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विकास दुबे मामला: डीआईजी समेत 68 पुलिसकर्मी हटाए गए- प्रेस रिव्यू
कानपुर पुलिस मुठभेड़ मामले में एक बड़े घटनाक्रम के तहत डीआईजी (एसटीएफ़) अनंत देव का तबादला मुरादाबाद सेक्टर में पीएसी में कर दिया गया है.
इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने यह ख़बर प्रकाशित की है.
उत्तर प्रदेश पुलिस ने डिप्टी एसपी देवेंद्र कुमार मिश्रा की एक चिट्ठी के आधार पर इस मामले में उन पर जाँच के आदेश दिए हैं. इस चिट्ठी में देवेंद्र मिश्रा ने विकास दुबे और स्थानीय पुलिस स्टेशन के बीच संबंध होने का आरोप लगाया था.
डिप्टी एसपी मिश्रा उन आठ पुलिस कर्मियों में से एक थे, जिनकी कानपुर मुठभेड़ में मौत हो गई.
इस मामले में मंगलवार रात कानपुर एसएसपी ने चौबेपुर पुलिस स्टेशन के सभी 68 पुलिसकर्मियों को भी वहाँ से हटाकर रिज़र्व पुलिस लाइन भेज दिया गया है.
इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने आईजी (कानपुर रेंज) मोहित अग्रवाल के हवाले से लिखा है कि इस तरह के आरोप हैं कि कुछ पुलिसकर्मी विकास दुबे से संपर्क में थे. इस संबंध में जाँच हो रही है. चौबेपुर में एक नई पुलिस टीम की नियुक्ति की गई है.
पुलवामा हमला: चरमपंथियों की मोबाइल और पनाह देने वाले शख़्स को एनआईए ने किया गिरफ़्तार
एनआईए (नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी) ने पुलवामा हमेल से जुड़े एक शख़्स को जम्मू और कश्मीर से गिरफ़्तार किया है. इस शख़्स को पुलवामा हमले में शामिल चरमपंथियों को मोबाइल और पनाह देने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.
इंडियन एक्सप्रेस ने इस ख़बर को प्रकाशित किया है.
साल 2019 में हुए पुलवामा हमले में सीआरपीएफ़ से 40 से अधिक जवान मारे गए थे. इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.
इस शख़्स की पहचान बिलाल अहमद कुचे के तौर पर की गई है. यह शख़्स पुलवामा के काकापोरा का रहने वाला है. सोमवार को एनआईए ने बिलाल को एनआईए कोर्ट के सामने पेश किया, जहाँ से उन्हें दस दिन की रिमांड पर भेज दिया गया.
एजेंसी के हवाले से अख़बार लिखता है कि बिलाल चीर-घर (लकड़ी की चिराई) में काम करता है और बिलाल ने पुलवामा हमले में शामिल जैश ए मोहम्मद के चरमपंथियों को सहायता दी.
अमरीका में पढ़ रहे छात्रों को वापस लौटना पड़ेगा
अमरीका में आईटी प्रोफ़ेशनल्स के बाद अब भारतीय छात्रों पर भी कोरोना वायरस महामारी का बुरा असर पड़ा है.
अमरीकी सरकार ने कहा है कि यूनिवर्सिटी में सारे कोर्स ऑनलाइन होने के बाद भारतीय छात्रों समेत तमाम विदेशी छात्रों को वापस लौटना होगा. हिंदुस्तान ने यह ख़बर प्रकाशित की है.
अमरीकी आव्रजन व सीमा शुल्क विभाग ने सोमावर को इसकी घोषणा की. इस फ़ैसले का असर यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे, प्रोफ़ेशनल कोर्स कर रहे छात्रों पर पड़ेगा. विभाग की ओर से कहा गया है कि सरकार अगले सेमेस्टर से कॉलेज, स्कूल और यूनिवर्सिटी के अलावा व्यवसायिक संस्थानों में किसी भी ऑनलाइन कोर्स के लिए वीज़ा जारी नहीं करेगी.
अंतिम संस्कार भी नहीं कर सका परिवार, शव बदलने का आरोप
कोरोना वायरस संक्रमण से 35 साल की अंजुम के परिवार के होश तब उड़ गए जब उन्हें लाश दफ़नाने से ठीक पहले पता चला कि वो तो अंजुम का शव नहीं बल्कि किसी और का है.
यह ख़बर द हिंदू ने प्रकाशित की है.
लाश को दफ़नाने से पहले उन्हें मालूम हुआ कि अस्पताल ने उन्हें किसी और की लाश दे दी है. यह शव एम्स के ट्रामा सेंटर से आया था.
परिवार ने सफ़दरजंग एन्क्लेव पुलिस स्टेशन में इस मामले के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई है. वहीं एम्स ट्रामा सेंटर के सेंटर पब्लिक रिलेशन्स अधिकारी बीएन आचार्य का कहना है कि तथ्यों की जाँच की जा रही है.
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