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अलीगढ़ नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ फिर सुलगा
- Author, दिलनवाज़ पाशा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन और आगजनी की घटना के बाद शहर में इंटरनेट बंद कर दिया गया है.
अलीगढ़ के ज़िलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया, "बीते दो दिनों से जामा मस्जिद के पास महिलाओं और बच्चों ने जाम लगा रखा था. हम दो दिन से प्रदर्शनकारियों से बात कर रहे थे. जामा मस्जिद के इमाम ने भी रास्ता खोलने का अनुरोध किया. लेकिन एएमयू की लड़कियों ने माहौल ख़राब किया."
उन्होंने कहा, "लोग जुलूस की शक्ल में जामा मस्जिद के पास आए. शाम पांच बजे के आसपास पुलिस की गाड़ी पर पथराव किया. स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए आंसूगैस के गोले इस्तेमाल किए गए."
हालांकि, ज़िलाधिकारी ने किसी के घायल होने से इनकार किया है. वहीं स्थानीय सूत्रों ने बीबीसी को बताया है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया है, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं.
वहीं ज़िलाधिकारी का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान हुए संपत्ति के नुक़सान को प्रदर्शनकारियों से वसूला जाएगा.
बीबीसी को मिले वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तकरार होते हुए दिख रही है. वहीं एक वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प होती भी दिख रही है.
अलीगढ़ में इससे पहले भी नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों के दौरान हिंसा हो चुकी है.
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पुलिस पर हॉस्टल में घुसकर मारपीट करने के आरोप भी लगाए थे.
नागरिकता संशोधन क़ानून लागू होने के बाद से ही अलीगढ़ में कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं.
यूनिवर्सिटी के छात्र लगातार इस क़ानून के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे हैं.
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