कोरोना: सड़क पर पड़े रहे 500 के नोट्स, किसी ने नहीं की छूने की हिम्मत- प्रेस रिव्यू

इंडियन एक्सप्रेस में कोरोना वायरस के कारण लोगों के दिलों में दहशत से जुड़ी एक दिलचस्प ख़बर छपी है. मामला दिल्ली के लॉरेंस रोड का हैं जहां घर के बाहर सड़क के किनारे 500 रूपये के कई नोट खुले में पड़े थे लेकिन किसी ने भी इन नोटों को हाथ लगाने के बारे में सोचा तक नहीं.

इलाक़े में रहने वालों ने ये नोट देखे लेकिन उन्हें लगा कि हो सकता है किसी ने कोरोना वायरस फैलाने के उद्देश्य से नोट यहां गिराए हों.

इसके बाद पुलिस को बुलाया गया जिन्होंने सेनिइटिज़ करने के बाद इन नोटों को लिफाफे में भरा और पुलिस स्टेशन चली गई.

अख़बार के अनुसार इस पूरे रहस्य से परदा तब उठा जब एक महिला ने पुलिस को बताया क उसने एटीएम से निकाले इन नोटों को सैनिटाइज़र से धोकर बालकनी में सुखाने के लिए रखा था और शायद हवा के कारण कुछ नोट नीचे सड़क के किनारे गिर गए.

एक पुलिस अधिकारी ने अख़बार से कहा, "सड़क पर बिखरे नोटों को किसी ने नहीं उठाया. ऐसा लगा जैसे राम राज्य आ गया ."

दिल्ली की देनी होगी कड़ी अग्निपरीक्षा

अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार दिल्ली के 68 कंटेनमेंट ज़ोन में लॉकडाउन तभी हटाया जाएगा जब इस इलाक़ों से कोरोना संक्रमितों की संख्या में कमी आएगी.

अख़बार के अनुसार अगर लगातार 28 दिनों तक इन इलाक़ों में संक्रमण के नए मामले सामने नहीं आए तो यहां लगी पाबंदियों में राहत देना शुरू किया जाएगा. लेकिन संक्रमण का एक भी नया मामला पाया जाता है तो लॉकडाउन आगे बढ़ा दिया जाएगा.

इस हिसाब से अगर सब कुछ सही रहा तो अगले महीने की शुरुआत में कुछ इलाक़ों में राहत मिल सकती है. वहीं कुछ इलाक़ों में मई के तीसरे सप्ताह तक आम जनजीवन पटरी पर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है.

उत्तर प्रदेश नें 20 अप्रैल से खुलेंगे सरकारी दफ्तर

जनसत्ता में छपी एक ख़बर के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा है कि बीते एक सप्ताह में देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या दोगुनी होने में 6.2 दिन का वक्त लगा है. देशभर में लॉकडाउन लागू किए जाने से पहले यह दर तीन दिन थी.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि कोरोना से ठीक होने वाले और इस कारण होने वाली मौतों के मामले में भारत दूसरे कई देशों से बेहतर है.

इसी अख़बार में छपी एक अन्य ख़बर के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि ज़्यादातर सरकार दफ्तर 20 अप्रैल से खोल दिए जाएंगे. इस दौरान कर्माचारियों को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे रक्षात्मक उपाय अपनाने होंगे.

इससे पहले प्रदेश सरकार ने 11 उद्योंगों में कामकाज चालू करने की अनुमति दी थी.

वहीं देस भर में लगे लॉकडाउन की 21 दिनं की अवधि के ख़त्म होने के बाद से यूपी सरकार के सभी मंत्रियों ने काम काज सुतु कर दि.या है और वो अपने दफ्तरों में बैठने लगे हैं. सबे पहले उन फाइलों पर काम चल रहा है जो लॉकडाउन के कारण बीते 21 दिनों से रुकी पड़ी थीं.

वहीं केंद्र सरकार ने पूर्णबंदी के बीच कुछ क्षेत्रों में काम करने की अनुमति दे दी है. इनमें ग्रामीण इलाक़ों में निर्माण कार्य, पानी की आपूर्ति से जुड़े काम, गैर बेंकिंग वित्तीय संस्थानों और सहकारी ऋण समितियों को काम करने की अनुमति दी गई है.

अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए आरबीआई ने बढ़ाया हाथ

कोरोना वायरस महामारी के मद्देनज़र भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा की है.

इकोनोमिक टाइम्स और द हिंदू के पहले पन्ने पर छपी ख़बर के अनुसार शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना के कारण पूरी दुनिया एक बड़ी आर्थिक मंदी की तरफ़ बढ़ रही है लेकिन भारत के हालात उतने ख़राब नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण भारतीय अर्थव्यस्था में आई सुस्ती को दूर करने के लिए बाज़ार में 50 हज़ार करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण 9.9 ट्रिलियन डॉलर के नुक़सान होने की आशंका जताई जा रही है, जो कि जापान और जर्मनी के संयुक्त जीडीपी से भी ज़्यादा है.

इससे पहले मार्च 27 तारीख को आरबीआई ने अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी.

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