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चीनी सेना की इस तस्वीर के बारे में हमें जो अब तक पता है
- Author, जुगल पुरोहित
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
उच्च सरकारी सूत्रों के हवाले से मँगलवार को भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की एक तस्वीर जारी की गई है. जिनमें चीनी सैनिक धारदार हथियारों के साथ नज़र आ रहे हैं.
इस तस्वीर में क्या नज़र आ रहा है?
लगभग 25 चीनी सैनिक बंदूक़ों के साथ नज़र आ रहे हैं. इनके हाथों में डंडे हैं जिनके ऊपरी हिस्से धारदार हैं.
कब ली गई हैये तस्वीर?
भारत सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक़ ये तस्वीर सात सितंबर की शाम की है, सूरज डूबने से थोड़ी देर पहले की. लेकिन बीबीसी स्वतंत्र रूप से इस तस्वीर के वक़्त और इसकी लोकेशन की सत्यता की पुष्टि नहीं कर सकती है.
कहां की तस्वीर है?
ये तस्वीर पूर्वी लद्दाख में स्थित मुखपरी नामक भारतीय पोस्ट के दक्षिण की है. ये तस्वीर 800 मीटर की दूरी से ली गई है. भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक़ जहां ये चीनी सैनिक खड़े हैं वह जगह उनकी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) का हिस्सा है.
तस्वीर के पीछे की कहानी क्या है?
भारत का कहना है कि चीन के सैनिक भारतीय पोस्ट के नज़दीक आने की कोशिश कर रहे थे जिन्हें भारत की ओर से चेतावनी दी गई. भारत की ओर से फ़ायरिंग की धमकी भी दी गई लेकिन फ़ायरिंग नहीं की गई थी क्योंकि तब तक चीनी सेना ने अपने क़दम रोक लिए.
एक सूत्र ने कहा, "चीन के कुछ सैनिक अभी भी वहां मौजूद हैं लेकिन ख़ास बात ये है कि अब वह भारतीय पोस्ट की तरफ़ नहीं बढ़ रहे हैं. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि चीनी सेना की इस टुकड़ी ने ही फ़ायरिंग की थी या वह कोई अन्य टुकड़ी थी. लेकिन इस तस्वीर के बाद ही चीनी सेना ने कुछ हवाई फ़ायरिंग की थी."
भारत-चीन के बयान
मँगलवार को चीन के विदेश मंत्रालय और चीनी सेना के वेस्टर्न कमांड ने भारत पर फ़ायरिंग करने और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को पार करने का आरोप लगाया था.
जिसके जवाब में भारतीय सेना ने एक बयान जारी कर कहा था, "भारतीय सेना ने कभी एलएसी पार नहीं किया है और न ही गोलीबारी सहित किसी भी तरह का आक्रामक रवैया दिखाया है." भारत ने चीन पर समझौतों का उल्लंघन करने और आक्रामक रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया है.
भारत और चीन दोनों का ये कहना है कि दोनों देशों की तरफ़ से दशकों से कोई चेतावनी फ़ायरिंग भी नहीं की गई है. दोनों देशों के बीच बॉर्डर प्रोटोकॉल हैं.
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