सेंसेक्सः तेज़ी से गिरा, तेज़ी से संभला, क्यों?

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- Author, निखिल इनामदार और निधि राय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, मुंबई
मुंबई शेयर बाज़ार में गुरुवार को जितनी तेज़ी से गिरावट दर्ज हुई उसके अगले ही दिन शुक्रवार को वहाँ तेज़ी से सुधार भी हुआ.
गुरुवार को 30 शेयरों के संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में लगभग 3,000 अंकों की गिरावट दर्ज हुई थी जिसकी काफ़ी चर्चा हुई. गुरुवार को बाज़ार 32,778 अंक पर बंद हुआ था.
शुक्रवार को भी शुरुआती कारोबार में गिरावट जारी रही और घंटे भर के भीतर 10 बजे के आस-पास सेंसेक्स 29,388 तक पहुँच गया.
गिरावट नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सूचकांक निफ़्टी में भी जारी थी और वहाँ 50 शेयरों के सूचकांक में बाज़ार खुलने के थोड़ी ही देर में 10 प्रतिशत की गिरावट गिरने के बाद दोनों शेयर बाज़ारों में अस्थायी तौर पर कारोबार बंद कर दिया गया.
मगर सवा दस बजे के आस-पास इसमें सुधार हुआ जो बरक़रार रहा. और आख़िरकार शुक्रवार को बाज़ार 34,103 अंक पर बंद हुआ.
जानकारों का कहना है कि निवेशकों में भरोसा कई कारणों से बढ़ा.
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क्यों हुआ सुधार?
आईएफ़ए ग्लोबल के संस्थापक और सीईओ अभिषेक गोएनका ने कहा, "सरकारी सूत्रों की ओर से ऐसे बयानों से कि वे स्थिति पर नज़र रख रहे हैं और ज़रूरत हुई तो बाज़ार को प्रोत्साहन देने के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी, इससे तेज़ी आई."
वेस्टेड फ़ाइनेंस कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ विराम शाह ने कहा कि बाज़ार में तेज़ी की एक वजह ये भी रही कि कई घरेलू निवेशकों ने बड़ी कंपनियों के शेयर में पैसा लगाना शुरू कर दिया जिनके भाव गिरे हुए थे.
निफ़्टी में इतनी बड़ी गिरावट 2009 के बाद पहली बार आई है और इसकी वजह कोरोना वायरस को लेकर अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की हालत को माना जा रहा है.
गुरुवार को अमरीकी बाज़ार का सूचकांक डाउ जोंस 10 प्रतिशत गिर गया था. वहीं यूरोप और एशिया के बाज़ारों में भी शेयरों की हालत कमज़ोर रही.
जानकारों का कहना है कि शुक्रवार को भारत में वैसी मारा-मारी नहीं हुई मगर अभी शेयर बाज़ार में उथल-पुथल से इनकार नहीं किया जा सकता.
चूड़ीवाला सिक्योरिटीज़ प्राइवेट लिमिटेड के एमडी आलोक सी चूड़ीवाला ने कहा, "कोरोना वायरस से निकली चिंता अभी दूर नहीं हुई है और इसलिए निवेशकों को सावधान रहना चाहिए. अभी अनिश्चितता कुछ समय बरक़रार रहेगी."
जानकारों की सलाह है कि निवेशकों को अभी दीर्घ अवधि का सोचकर ही निवेश करना चाहिए और ऐसी परिस्थिति में दहशत में आने से बचना चाहिए.
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