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आधार से लिंक न हुआ तो पैन कार्ड होगा रद्द: पांच बड़ी ख़बरें
इस साल की 31 मार्च तक अगर आपने अपने आधार कार्ड को पैन कार्ड के साथ लिंक नहीं किया तो पैन कार्ड से जुड़े कुछ काम रुक सकते हैं और पैन कार्ड को रद्द भी किया जा सकता है.
आयकर विभाग का कहना है कि आधार-पैन लिंक के लिए तारीख को कई बार आगे बढ़ाया गया है और अब इसके लिए आख़िरी तारीख़ 31 मार्च है जिसके बाद पैन अन-ऑपरेटिव हो जाएगा.
सामान्य तौर पर आयकर रिटर्न भरने के लिए पैन कार्ड की ज़रूरत होती है. ऐसे में विभाग का कहना है कि दोनों दस्तावेज़ लिंक न होने पर लोगों को कुछ परेशानी आ सकती है. हालांकि दोनों दस्तावेज़ों को 31 मार्च के बाद भी लिंक किया जा सकेगा.
लेकिन इस तारीख के बाद पैन को आधार से लिंक करने पर वह उसी दिन से सामान्य माना जाएगा जिस दिन उसे लिंक किया जाएगा.
आयकर विभाग ने अपनी वेबसाइट पर आधार पैन लिंक करने की ऑनलाइन सुविधा दी है. साथ ही अगर कोई ये देखना चाहे कि उसका आधार और पैन लिंक हुए हैं या नहीं तो वो भी आसानी से ऑनलाइन देखा जा सकता है.
1.47 लाख करोड़ के भुगतान के लिए कंपनियों को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने दूरसंचार कंपनियों को फटकार लगाई है और पूछा है कि आदेश का पालन न करने को लेकर उनके ख़िलाफ़ क्यों कोई अवमानना की कार्रवाई न की जाए.
इसके बाद दूरसंचार विभाग ने कंपनियों के लिए दिया वो आदेश वापस ले लिया है जिसमें विभाग ने कहा था कि वैधानिक बकाया समय पर न लौटाने पर दंडात्मक क़दम नहीं उठाए जाएंगे.
अब केंद्र सरकार ने भारती एयरटेल, आइडिया और वोडाफ़ोन आइडिया जैसी दूरसंचार कंपनियों को शुक्रवार रात 11 बजकर 59 मिनट से पहले तक 1.47 लाख करोड़ रूपये के बकाए एजीआर का (बकाया राजस्व) भुगतान करने का आदेश दिया है. 1.47 लाख करोड़ रूपये में 92,642 करोड़ रुपये लाइसेंस फीस है जबकि 55,054 करोड़ रुपये स्पेक्ट्रम फीस है.
कोर्ट के आदेश के बाद दूरसंचार विभाग ने कंपनियों को बकाया नोटिस भेजा और उन्हें तय समय के भीतर भुगतान करने को कहा है.
कोर्ट के आदेश के बाद एयरटेल ने कहा है कि वो 20 फरवरी के भीतर 10 हज़ार करोड़ रूपये का भुगतान कर देगा. कोर्ट ने कंपनी को इसके लिए 17 मार्च तक का समय दिया है.
घाटी पर लगी पाबंदियां हटें- यूरोपीय संघ
यूरोपीय संघ ने कहा है कि भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर में सामान्य स्थिति लाने के लिए कई सकारात्मक क़दम उठाए हैं, लेकिन घाटी पर लगी पाबंदियों को जल्द ख़त्म किए जाने की ज़रूरत है.
विदेश मामलों और सुरक्षा नीति के लिए यूरोपीय संघ के प्रवक्ता वर्जिनी बटहेनरिकसन ने कहा है कि "अभी भी मोबाइल और इंटरनेट पर पाबंदियां है और साथ ही कई राजनीतिक नेता नज़रबंद हैं. हम मानते हैं कि सुरक्षा चिंताएं हो सकती हैं लेकिन ये ज़रूरी है कि सभी पाबंदियों को ख़त्म किया जाए."
