकसभा सदस्य के ऊपर शर्मिंदा हैं.
सोमवार को रवि किशन ने लोकसभा में फिल्म इंडस्ट्री में ड्रग्स के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया था और इस दिशा में कड़ी कार्रवाई की मांग की थी.
जिसके जवाब में जया बच्चन ने बिना नाम लिए कहा, "मनोरंजन उद्योग में काम करने वाले लोग सोशल मीडिया से प्रभावित हो रहे हैं. जिन लोगों ने इंडस्ट्री में अपना नाम बनाया है अब वो इसे गटर कह रहे हैं. मैं पूरी तरह से इससे असहमत हूँ. जिस थाली में खाते हैं, उसमें ही छेद करते हैं. मैं उम्मीद करती हूँ कि सरकार ऐसे लोगों को इस तरह की भाषा नहीं इस्तेमाल करने को कहेगी."
बाद में जब ये बात काफी बढ़ गई तो बीजेपी सांसद रवि किशन ने जया बच्चन के जवाब में समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "मैं उम्मीद करता था कि जया जी मेरी बात का समर्थन करेंगी. इंडस्ट्री में हर कोई ड्रग नहीं लेता लेकिन जो लेते हैं, वो उस साजिश का हिस्सा हैं जो दुनिया की सबसे बड़ी फ़िल्म इंडस्ट्री को बर्बाद करना चाहती है. जब मैं और जयाजी आए थे तब ऐसी स्थिति नहीं थी लेकिन अब हमें इंडस्ट्री को बचाने की ज़रूरत है."

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भारत में कोरोना संक्रमण के मामले 50 लाख पार हुए
भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़कर 50 लाख के पार पहुंच चुके हैं. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक़, भारत में बीते 24 घंटे में 90 हज़ार से अधिक संक्रमण के मामले सामने आए हैं. वहीं 1290 लोगों की मौत हुई है.
भारत में बीते पांच दिनों से संक्रमण के मामले 90 हज़ार के पार आ रहे हैं. इन बढ़े हुए मामलों के साथ ही भारत में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 50 लाख 20 हज़ार 360 हो गई है. वहीं मरने वालों की संख्या 82 हज़ार के पार पहुंच गई है.
15 सितंबर तक देश में पांच करोड़ 94 लाख 29 हज़ार 115 टेस्ट हो चुके हैं. 15 सितंबर को 11 लाख 16 हज़ार 842 टेस्ट किये गए. दूसरी तरफ़, दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 29,479,686 हो गए हैं. वहीं मरने वालों की संख्या 933,542 हो गई है.
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक़, अमरीका दुनिय का सबसे अधिक प्रभावित देश है. अमरीका में संक्रमण के मामले बढ़कर 6,604,355 हो गए हैं. अमरीका में कोरोना संक्रमण से अभी तक 195,765 लोगों की मौत हो चुकी है.
भारत इस समय दुनिया की दूसरा सबसे अधिक कोरोना प्रभावित देश है. ब्राज़ील तीसरे स्थान पर है. ब्राज़ील में संक्रमण के 4,382,263 मामले हैं और ब्राज़ील में कोविड19 से अब तक 133,119 लोगों की मौत हो चुकी है.

