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जोधपुर: 'जॉर्ज फ़्लॉयड' की तर्ज़ पर सिपाही का एक शख़्स की गर्दन दबाने की पूरी कहानी
- Author, मोहर सिंह मीणा
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
पिछले दिनों अमरीकी पुलिस का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक पुलिसकर्मी एक काले व्यक्ति की गर्दन पर घुटना मोड़े बैठे हुए है.
इस वीडियो के सामने आने के बाद अमरीका में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं.
कुछ इस तरह का ही वीडियो भारत में भी वायरल हुआ है. एक पुलिसकर्मी घुटनों से एक शख़्स की गर्दन दबाते हुए नज़र आया.
राजस्थान के जोधपुर ज़िले और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह नगर से वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी एक व्यक्ति की गर्दन अपने घुटने से दबाता हुआ और उसे पीटता हुआ नज़र आ रहा है.
जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस कमिश्नर प्रफुल्ल कुमार ने बीबीसी को बताया, "दोनों कॉन्स्टेबल अपनी ड्यूटी कर रहे थे उस दौरान यह घटना हुई है. कॉन्स्टेबल की रिपोर्ट पर राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कर और उसे गिरफ़्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है."
'कपड़े ख़ून में लथपथ, हाथ फ़्रैक्चर'
जिस शख़्स की गर्दन को पुलिसकर्मी ने घुटने तले दबा रखा था कि उसका नाम मुकेश प्रजापत है. मुकेश के पिता महादेव प्रजापत का कहना है कि पुलिस ने उन्हें सूचित किया तो वो थाने गए.
उन्होंने कहा, "अपने बच्चे से मिला था तो उसके कपड़े खून से लथपत थे और हाथ फ़्रैक्चर था. मैंने पुलिस से गुहार लगाई लेकिन पुलिस ने एक्स-रे तक नहीं कराया है."
उन्होंने कहा, "हम तो अब शांति से बैठे हैं, हमारे पास खाने तक का साधन नहीं है, तो अब हम कर भी क्या सकते हैं. पुलिस कह रही है कि मुकेश को जुडीशियल कस्टडी में भेज दिया है, लेकिन वो ईएसआई अस्पताल में भर्ती है और कोरोना का हवाला देते हुए अस्पताल में हमें उससे मिलने तक नहीं दिया गया."
कौन हैं मुकेश प्रजापत
वायरल वीडियो में पीले रंग की टीशर्ट पहने हुए जिस शख़्स को ज़मीन पर लिटाकर उसकी गर्दन को पुलिसकर्मी ने दबाया हुआ है, उनका नाम मुकेश कुमार प्रजापत है.
तीन बच्चों के पिता प्रजापत मज़दूरी करते हैं. गुरुवार को भी वो मज़दूरी करने के लिए घर से निकले और कथित तौर पर मास्क नहीं लगाने को लेकर मुकेश से हुए पुलिसकर्मी के झगड़े का वीडियो वायरल हो गया.
हालांकि, वायरल वीडियो से पहले ख़ुद पुलिसकर्मी के बनाए वीडियो में मुकेश मास्क लगाए नज़र आ रहे हैं.
मुकेश के पिता महादेव प्रजापत का कहना है कि मुकेश के मास्क लगाए होने के बावजूद पुलिसकर्मी उससे पैसे मांग रहे थे. जिसके बाद मुकेश ने ग़ुस्से में पुलिसकर्मियों से बहस की तो पुलिसकर्मियों ने उसे बहुत पीटा.
मुकेश के घर में उनकी पत्नी रानी, तीन बच्चे और हैं. मुकेश की पत्नी एक हॉस्टल में खाना बनाती हैं, बड़ा बेटा ऋषि 11वीं कक्षा में पढ़ता है और होटल में काम करता है.
मुकेश के बड़े बेटे ऋषि ने बताया, ''इन दिनों परिवार के पास कोई काम नहीं होने से आर्थिक स्थिति सही नहीं है इसलिए उनकी मम्मी के कहने पर पापा मज़दूरी के लिए घर से निकले थे.''