बटहेनरिकसन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस प्रदेश को लेकर भारत के साथ चर्चा आगे भी जारी रहेगी.
इसी महीने सरकार ने 25 विदेशी राजनयिकों के एक प्रतिनिधिमंडल को जम्मू कश्मीर का दौरा कराया था. किसी विदेशी प्रतिनिधिमंडल का ये जम्मू कश्मीर का दूसरा दौरा था. इससे पहले सरकार जनवरी में 15 विदेशी राजनयिकों के एक प्रतिनिधिमंडल को जम्मू कश्मीर ले कर गई थी.
बीते साल अगस्त में जम्मू कश्मीर को संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत मिले विशेष दर्जे को ख़त्म कर दिया गया था. इसके बाद से वहां कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई थीं. साथ ही कई नेताओं को या तो हिरासत में ले लिया गया था या फिर नज़रबंद कर दिया गया था.
एनसीपी और महाराष्ट्र सीएम के बीच तनाव
भीमा कोरेगांव मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने को लेकर महाराष्ट्र महाविकास अघाड़ी गठबंधन सरकार के भीतर तनाव के संकेत मिल रहे हैं.
गठबंधन में सहयोगी एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे के भीमा कोरेगांव मामले की एनआईए को सौंपने महाराष्ट्र और केंद्र सरकार के फ़ैसले की आलोचना की.
पवार ने इसे 'असंवैधानिक फ़ैसला' बताया और कहा कि ये क़ानून के मामलों में राज्य की न्याय व्यवस्था का उल्लंघन है.
उन्होंने कहा, "भीमा कोरेगांव मामले की जांच में राज्य पुलिस का व्यवहार आपत्तिजनक है. मैं चाहता हूं कि मामले में जांच कर रहे अधिकारियों की जांच हो. जिस दिन महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों ने पुलिस अधिकारियों से मुलाक़ात की उसी दिन केंद्र सरकार ने इस मामले को एनआईए को सौंपने के आदेश दिए."
शरद पवार का कहना है कि संविधान के अनुसार आपराधिक मामलों की जांच राज्य की क़ानून व्यवस्था के दायरे में आते हैं. केंद्र सरकार का इस जांच को राज्य के हाथ से ले लेना और महाराष्ट्र सरकार की इसमें सहमति ग़लत है.
बीजिंग आने वाले 14 दिन तक अलग रहें
चीन के बीजिंग में अधिकारियों ने कहा है कि शहर में कोरोना वायरस कोविड-19 न फैले इसके लिए शहर में आने वाले सभी लोग खुद को 14 दिनों के लिए दूसरों से पूरी तरह अलग-थलग करें. सरकारी मीडिया का कहना है कि ऐसा करने से मना करने वालों को सज़ा दी जाएगी.
बीजिंग ने इससे पहले कहा था कि कोरोना वायरस के बीमारों की सेवा में लगे 1700 स्वास्थ्यकर्मियों में इस वायरस का संक्रमण पाया गया है और इस कारण कम से कम छह लोगों की मौत हो चुकी है.
इधर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि उन्हें इस वायरस के बारे में और जानकारी के लिए संक्रमित लोगों के बारे में जानकारी चाहिए.
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बर्लिन में कहा कि इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए पूरा चीन एकजुट है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शी जिंनपिंग स्वयं स्थिति का जायज़ा ले रहे हैं और वायरस से लड़ाई की मुहिम पर नज़र बनाए हुए हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि कई देश इस वायरस को फैलने से रोकने को लेकर कड़े प्रतिबंध लगा रहे हैं और ऐसा कर के डर की स्थिति पैदा कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, "कुछ देश इस वायरस से बचने के लिए उचित प्रतिबंध लगा रहे हैं लेकिन कुछ देश ओवररिएक्ट कर रहे हैं और बिना कारण डर फैला रहे हैं."
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