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लद्दाख में भारतीय सैनिकों की तैनाती बढ़ी
भारत और चीन में सीमा पर तनाव को लेकर एक तरफ़ तो बातचीत चल रही है तो दूसरी तरफ़ दोनों ओर से सैनिकों की तैनाती और युद्ध सामग्रियों की आपूर्ति भी बढ़ रही है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार भारत ने लद्दाख में चीन से लगी सीमा पर एयरक्राफ़्ट ट्रांसपोर्ट की तैनाती बढ़ा दी है और साथ ही सभी लॉजिस्टिट नेटवर्क सप्लाई चेन को सक्रिय कर दिया है. लद्दाख में सर्दी दस्तक देने वाली है.
यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है और तापमान शून्य से बहुत नीचे चला जाता है. ऐसे में ठंड आने से पहले भारत सरहद पर सभी तरह की आपूर्ति को सुनिश्चित कर रहा है. रॉयटर्स के अनुसार हाल के महीनों में तिब्बत से लगी सीमा यानी लद्दाख में भारत की यह सबसे बड़ी सैन्य तैयारी है.
व्यापक पैमाने पर हथियार, गोला-बारूद, ईंधन, सर्दी से बचने के लिए सामान और खाद्य सामग्री की आपूर्ति बढ़ा दी है. पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के बीच मई महीने से ही तनाव है और सरहद पर दोनों देशों की सेना आमने-सामने हैं.
15 जून में दोनों देशों के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई थी. इसमें भारत के 20 सैनिकों की मौत हो गई थी. हालांकि इसमें चीन का कितना नुक़सान हुआ था, ये आज तक पता नहीं चला.
दोनों देशों में इसे सुलझाने को लेकर बातचीत भी चल रही है लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकल पा रहा है. भारत का कहना है कि सरहद पर अप्रैल से पहले वाली यथास्थिति बहाल होनी चाहिए और इसके लिए चीनी सैनिकों को पीछे हटना होगा. चीन अब तक इसके लिए तैयार नहीं हो पाया है.

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भारतीय सेना की तैनाती ऊंचे पहाड़ों पर जोखिम भरे ठिकानों पर भी सुनिश्चित की गई है. रॉयटर्स के अनुसार जिस पूर्वी लद्दाख में 15 जून को हिंसक झड़प हुई थी वहां 20 से 30 हज़ार सैनिकों की तैनाती है. रॉयटर्स से एक सैन्य अधिकारी ने कहा है कि सैनिकों की तैनाती की तादाद इससे भी ज़्यादा है.
हालांकि उन्होंने कोई निश्चित संख्या नहीं बताई. उस सैन्य अधिकारी ने कहा, "चीन ने अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाई है. ऐसे में हम भी पूरी तरह से तैयार रहना चाहते हैं. लेकिन हम यहां कोई लंबी अवधि का संघर्ष नहीं चाहते हैं."
सैनिकों की तैनाती अक्सर 15 हज़ार फिट से ऊपर होती है और इस ऊंचाई पर ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में नहीं होती है. हर साल भारी बर्फ़बारी के कारण लद्दाख को जोड़ने वाली सड़कें चार महीने बंद रहती हैं.
ऐसे में भारतीय सेना ने पहले ही इस इलाक़े में 15 हज़ार टन सामानों की आपूर्ति कर ली है. भारतीय सेना के 14 कोर के प्रमुख मेजर जनरल अरविंद कपूर ने कहा, "हमने ज़रूरत के हिसाब से पहले ही सामानों की आपूर्ति कर ली है."
मंगलवार को भारतीय वायु सेना का एक बड़ा ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ़्ट लद्दाख में उतरा. इसमें मटीरियल के साथ लोग भी थे. सारे सामान सभी नेटवर्क के ठिकानों पर स्टोर किए गए हैं.
लद्दाख के मुख्य शहर लेह में ईंधन, तेल और ल्यूब्रिकैंट डिपो है. यहां खाने के सामान ख़ास कर जो तत्काल तैयार हो जाते हैं उनकी भी आपूर्ति की गई है.

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काठमांडू में महसूस किए गए भूकंप के तेज़ झटके
नेपाल की राजधानी काठमांडू में बुधवार सुबह भूकंप के तेज़ झटके महसूस किए गए.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने नेपाल के सिस्मोलॉजिकल सेंटर के हवाले से रिपोर्ट किया है कि भूकंप की तीव्रता छह आंकी गई है.
हालांकि यूरोपियन-मेडिटेरियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर ने नेपाल में आए इस भूकंप की तीव्रता 5.3 आंकी है.
पुलिस का कहना है कि अभी तक जानोमाल की किसी किस्म की क्षति की कोई सूचना नहीं मिली है.
भूकंप का केंद्र काठमांडू के पूरब में 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रामचे था.
रामचे चीन के तिब्बत क्षेत्र के करीब पड़ता है.
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