गर्दन दबाने वाले पुलिसकर्मी कौन हैं?
अमरीकी पुलिस की तरह ही एक शख़्स को नीचे लिटाकर उसकी गर्दन को घुटने से दबाने वाले जोधपुर पुलिस के सिपाही की तस्वीरें सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हो रही हैं.
मुकेश को सड़क पर लिटाकर उनकी गर्दन को अपने घुटने से दबाने वाला पुलिसकर्मी प्रताप नगर थाने के कॉन्स्टेबल हनुमान गोदारा हैं.
इस पूरे मामले पर जब बीबीसी ने कॉन्स्टेबल हनुमान गोदारा से बात की तो उन्होंने बताया, "मैं और मेरा साथी राजू मीणा अपनी ड्यटी कर रहे थे."
"गुरुवार दोपहर क़रीब 12 बजे की घटना है. वो बिना मास्क के था तो मैंने उसका फ़ोटो खींचा, जिसके बाद उसने बहस शुरू कर दी. मैंने वीडियो बनाना शुरू किया तो उसने मेरा फ़ोन छीनने की कोशिश की. मैंने अपना फ़ोन उपर की जेब में रख लिया."
कॉन्स्बल गोदारा बताते हैं कि मुकेश प्रजापत ने उनकी जेब से फोन निकालने की कोशिश की और गिरेबां पकड़ लिया, इस दौरान फोन उसने जेब से निकाल लिया और फोन उसके हाथ चला गया.
वो कहते हैं, "जब मैंने उसके हाथ से फ़ोन लेने का प्रयास किया तो वह नीचे गिर गया. इस दौरान वो नीचे और मैं उसके ऊपर गिर गया. वो पत्थर पर फोन पटक रहा था, जिसे उसके हाथ से छुड़ाने के लिए मैं और आम राहगीर भी प्रयास कर रहे थे."
वो बताते हैं कि इस दौरान मुकेश ने उनके साथी और उनकी वर्दी फ़ाड़ दी, आंखें फोड़ने की धमकी दी और अधिकारियों को गालियां दी.
थानाधिकारी देवनगर सोमकरण ने बीबीसी को इस प्रकरण पर बताया कि प्रताप नगर थाने का स्टाफ़ फ़िज़िकल डिस्टेंसिंग और राज्य सरकार की ओर से जारी महामारी अध्यादेश के अनुसार कार्रवाई कर रहा था, इसी बीच यह (मुकेश प्रजापत) उत्तेजित हो गया और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी.
'मुकेश ने पिता पर भी किया था हमला'
थानाधिकारी कहते हैं, "प्रताप नगर स्टाफ़ हनुमान गोदारा ने रिपोर्ट दर्ज कराई जिस पर इसको गिरफ़्तार किया गया. जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर 15 दिन की न्यायिक हिरासत रिमांड पर भेज दिया है."
वो बताते हैं कि मुकेश ने अपने पिता की आंख फोड़ दी थी, जिससे उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई. इस मामले में देवनगर थाने से ही चालान हुआ था.
मुकेश प्रजापत के पिता से जब हमने सवाल किया कि क्या मुकेश ने उनके ऊपर भी हमला कर आंख फोड़ दी थी? इसके जवाब में महादेव प्रजापत ने कहा कि मुकेश ने कोई हमला नहीं किया था.
उन्होंने कहा, "मेरे छोटे बेटे विष्णु और बड़े मुकेश की घर में क़रीब आठ महीने पहले कहासुनी और बीच-बचाव के दौरान मुकेश की उंगली मेरी आंख में लगी थी. मैंने ग़ुस्से में मामला दर्ज कराया और फिर वापस ले लिया था."
वायरल वीडियो के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. तो वहीं इस मामले के बाद राजस्थान पुलिस की तुलना अमरीकी पुलिस कार्रवाई से की जा रही है.
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