You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कोरोना: दिल्ली में शराब पर 70 फ़ीसदी 'विशेष कोरोना शुल्क': प्रेस रिव्यू
सोमवार से भारत में लॉकडाउन का तीसरा चरण शुरू हुआ. इस चरण में सरकार ने कई छूट दी हैं जिनमें से एक है शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति.
लेकिन सोमवार को जैसे ही शराब की दुकाने खुलीं, भारत के क़रीब हर हिस्से से यही ख़बर आई कि लोग शराब की दुकानों पर टूट पड़े.
इस ख़बर को कई अख़बारों ने अपने पहले पन्ने पर जगह दी है. दैनिक जागरण ने सुर्ख़ी लगाई है, "खुले ठेके तो छलका सब्र का पैमाना."
वहीं जनसत्ता ने लिखा है, "मय के उमड़े आशिकों ने नियम क़ानूनों को रखा ताक पर," और नवभारत टाइम्स ने सुर्ख़ी लगाई है, "मानो सारी मेहनत पर दारू फिर गई".
सोशल डिस्टेंसिंग तो दूर भीड़ इतनी बढ़ गई कि उसे क़ाबू करने के लिए दिल्ली समेत कई जगहों पर पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा है.
अब दिल्ली सरकार ने इससे निपटने का शायद नया तरीक़ा निकाला है.
जनसत्ता अख़बार में छपी रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली सरकार ने मंगलवार से शराब की ख़रीद पर विशेष कोरोना शुल्क लगा दिया है. यह शुल्क 70 फ़ीसदी होगा. दिल्ली सरकार के आबकारी आयुक्त रवि दधिच ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं. इस बारे में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है.
आदेश में कहा गया है कि सोमवार को दुकानों पर बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई थी जो केंद्र सरकार के आदेशों का उल्लंघन था. दावा किया जा रहा है कि नए आदेश से इसे भी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.
स्वाइन फ़्लू की अधिक दर वाले प्रेदश में कोरोना के ज़्यादा मामले
अंग्रेज़ी अख़बार 'द हिंदू' में छपी एक ख़बर के मुताबिक़ भारत के जिन प्रदेशों में स्वाइन फ़्लू के मामले अधिक हैं उन राज्यों में कोरोना के मामले भी ज़्यादा हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक़ महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली और तमिलनाडु पाँच ऐसे राज्य हैं जिनमें देश में कोरोना के कुल मामले के 70 फ़ीसदी मामले हैं.
सोमवार तक के आंकड़ों के अनुसार भारत में 46,416 लोग कोरोना से संक्रमण के शिकार हुए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार यही पाँच राज्य ऐसे हैं जहां 2015 के बाद से स्वाइन फ़्लू के सबसे ज़्यादा मामले हैं.
पिछले साल राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और महाराष्ट्र में स्वाइन फ़्लू के कुल मामलों के 54 फ़ीसदी मामले पाए गए थे. उसी तरह साल 2018 में तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात में स्वाइन फ़्लू के कुल मामले के 65 फ़ीसदी केस पाए गए थे.
सस्ता कच्चा तेल ख़रीद रहीं हैं कंपनियां
दैनिक जागरण अख़बार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में जिस तरह कच्चे तेल की क़ीमतों में गिरावट हुई है, उसका पूरा फ़ायदा उठाने में देश की तेल कंपनियां जुट गईं हैं.
सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) न सिर्फ़ भारी मात्रा में तेल ख़रीद कर रणनीतिक तौर पर प्रभाव पैदा करने के मकसद से देश का कच्चे तेल का भंडार भर रही हैं बल्कि समुद्र में रहने वाले कच्चे तेल से भरे जहाजों को भी ख़रीद रही हैं.
सस्ती दर पर जितना कच्चा तेल मार्च और अप्रैल में ख़रीदा गया है उससे देश को 25,300 करोड़ रुपए से ज़्यादा की बचत हुई है. इससे देश में 53 लाख टन का कच्चा तेल भंडार कुछ दिनों में भर जाएगा.
सूत्रों के अनुसार इसके लिए वित्त मंत्रालय ने अप्रैल में 3184 करोड़ की अतिरिक्त धन राशि का इंतज़ाम किया था.
रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो महीनों में सस्ती क़ीमतों की वजह से कुल 3.86 करोड़ टन कच्चा तेल ख़रीदा गया है, जो सालाना खपत का तक़रीबन 18.5 फ़ीसदी है.
पाकिस्तानी एयरफ़ोर्स में पहली बार हिंदू पायलट
नवभारत टाइम्स में छपी ख़बर के मुताबिक़ पाकिस्तानी एयरफ़ोर्स में पहली बार किसी हिंदू पायलट को शामिल किया गया है.
सिंध प्रांत के राहुल देव को पाकिस्तानी एयरफ़ोर्स में जनरल ड्यूटी पायलट (GDP) चुना गया है. राहुल सिंध के सबसे बड़े ज़िले थारपारकर के रहने वाले हैं जहां बड़ी तादाद में हिंदू समुदाय के लोग रहते हैं.
सोशल मीडिया पर उन्हें ख़ूब बधाई दी जा रही है. पाकिस्तानी वायुसेना में जीडीपी आमतौर पर ट्रांसपोर्ट पायलट होते हैं जिनका मुख्य काम सेना को रसद पहुंचाना होता है.
आगे चलकर ये पायलट नए कैडेट्स को प्रशिक्षण भी देते हैं. पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों की हालत विकास के सभी सूचकांक के अनुसार अच्छी नहीं है. ऐसे में ये ख़बर आने वहां के हिंदू समुदाय के लिए ख़ुशी की बात है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)