मध्यप्रदेश: विधानसभा कार्यसूची में फ्लोर टेस्ट का ज़िक्र नहीं

कमलनाथ

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मध्यप्रदेश में जारी राजनीतिक संकट के बीच रविवार को जब अगले दिन के लिए विधानसभा की कार्यसूची जारी हुई, तो उसमें फ्लोर टेस्ट का कहीं ज़िक्र नहीं होने पर भारतीय जनता पार्टी ने नाराज़गी जताई है.

बीजेपी की नाराज़गी की वजह ये है कि एक दिन पहले यानी शनिवार को राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा था कि सोमवार को विधानसभा में उनके अभिभाषण के फ़ौरन बाद कमलनाथ सरकार को फ्लोर टेस्ट का सामना करके बहुमत साबित करना होगा.

लेकिन फिलहाल स्थिति ये है कि राज्यपाल के कहने के बावजूद सोमवार के लिए विधानसभा की कार्यसूची में फ्लोर टेस्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.

इससे पहले, विधानसभा के बाहर मीडिया ने जब मुख्यमंत्री कमलनाथ से फ्लोर टेस्ट के बारे में पूछा तो उन्होंने 'ऑल इज़ वेल' कहा था.

इस घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार देर रात एक बयान में कहा, ''मुझे राज्यपाल का फोन आया था, विधानसभा शांतिपूर्वक चले इसे लेकर हमारे बीच चर्चा हुई है.‬ मैं भी यह चाहता हूं कि विधानसभा शांतिपूर्वक चले और इसके लिए मै कल (सोमवार) को स्पीकर से चर्चा करूंगा. फ्लोर टेस्ट का निर्णय स्पीकर को लेना है. सरकार पूरी तरह से सुरक्षित है.''

शिवराज सिंह चौहान

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इस पर बीजेपी नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा, ''कमलनाथ फ्लोर टेस्ट से भाग रहे हैं और यहां वहां की बात कर रहे हैं. सदन का कामकाज सरकार तय करती है जिसे स्पीकर सम्पन्न कराता है. कमलनाथ सरकार अल्पमत में है और हम सोमवार को फ्लोर टेस्ट चाहते हैं.''

विधानसभा कार्यसूची

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कोरोना वायरस पर सार्क देशों से बोले मोदी, चौकन्ना रहने की ज़रूरत

नरेंद्र मोदी

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सार्क देशों के साथ कोरोना वायरस के बढ़ते ख़तरे और इसे रोकने के लिए उठाए जाने वाले संभावित साझा विकल्पों पर चर्चा की. इस चर्चा में नेपाल के प्रधानमंत्री ओली भी शामिल हुए, जिनकी हाल में ही सर्जरी हुई है.

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हम सभी जानते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौक़े पर सार्क देशों नेताओं से कहा "हमें चौकन्ना रहने की ज़रूरत है."

इस मौक़े पर उन्होंने सार्क देशों के साथ कोरोना वायरस को लेकर अपनायी जा रही रणनीति की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हमें तैयार रहने की ज़रूरत है लेकिन घबराने की नहीं.

पीएम मोदी ने बताया, "हमने जनवरी महीने से स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी, इसके साथ ही यात्राओं पर भी धीरे-धीरे प्रतिबंध बढ़ाया. एक एक क़दम आगे बढ़ने की नीति ने हालात बिगड़ने नहीं दिये."

प्रधानमंत्री ने इस चर्चा में मेडिकल स्टाफ़ को दिये गए प्रशिक्षण का भी ज़िक्र किया. उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह भारतीय प्रशासन ने विदेश में रह रहे लोगों की मदद की. उन्होंने बताया कि भारत अब तक 1400 लोगों को वापस ला चुका है. प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत ने अपने कुछ पड़ोसी देशों की भी मदद की है.

चंद्रशेखर आज़ाद

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चंद्रशेखर आज़ाद की 'आज़ाद समाज पार्टी'

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने रविवार को बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की जयंती पर अपनी पार्टी 'आज़ाद समाज पार्टी' का एलान किया.

हालांकि इस मौक़े पर प्रशासन और चंद्रशेखर आज़ाद की पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति भी बन गई.

प्रशासन की ओर शनिवार देर शाम एक नोटिस जारी किया गया था जिसमें उन्होंने नई पार्टी के लिए आयोजन की अनुमति से मना कर दिया था.

प्रशासन की ओर से दलील दी गई थी कि जनसभा में सामूहिक भीड़ होती है जिससे कोरोना वायरस के फैलने का ख़तरा रहता है.

हालांकि कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने छह दिन पहले ही इस आयोजन के लिए अनुमति मांगी थी और तब उन्हें इसके लिए हां कह दिया गया था और आयोजन से ठीक एक दिन पहले ये नोटिस लगा दिया गया.

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गुजरात विधानसभा के स्पीकर राजेंद्र त्रिवेदी

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कांग्रेस विधायकों के इस्तीफ़े

गुजरात की चार राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होने हैं.

इसी बीच चुनाव से ठीक दस दिन पहले कांग्रेस के चार विधायकों ने स्पीकर राजेंद्र त्रिवेदी को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है.

इन चारों विधायकों ने शनिवार को स्पीकर त्रिवेदी को अपना इस्तीफ़ा दिया, जिसे स्पीकर ने स्वीकार भी कर लिया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार, स्पीकर सोमवार को इन विधायकों के नाम की घोषणा कर सकते हैं.

स्पीकर राजेंद्र त्रिवेदी ने कहा, "कांग्रेस के चार विधायकों ने शनिवार को मुझे अपना इस्तीफ़ा सौंपा, उनके नामों की घोषणा मै सोमवार को विधानसभा में करूंगा."

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इस तरह 182 सदस्यों वाले गुजरात विधानसभा में अब कांग्रेस की संख्या 73 से घटकर 69 हो गई है.

भोपाल

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भोपाल में धारा 144

मध्य प्रदेश में जहां मौजूदा कमलनाथ सरकार को सोमवार के फ़्लोर टेस्ट के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ़ रविवार को भोपाल ज़िला प्रशासन ने शहर के इलाक़ों में धारा 144 लागू कर दिया है.

भोपाल ज़िला प्रशासन के आदेश से राजधानी के कुछ इलाक़ों में धारा 144 लागू की गई है. जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध होगा.

ये प्रतिबंध 16 मार्च से 13 अप्रैल तक के लिए लगाया गया है. इससे पहले शुक्रवार को भोपाल एयरपोर्ट के पास धारा 144 लगाया गया था. वहीं, भोपाल से जयपुर पहुंचे कांग्रेस के क़रीब 90 विधायक आज वापस भोपाल जा रहे हैं.

पत्रकारों से बातचीत में एक विधायक ने कहा, "हम फ़्लोर टेस्ट पर बहुमत साबित कर लेंगे. कमलनाथ की सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी."

इन विधायकों को बुधवार के दिन भोपाल से जयपुर लाया गया था जहां इन्हें जयपुर-दिल्ली हाईवे पर स्थित एक रिज़ॉर्ट में ठहराया गया था.

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