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ट्रंप के लिए यमुना में छोड़ा गया पानी ताकि नदी साफ़ दिखे
- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए
विश्व प्रसिद्ध ताजमहल की ख़ूबसूरती बेहतरीन वास्तुकला और सफ़ेद संगमरमर की वजह से तो है ही, पर यमुना नदी का किनारा और दिन छिपे चाँद की रोशनी, ताज की ख़ूबसूरती में चार चाँद लगा देते हैं.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप 24 फ़रवरी की शाम इसी का दीदार करने आगरा पहुँचने वाले हैं.
हालांकि, यमुना के किनारे जहाँ ताजमहल स्थित है, वहाँ नदी काफ़ी सिकुड़ चुकी है और नदी में बहुत कम पानी रह गया है.
और जो पानी है, वो इतना गंदा है कि नदी के पास कोई खड़ा नहीं हो सकता, क्योंकि बदबू आती है.
लेकिन उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और स्थानीय प्रशासन इस नज़ारे को अल्पावधि के लिए बदलने का पूरा प्रयास कर रहे हैं.
क़रीब डेढ़ फ़ुट पानी
इसके लिए यूपी के सिंचाई विभाग ने कई जगह से यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ने का फ़ैसला किया है, ताकि यमुना नदी में पानी की आमद ज़्यादा हो जाये और बहते पानी की वजह से नदी साफ़ दिखे और बदबू कम आये.
आगरा शहर के मेयर नवीन जैन ने बीबीसी को बताया कि 'इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से आग्रह किया था.'
उन्होंने बताया, "सीएम योगी जब आगरा आये थे तो हमने कहा कि यमुना में कुछ और पानी डाल दिया जाएगा तो नदी साफ़ भी हो जाएगी और ज़्यादा पानी की वजह से अच्छी भी दिखेगी. उन्होंने तुरंत हमारी बात सुनी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को इसके निर्देश दिए. बुधवार शाम को क़रीब डेढ़ फ़ुट पानी छोड़ा गया है."
नवीन जैन ने बताया कि 'ये पानी हरिद्वार के पास गंगा नदी, ग्रेटर नोएडा के पास हिंडन नदी और कुछेक नदियों से यमुना में छोड़ा जाएगा ताकि 22 या 23 फ़रवरी तक आगरा पहुँच जाए और अगले एक-दो दिनों तक पानी साफ़ बना रहे.'
नदी साफ़ बने रहने की उम्मीद
डोनल्ड ट्रंप की यात्रा के सिलसिले में हो रही तैयारियों का जायज़ा लेने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी मंगलवार को आगरा पहुँचे थे.
नवीन जैन ने बताया कि 'यमुना नदी की दशा उन्होंने भी देखी और जब ये सलाह दी गई तो उन्होंने इसके लिए तुरंत निर्देश दिये.'
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र सिंह फोगाट ने बताया कि 'मांट नहर के रास्ते 500 क्यूसेक गंगाजल मथुरा में छोड़ा गया है.'
उनके अनुसार सिंचाई विभाग की कोशिश है कि गंगाजल की यह मात्रा यमुना में 24 फ़रवरी तक निरंतर बनी रहे.
उन्होने यह भी बताया कि 'यमुना में अभी कुछ और पानी छोड़ा जाएगा.'
जानकारों के मुताबिक़ पानी की यह मात्रा मथुरा के साथ-साथ आगरा में भी यमुना नदी में घुले ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाएगी जिससे यमुना का पानी पीने योग्य भले ही ना हो पाये, पर उसमें बदबू तो कम हो ही जाएगी.
यानी 24 फ़रवरी तक आगरा में यमुना के साफ़ बने रहने की उम्मीद की जा सकती है.
आगरा और उसके आस-पास यमुना नदी में कई नाले गिर रहे हैं और नालों के इसी गंदे पानी के साथ यमुना नदी बह रही है. नदी के आस-पास के किनारों पर भी गंदगी भरी पड़ी है.
ट्रंप की यात्रा को देखते हुए अब इनकी भी सफ़ाई की जा रही है.
आगरा के रहने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता विपिन शर्मा तंज़ करते हैं, "अब अहमदाबाद की झुग्गियों की तरह यमुना के किनारे पर दीवार तो खड़ी नहीं की जा सकती. और दीवार खड़ी कर भी दी गई, और ट्रंप ने यमुना नदी का दीदार करने की इच्छा जता दी तो सारी पोल खोल जाएगी."
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