मोदी के प्रस्ताव पर पाकिस्तान का सकारात्मक रुख़: पाँच बड़ी ख़बरें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सार्क देशों (अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, भारत, भूटान, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका) के सामने कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए एक मज़बूत योजना बनाने का प्रस्ताव रखा था.
पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा था कि सार्क देश के नेता वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए कोरोना को लेकर बात कर सकते हैं ताकि इससे बचाव में मदद मिले. मोदी ने कहा था कि सार्क देश आपस में मिलकर दुनिया के सामने मिसाल पेश कर सकते हैं और विश्व को सेहतमंद बनाने में अपनी भूमिका अदा कर सकते हैं.
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पीएम मोदी के इस प्रस्ताव का भूटान, नेपाल, श्रीलंका समेत कई देशों ने स्वागत किया. यहां तक कि पाकिस्तान ने भी इस पर सकारात्मक रुख़ दिखाया. पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्ते बहुत ही ख़राब हैं लेकिन पीएम मोदी के इस प्रस्ताव पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सकारात्मक रुख़ दिखाया है.
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पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता आइशा फ़ारूक़ी ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सहयोग की ज़रूरत है. आइशा फ़ारूक़ी ने ट्वीट कर कहा, ''हमने पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री को सार्क देशों के नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए बात करने को लेकर कहा है. इस पर वैश्विक और क्षेत्रीय सहयोग की ज़रूरत है.''
पाकिस्तानी अख़बारों ने पीएम मोदी के प्रस्ताव पर पाकिस्तान की सरकार की तरफ़ से इस प्रतिक्रिया को सकारात्मक रुख़ बताया जा रहा है. कहा गया है कि तनावपूर्ण रिश्ते में पहली बार दोनों देशों के बीच किसी भी तरह के संवाद पर सहमति बनती दिख रही है.

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मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट को तैयार कमलनाथ
शुक्रवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाक़ात की, जिसके बाद मुख्यमंत्री की सलाह पर राज्यपाल ने उनके मंत्रिमंडल के छह सदस्यों को निलंबित कर दिया.
बताया जा रहा है कि ये नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के हैं, जिन्होंने हाल में कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी का दामन थामा है.
कमलनाथ ने राज्यपाल को एक चिट्ठी सौंपी है, जिसमें उन्होंने बीजेपी पर विधायकों की ख़रीद फ़रोख्त का आरोप लगाया है. चिट्ठी में उन्होंने लिखा है कि बीजेपी ने जो चिट्ठी राज्यपाल को सौंपी है उसकी जांच की जानी चाहिए.
राज्यपाल से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण और बजट सत्र के दौरान फ्लोर टेस्ट होगा.
मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र 16 तारीख़ से शुरू होने वाला है.

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यस बैंक में निवेश के लिए तैयार कई और बैंक
आर्थिक संकट से जूझ रहे यस बैंक में एसबीआई के अलावा एक्सिस बैंक, कोटक बैंक, एचडीएफ़सी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक निवेश करेंगे.
यस बैंक के 60 करोड़ शेयर एक्सिस बैंक 600 करोड़ रूपए में ख़रीदेगा. आईसीआईसीआई बैंक यस बैंक के 100 करोड़ शेयरों के लिए उसमें 1,000 करोड़ रूपए का निवेश करेगा.
इसके अलावा एचडीएफसी ने भी यस बैंक में 1,000 करोड़ रूपए का निवेश करेगा जबकि कोटक महिंद्रा भी यस बैंक में 500 करोड़ रूपए का निवेश करेगा.
इससे पहले एसबीआई के केंद्रीय बोर्ड ने गुरुवार को यस बैंक में 7250 करोड़ रूपए के निवेश के लिए हामी भर दी थी. केंद्रीय बैंक आरबीआई की योजना के अनुसार एसबीआई यस बैंक की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी ख़रीदने वाला है.
इसके बाद अब उम्मीद की जा रही है कि आरबीआई यस बैंक पर पैसे को निकालने को ले कर लगाई पाबंदी जल्द हटा सकती है.

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संपत्ति का नुक़सान करने वालों से भरपाई के लिए योगी सरकार लाएगी अध्यादेश
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने विरोध प्रदर्शनों, जुलूसों और धरने के कारण सार्वजनिक और निजी संपत्तियों के होने वाले नुक़सान की भरपाई के लिए अध्यादेश लाने का फ़ैसला किया है.
शुक्रवार शाम को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक बैठक हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश रिकवरी ऑफ डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी अध्यादेश के मसौदे के मंजूरी मिल गई है.
हाल में नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी के विरोध से जुड़ी हिंसा के दौरान संपत्ति को नुक़सान पहुंचाने वालों से नुक़सान की भरपाई के लिए उनकी तस्वीर और पत्ते पोस्टर बना कर लगवाए गए थे.
इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सरकार को पोस्टर को हटाने का आदेश दिया था. ये मामला इसके बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जहां सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक नहीं लगाई और इसे बड़ी बेंच के पास भेजने का फैसला किया.

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पहलू ख़ान लिंचिंग मामले में अभियुक्तों को सुधार गृह भेजा जाएगा
पहलू ख़ान मॉब लिंचिंग मामले में जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने दो नाबालिग़ अभियुक्तों को तीन-तीन साल के लिए सुधार गृह भेजने का फ़ैसला सुनाया है.
2017 में राजस्थान के अलवर ज़िले में 55 वर्षीय पहलू ख़ान को पीट-पीट कर मार दिया गया था.
इस मामले में कुल आठ लोगों को अभियुक्त बनाया गया था जिनमें से छह को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया जा चुका है.
इसके बाद दो नाबालिग़ों की सुनवाई जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड में हुई.
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