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दिल्ली हिंसा: ताहिर हुसैन के मामले में अपने बयान से पलटी दिल्ली पुलिस
दिल्ली दंगों के एक अभियुक्त ताहिर हुसैन के मामले में दिल्ली पुलिस अपने बयान से पलट गई है.
दिल्ली पुलिस ने पहले कहा था कि ताहिर हुसैन को पुलिस ने रेस्क्यू किया था. लेकिन अब पुलिस का कहना है कि ये ख़बर ग़लत है.
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा गया है कि मीडिया में ताहिर हुसैन को लेकर जो ख़बर चल रही है वो ग़लत है और पुलिस जब उनके घर पहुंची तो वो अपने घर में ही थे.
डीसीपी के हैंडल से तीन ट्वीट किया गया है.
ट्वीट में लिखा गया है, ''मीडिया के एक हिस्से में ये रिपोर्ट किया गया है कि ताहिर हुसैन (पार्षद) को दिल्ली पुलिस ने रेस्क्यू किया था. सच्चाई ये है कि 24-25 फ़रवरी की दरम्यानी रात को कुछ लोगों ने चांदबाग़ में तैनात पुलिस को ये ख़बर दी कि भीड़ ने ताहिर हुसैन के घर को घेर लिया है और ताहिर हुसैन फंसे हुए हैं. पुलिस ने अपनी छानबीन में इसे ग़लत पाया और ताहिर हुसैन अपने घर में मौजूद थे. ये भी बताया जाता है कि 26 फ़रवरी को अंकित शर्मा की लाश मिलने के बाद उन्हें हत्या के मामले में अभियुक्त बनाया गया था. उनके घर की तलाशी ली गई थी लेकिन वो वहां से फ़रार थे. उनको गिरफ़्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं.''
हालांकि दिल्ली पुलिस जिसे मीडिया की ग़लती बता रही है वो ख़बर दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के आधिकारिक बयान के आधार पर चल रही है.
इससे कुछ ही घंटे पहले दिल्ली पुलिस ने कहा था कि उन्होंने ताहिर हुसैन को 24-25 फ़रवरी की रात में रेस्क्यू किया था.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए दिल्ली पुलिस के एडिशनल कमिश्नर एक सिंगला ने कहा था, "24-25 फ़रवरी की रात कुछ लोगों ने हमें बताया था कि कोई पार्षद हैं जो फंसे हुए हैं और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उसके बाद पुलिस ने जाकर उनको रेस्क्यू किया था."
हालांकि ताहिर हुसैन कहते रहे हैं कि वो ख़ुद हिंसा के शिकार हुए थे और जब दंगाइयों ने उनके घर को घेर लिया था तो उन्होंने पुलिस को मदद के लिए कई बार फ़ोन किया था.
ताहिर हुसैन आम आदमी पार्टी के पार्षद हैं और दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हिंसा में शामिल होने और ख़ासकर आईबी अधिकारी अंकित शर्मा के क़त्ल के आरोप में उनपर हत्या का केस दर्ज किया है.
आम आदमी पार्टी ने भी उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया है.
अंकित शर्मा की हत्या का मामला
ताहिर हुसैन ने कहा था कि पुलिस ख़ुद आकर उन्हें उनके घर से सुरक्षित निकाल कर ले गई थी. उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया था जिसमें वो अपने घर के आसपास हिंसा होने की बात कर रहे हैं और पुलिस से मदद की गुहार लगा रहे हैं.
उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा था कि वो तो दंगे रोकने की कोशिश कर रहे थे.
लेकिन बाद में एक वीडियो सामने आया जिसमें उनके घर की छत पर ईंट-पत्थर और पेट्रोल बम देखे गए थे.
बाद में पुलिस ने उन पर अंकित शर्मा की हत्या का मामला दर्ज किया. ताहिर हुसैन उस वक़्त से लापता हैं और अभी तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है.
दिल्ली पुलिस का भी कहना है कि वो उनकी तलाश कर रही है.
24-26 फ़रवरी को दिल्ली में हुई हिंसा में अब तक 40 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है और 200 से ज़्यादा लोग घायल हैं.
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