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370 हटने का एक साल, फारुख़ अब्दुल्लाह ने अपने घर बुलाई बैठक - प्रेस रिव्यू
जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 हटने के एक साल पूरा होने के मौक़े पर सुरक्षा बढ़ाई गई है, इसके बावजूद मंगलवार को कुलगाम ज़िले में हुए एक चरमपंथी हमले में एक सरपंच गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
इंडियन एक्सप्रेस अख़बार के मुताबिक़, वहीं पुलवामा में हुए एक अलग हमले में दो पुलिसकर्मी भी ज़ख्मी हुए हैं.
पुलिस ने बताया, चरमपंथी मंगलवार शाम कुलगाम ज़िले के अखरान गांव के सरपंच आरिफ़ अहमद के घर में घुस आए और उन्हें नज़दीक से गोली मार दी.
अहमद को अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. जहां के मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डॉ मोहम्मद इक़बाल ने कहा, "उनकी छाती में गोली लगी है. उनकी हालत गंभीर है."
बीजेपी के प्रवक्ता अल्ताफ़ ठाकुर ने अख़बार से बातचीत में पुष्टि की है कि अहमद उनकी पार्टी से जुड़े थे. उन्होंने इसे 'बर्बर हमला' बताते हुए निंदा की है.
2018 में हुए पंचायत चुनाव के बाद से दक्षिण कश्मीर में चरमपंथी हमलों में अबतक दो सरपंचों की हत्या हो चुकी है.
इस बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारुख़ अब्दुल्ला ने घोषणा की कि वो बुधवार को अपने घर पर मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की बैठक बुला रहे हैं. अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि उन्होंने पीडीपी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और कुछ छोटे दलों के नेताओं को बुलाया है.
हालांकि अब्दुल्ला ने अख़बार से कहा, "लेकिन देखिए, उन्होंने पहले ही हमारे घरों के सामने सुरक्षा वाहन तैनात कर दिए हैं. क्या ये सरकार है?"
ये बैठक शायद ही हो, क्योंकि अधिकतर राजनीतिक नेता अब भी घर में नज़रबंद हैं.
एच-1बी वीज़ाधारकों को नहीं मिलेगी संघीय नौकरी
द हिंदू अख़बार के मुताबिक़, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक सरकारी आदेश पास किया है, जिसके तहत संघीय एजेंसियां को विदेशी नागरिकों, ख़ासकर एच-1बी वीज़ाधारकों के साथ कॉन्ट्रैक्ट या सब-कॉन्ट्रैक्ट करने से बचने के लिए कहा गया है.
ये कदम तब उठाया गया है जब एक महीने पहले 23 जून को ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीज़ा समेत दूसरे तरह के विदेशी वर्क वीज़ा 2020 के अंत तक स्थगित कर दिए थे, ताकि अहम चुनावी साल में अमरीकी वर्करों के हितों की रक्षा की जा सके. नए प्रतिबंध 24 जून से लागू कर दिए गए थे.
ट्रंप के नए आदेश से पहले ही संघ के स्वामित्व वाली टेनसी वेली अथॉरिटी (टीवीए) ने घोषणा की थी कि वो अपनी 20% तकनीकी नौकरियां विदेशी कंपनियों को आउटसोर्स कर देंगें.
सोमवार को आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि टीवीए के कदम की वजह से 200 से ज़्यादा अति-कुशल अमरीकी तकनीकी कामगारों को टेनसी में नौकरी से हाथ धोने पड़ सकते थे या उनकी तनख़्वा में कटौती की जाती.
उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन ये बर्दाश्त नहीं करेगा कि सस्ते विदेशी लेबर की वजह से मेहनती अमरीकियों को नौकरी से निकाल दिया जाए.
वहीं व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा, महामारी के बीच सैंकड़ों कर्मचारियों को आउटसोर्स करना बहुत नुक़सान पहुंचाने वाला है, जिसके वजह से पहले ही लाखों अमरीकियों की नौकरी जा चुकी है.
पहली बार, एलओसी के नज़दीक महिला सैनिकों की तैनाती
टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, भारतीय सेना ने पहली बार पाकिस्तान से लगने वाली एलओसी के नज़दीक आंतरिक सुरक्षा और कॉम्बैट ड्यूटी के लिए महिला सैनिकों को तैनात किया है.
पैरामिलिट्री फोर्स असम राइफ़ल से डेपुटेशन पर आई महिला पलटन को कश्मीर के तंगधार सेक्टर में तैनात किया गया है.
30 महिला सैनिकों की अगुआई भारतीय सेना सेवा कोर की कैप्टन गुरसिमरन कौर कर रही हैं, जो ख़ुद थर्ड-जनरेशन सैन्य अफ़सर हैं.
एक अफ़सर ने बताया, "एलओसी की तरफ जाने वाले चेकप्वाइंट्स पर तैनाती की गई है. महिला सैनिकों को भी भीड़ को नियंत्रित करने और महिलाओं की तलाशी लेने के लिए लगाया गया है, क्योंकि खुफिया जानकारी मिली है कि हथियारों और ड्रग्स की तस्करी हो रही है."
दिल्ली हिंसा मामले में डीयू प्रोफेसर अपूर्वानंद से 5 घंटे पूछताछ
दिल्ली हिंसा के सिलसिले में दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अपूर्वानंद से पांच घंटे तक पूछताछ हुई. अफसरों ने इस दौरान उनका मोबाइल फोन भी ज़ब्त कर लिया.
जनसत्ता के मुताबिक़, उन्होंने ये भी कहा कि नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ आंदोलनकारियों का समर्थन करने वालों को हिंसा का स्रोत बताना बहुत चिंताजनक है. "उम्मीद करते हैं कि पुलिस निष्पक्ष होकर इस मामले की जांच करेगी."
इस पूछताछ के बाद प्रोफेसर अपूर्वानंद ने कहा कि मैं जांच में सहयोग कर रहा हूं और विरोध प्रदर्शन करना सभी का मौलिक अधिकार है.
दिल्ली हिंसा की साज़िश के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हिंसा के पीछे की बड़ी साज़िश का पता लगाने के लिए यूएपीए यानी गैरक़ानूनी गतिविधि रोकथाम क़ानून के तहत केस दर्ज किया है. प्रोफेसर अपूर्वानंद ने कहा कि मैं दिल्ली पुलिस से मांग करता हूं कि इस मामले में सही तरीके से जांच की जाए और किसी बेगुनाह को न फंसाया जाए.
चीन ने अब एलएसी के निकट तैनात कीं परमाणु मिसाइलें
एलएसी के नज़दीक चीन ने अब लद्दाख से मात्र 500 किलोमीटर दूर अपने परमाणु हथियार ले जाने वाली डी.एफ़. -26/21 मिसाइलें तैनात कर दी हैं.
नवोदय टाइम्स के मुताबिक़, सैटेलाइट तस्वीरों के ज़रिए ये बात पता चली है. वहीं 24 घंटे पहले ख़बर आई थी कि चीन ने लद्दाख से 600 किलोमीटर की दूरी पर परमाणु बमवर्षक तैनात किए हैं.
ये मिलाइलें चीन के शिंजियांग प्रांत के कोर्ला आर्मी बेस पर तैनात की गई हैं. अंतरिक्ष से ली गई इन सैटेलाइट तस्वीरों से यह स्पष्ट होता है कि चीन ने भारतीय सीमा से सट कर बड़े पैमाने पर अपनी परमाणु शक्ति को बढ़ाया है.
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