कोरोना की बाज़ार पर मार, सेंसेक्स 3000 अंक गिरा

कोरोना वायरस को लेकर सारी दुनिया में मचे हड़कंप का असर शेयर बाज़ार पर भी पड़ रहा है.

मुंबई में शेयर बाज़ार का सूचकांक सेंसेक्स लगभग 3000 अंक नीचे गिर गया जो किसी एक दिन हुई अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है.

गुरुवार को बाज़ार खुलते ही 30 शेयरों का सूचकांक तेज़ी से लुढ़का और एक वक़्त वो 3,204.30 अंक तक नीचे गिर गया था जिसमें बाद में मामूली सुधार हुआ.

गुरुवार को जब बाज़ार बंद हुआ तब सेंसेक्स पिछले दिन के मुक़ाबले 8.18 प्रतिशत नीचे गिर चुका था. सेंसेक्स 2,919 अंक नीचे गिरकर 3,204.30 अंक पर बंद हुआ.

जिन शेयरों के भाव गिरे उनमें सबसे ज़्यादा गिरावट एसबीआई के शेयर में हुई.

उसके बाद ओएनजीसी, ऐक्सिक बैंक, आईटीसी, टाइटन, बजाज ऑटो, टीसीएस और इंडसइंड बैंकों के शेयरों में क्रमशः सर्वाधिक गिरावट हुई.

बाज़ार में गिरावट की मुख्य वजह कोरोना वायरस है जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को वैश्विक महामारी घोषित कर दिया.

इसके साथ ही अमरीका से लेकर भारत तक तमाम देशों ने बड़े फ़ैसले लिए.

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अगले 30 दिनों तक ब्रिटेन को छोड़ यूरोप के किसी भी देश के यात्री के अमरीका आने पर रोक लगा दी.

ट्रंप की घोषणा के बाद अमरीका के शेयर बाज़ार में हड़कंप मचा और बुधवार को न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक डाउ जोन्स 5.8% नीचे गिर गया.

वहीं बुधवार रात भारत सरकार ने भी कुछ वर्गों को छोड़कर अधिकतर वर्गों के यात्रियों को भारत का वीज़ा देने पर एक महीने के लिए रोक लगाने की घोषणा की.

इन फ़ैसलों का असर अगले दिन शेयर बाज़ार पर दिखाई दिया और गुरुवार को भारत समेत तमाम देशों के बाज़ारों में शेयर बाज़ार धराशायी हो गए.

गुरुवार को न्यूयॉर्क के वॉल स्ट्रीट बाज़ार में गिरावट जारी रही और डाउ जोंस आठ प्रतिशत से भी ज़्यादा गिर गया. एक समय स्थिति ऐसी हो गई कि वहाँ कारोबार को अस्थायी तौर पर रोकना पड़ा.

इससे पहले दिन में यूरोप के सभी प्रमुख बाज़ारों में गिरावट जारी रही. लंदन, पेरिस और फ़्रैंकफ़र्ट में शेयर बाज़ार नौ प्रतिशत से भी ज़्यादा नीचे गिर गए.

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