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मध्य प्रदेश: छह साल की बच्ची के साथ बलात्कार, आंखों को पहुंचाई गई क्षति
- Author, शुरैह नियाज़ी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, भोपाल से
मध्यप्रदेश में एक बार फिर शर्मनाक घटना हुई है. यहां छह साल की एक मासूम बच्ची के साथ बलात्कार और फिर उसकी आंखों को चोट पहुंचाने का मामला सामने आया है.
यह घटना दमोह ज़िले के जबेरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बंशीपुर गांव की है.
घायल बच्ची को पहले दमोह ज़िला अस्पताल ले जाया गया था उसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया गया.
माना जा रहा है कि आरोपी ने बच्ची की आंखें इसलिए निकालीं ताकि वो अभियुक्त को पहचान न सके.
पुलिस के मुताबिक़ बच्ची बुधवार शाम को उस वक़्त ग़ायब हो गई थी जब वह दूसरे बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रही थी.
रात भर बच्ची को ढ़ूंढ़ा गया, लेकिन गुरुवार को सुबह बच्ची घर के क़रीब एक सूनी जगह में मिली जो किसी मोहन सिंह की है. उसके दोनों हाथ बंधे हुए थे और आखों में गंभीर ज़ख्म था.
दमोह के पुलिस अधीक्षक हेमंत चौहान ने बीबीसी को पूरी घटना का जानकारी दी. उन्होंने बताया, "बच्ची को कई और जगहों पर भी चोट आई है. इस मामले में सचिन सेन नाम के एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है जिसकी उम्र 21 साल है."
पुलिस उससे पूछताछ कर रही है.
हेमंत चौहान ने यह भी कहा कि अभी यह बता पाना मुश्किल है कि बच्ची की आंखें पूरी तरह से ख़राब हुई हैं या नहीं.
उन्होंने कहा, "उसकी दोनों आंखों में सूजन है जिससे पता नहीं चल पा रहा है कि उसे कितना नुक़सान पहुंचाया गया है. और अभी ये भी नहीं पता चल पाया है कि वो देख भी सकती है या नहीं. "
मध्यप्रदेश बलात्कार के मामलों में पिछले कई सालों से देश में नंबर वन बना हुआ है. वहीं नाबालिग़ लड़कियों के मामलों में भी इसका स्थान पहला है.
नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के 2018 के आकड़ों के मुताबिक़ प्रदेश में बलात्कार के 6,480 मामले दर्ज हुए थे जिनमें से 3,887 नाबालिग़ लड़कियों के थे.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सिंह चौहान की सरकार पर निशाना साधा है और कहा है कि क्या प्रदेश में मासूम बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं.
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "इतनी नृशंस, दरिंदगी भरी घटना, वो भी लॉकडाउन के दौरान? जहाँ आमजन आवश्यक वस्तुओं के लिये भी घर से बाहर तक नहीं जा पा रहा है, वहाँ अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं. प्रदेश में रेप, हत्या, किसान की हत्या, गोलीबाज़ी, चाकूबाज़ी की घटनाएँ जारी हैं. एक माह की आपकी सरकार प्रदेश को किस ओर ले जा रही."
वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी घटना को शर्मनाक बताया है और आदेश दिया है कि अपराधी को जल्द से जल्द पकड़ा जाए.
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि, "मैंने घटना का संज्ञान लेकर अपराधी को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए हैं. उस दरिंदे को सख़्त से सख़्त सज़ा दी जाएगी."
यह घटना उस वक़्त हुई है जब मध्यप्रदेश में कोरोना का क़हर जारी है और संक्रमण के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं.
मध्यप्रदेश में गुरुवार तक संक्रमितों की संख्या 1,698 पर पहुंच गई है.
गुरुवार को भोपाल में कोरोना के 20 पॉज़िटि मामले सामने आए हैं. उज्जैन में पहली बार गुरुवार को एक ही दिन में 27 लोगों में कोरोना वायरस होने की पुष्टि हुई हैं. यहां संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 87 तक जा पहुंचा है.
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