कोरोना वायरस: सिक्किम और भूटान में विदेशी पर्यटकों के आने पर पाबंदी

सिक्किम और भूटान में विदेशी पर्यटक

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    • Author, प्रभाकर मणि तिवारी
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, कोलकाता से
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कोरोना वायरस का असर अब हिमालय की वादियों तक पहुंचने लगा है.

पश्चिम बंगाल से सटे सिक्किम ने जहां विदेशी पर्यटकों के राज्य में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है, वहीं हिमालय की गोद में बसे पर्वतीय देश भूटान ने भी दो सप्ताह के लिए तमाम विदेशी पर्यटकों के आने पर रोक लगा दी है.

सैलानियों पर लगी इस पाबंदी से पर्यटन उद्योग की कमर टूटने का अंदेशा जताया जा रहा है. हर साल लाखों लोग इन दोनों खूबसूरत जगहों पर घूमने जाते हैं.

ये संयोग ही है कि इन दोनों की सीमाएं चीन से लगी हैं.

सिक्किम में यह पाबंदी एहतियात के तौर पर गुरुवार को लगी जबिक भूटान में एक अमेरिकी नागरिक में कोरोना की पुष्टि होने के बाद शुक्रवार को.

सिक्किम में हालांकि अब तक कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला है. लेकिन सरकार ने एहितयात के तौर पर विदेशी पर्यटकों पर पाबंदी लगा दी है.

कोरोना वायरस

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परमिट जारी करने पर रोक

इसी तरह घरेलू पर्यटकों के लिए भी चीन सीमा से लगी नाथूला चौकी के लिए परमिट जारी करने पर रोक लगा दी गई है.

ये राज्य में पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण है. नतीजतन अब देसी पर्यटक भी राज्य से मुंह मोड़ने लगे हैं.

दूसरी ओर, भूटान ने एक अमरीकी पर्यटक में कोरोना की पुष्टि होने के बाद तमाम पर्यटकों पर दो सप्ताह के लिए पाबंदी लगाने का फैसला किया.

एक मार्च को भूटान पहुंचने से पहले वह पर्यटक कुछ दिन असम में भी ठहरा था.

वाशिंगटन डी.सी. के रहने वाले उस अमेरिकी नागरिक को राजधानी थिम्पू स्थित अस्पताल के कोरोना आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है.

सिक्किम के गृह मंत्रालय में सयुंक्त सचिव परीना गुरुंग के हस्ताक्षर से गुरुवार को जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि कोरोना वायरस के तेजी से फैलने को ध्यान में रखते हुए विदेशी पर्यटकों के लिए इनर लाइन परमिट जारी नहीं करने और तमाम पर्यटकों के लिए नाथुला का परमिट बंद रखने का फैसला किया गया है.

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सतर्कता बरतने का निर्देश

सरकार के इस फैसले के बाद बीते दो दिनों में 78 विदेशी पर्यटकों को रंग्पो और नेपाल से लगी सीमा चौकियों से लौटा दिया गया है.

देशी पर्यटक भी अब बुकिंग रद्द कराने लगे हैं. कोलकाता के सुदीप्त मोहन गांगुली ने अगले सप्ताह एक सप्ताह के लिए सिक्किम जाने की योजना बनाई थी.

लेकिन उन्होंने अपनी बुकिंग रद्द करा दी है. वह कहते हैं, "जब सिक्किम जाकर नाथूला ही नहीं जा पाएंगे तो जाना बेमतलब है."

सिक्किम के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सचिव पेम्पा टी भूटिया ने तमाम जिलाशासकों को अतरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है.

सरकार ने राज्य के चारों सीमा चौकियों, रंग्पो, मेल्ली, रम्माम और चेवाभंजन (भारत-नेपाल सीमा) पर अतिरिक्त बलों को तैनात कर चौबीसों घंटे निगरानी शुरू कर दी है.

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दो सप्ताह के लिए पाबंदी

दूसरी ओर, भूटान के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि शुक्रवार से तमाम विदेशी पर्यटकों (भारतीयों समेत) पर दो सप्ताह के लिए पाबंदी लगा दी गई है.

भूटान में रोजाना कोलकाता से उड़ान से औसतन डेढ़ सौ लोग पहुंचते हैं जबिक दार्जिलिंग से सड़क मार्ग से लगभग साढ़े तीन सौ लोग.

शुक्रवार को पर्यटकों पर लगी पाबंदी के बाद लगभग 12 सौ लोग भूटान से दार्जिंलिंग सीमा में लौट आए.

भूटान के स्वास्थ्य मंत्री डेचेन वांग्मो ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, "हमने कोरोना वायरस से निपटने के लिए युद्धकालीन तैयारियां की हैं. हम कोई खतरा नहीं मोल लेना चाहते."

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कोरोना के आतंक

इस बीच, पर्यटन उद्योग ने कोरोना के आतंक और इन पाबंदियों की वजह से भारी नुकसान का अंदेशा जताया है.

हिमालयन हास्पीटलिटी एंड टूरिज्म डेवलपमेंट के महासचिव सम्राट सान्याल कहते हैं, "उम्मीद है कि यह पाबंदियां जल्दी ही हटा ली जाएंगी. ऐसा नहीं हुआ तो इस उद्योग की कमर टूटने का अंदेशा है."

ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया के चेयरमैन (ईस्ट) अनिल पंजाबी ने कहा है कि अगर हालात में सुधार नहीं हुआ और कुछ और सरकारों ने पर्यटन पर पाबंदी लगाई तो ये उद्योग बर्बाद हो जाएगा.

वह कहते हैं, "सिक्किम में विदेशी पर्यटकों पर लगी पाबंदी से हालत गंभीर हो गई है."

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पर्यटन उद्योग पर ख़तरा

इस इलाके में पहुंचने वाले पर्टक अमूमन सिक्किम के अलावा दार्जिंलग और भूटान भी जाते हैं.

लेकिन इन पाबंदियों और कोरोना के आतंक की वजह से अब इस पूरे इलाके के पर्यटन उद्योग पर ख़तरा मंडराने लगा है.

स्कूलों की परीक्षाएं खत्म होने के बाद ही यहां सीजन शुरू होता है. लेकिन अबकी होटल मालिक और पर्यटन उद्योग से जुड़े तमाम लोग बेहद आशंकित हैं.

पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री गौतम देब कहते हैं, "हमने टूर ऑपरेटरों से बात की है. उनसे पर्यटकों के हितों का ध्यान रखने को कहा गया है. अगर कोई पर्यटक कहीं फंसा है तो सरकार उसे बाहर निकालने में सहायता करेगी."

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