दिल्ली: जीत कर लौट रहे 'आप' विधायक पर चली गोलियां- आज की पाँच बड़ी ख़बरें

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दिल्ली में मंगलवार देर रात आम आदमी पार्टी के नेता नरेश यादव के क़ाफ़िले पर गोलियां चलीं.
आम आदमी पार्टी का कहना है कि दक्षिण पश्चिम की महरौली सीट से चुने गए विधायक नरेश यादव के क़ाफ़िले पर गोलियां चलाई गई हैं जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है और एक अन्य व्यक्ति घायल हैं.
"जिस वक़्त नरेश यादव के क़ाफ़िले पर गोलियां चलीं उस वक़्त वो अपने समर्थकों के साथ मंदिर से लौट रहे थे."
आम आदमी पार्टी से जुड़े अंकित लाल ने बीबीसी को बताया कि घायल कार्यकर्ता को नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है.
उन्होंने बताया, "नरेश यादव अपने समर्थकों के साथ मंदिर से अपने घर की तरफ़ लौट रहे थे. अरुणा आसफ़ अली रोड पर किशनगढ़ गांव के नज़दीक उनके क़ाफ़िले पर एक गाड़ी में आए कुछ लोगों ने गोलियां चलाईं."
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गाड़ी में कितने लोग थे इस संबंध में अब तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पुलिस ने कहा है कि "विधायक नरेश यादव के क़ाफ़िले पर अज्ञात लोगों ने गोलियां चलाई हैं."
नरेश यादव ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, "जिस गाड़ी में मैं सवार था उस पर गोलियां चलाई गई हैं. कुल चार राउंड गोलियां चलाई गई हैं. मुझे भरोसा है कि पुलिस ठीक से जाँच करेगी तो हमलावर को खोज निकालेगी."
मंगलवार को दिल्ली में विधान सभा चुनावों के नतीजों की घोषणा हुई जिसमें एक बार फिर आम आदमी पार्टी ने बहुमत हासिल किया है.
नरेश यादव ने दक्षिणी दिल्ली की महरौली सीट से जीत दर्ज की है.
सुधर रही है अर्थव्यवस्था: निर्मला सीतारमण

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था पर मंडराते संकट के विपक्ष के आरोपों को ख़ारिज कर दिया है.
लोकसभा में मंगलवार को उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 'कुशल डाक्टरों' के हाथ में है. सरकार अर्थव्यवस्था के लिए काम कर रही है और इसमें सुधार भी दिखाई दे रहे हैं.
यूपीए पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वो पिछली सरकारों की ग़लतियों को दोहराने के लिए तैयार नहीं हैं. उन्होंने कहा, "मुद्रास्फीति 4.8 प्रतिशत रही है, फ़ैक्टरी उत्पादन बढ़ा है, देश में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा है और जीएसटी राजस्व संग्रह बढ़ा है."
विपक्ष पर तंज़ कसते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के अच्छे प्रदर्शन को विपक्ष स्वीकार करने को तैयार नहीं है.
निर्भया मामला: नए डेथ वॉरंट के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दी हरी झंडी

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निर्भया मामले में चार दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नया डेथ वारंट जारी करने के लिए हरी झंडी दे दी है.
कोर्ट ने कहा है कि तिहाड़ प्रशासन अब फांसी के लिए नई तारीख़ के लिए ट्रायल कोर्ट में जा सकता है.
साथ ही अदालत ने चारों दोषियों को नोटिस जारी किया है और उनकी अलग-अलग फांसी का मामला अपने पास स्थगित रखा है. इस पर अगली सुनवाई 13 फ़रवरी को होगी.
तीन जजों की सुप्रीम कोर्ट बेंच ने कहा कि इस मामले में तीन दोषी अब तक अपने बचाव के लिए सभी क़ानूनी रास्तों का इस्तेमाल कर चुके हैं लेकिन पवन गुप्ता ने न तो क्यूरेटिव पिटीशन दायर की है न ही दया याचिका.
अब तक मामले में चारों दोषियों - मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय कुमार सिंह और पवन गुप्ता की फाँसी को दो बार टाला जा चुका है.
इन चारों को 22 जनवरी को फांसी दी जानी थी लेकिन एक दोषी की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित होने के कारण फांसी की तारीख़ टाल दी गई थी. बाद में कोर्ट ने फांसी के लिए 1 फरवरी का दिन मुक़र्रर किया, लेकिन फिर इसे अगले आदेश तक टाल दिया गया.
वीपीएन नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही हैं पाकिस्तान

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जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग़ सिंह ने मंगलवार को कहा है कि पाकिस्तान समर्थित एजेंसियां संदेश भेजने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का इस्तेमाल कर रही हैं.
हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर किसी भी एजेंसी का नाम नहीं लिया.
उन्होंमे कहा कि "ऐसी पाकिस्तान समर्थित एजेंसियां हैं जो संदेश भेजने के लिए वीपीएन के नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही हैं. मुझे लगता है कि सर्विस प्रोवाइडरों को थोड़ा अधिक रिसर्च करना चाहिए ताकि इस तरह के साइट्स का पता लगाया जा सके और इसे ख़त्म किया जा सके."
पूर्व राष्ट्रपति पर चलेगा युद्ध अपराध का मुक़दमा

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सूडान में संप्रभु परिषद (सैन्य परिषद और नागरिक विपक्ष की सरकार) और विद्रोहियों के बीच सैद्धातिंक रूप से इस बात को लेकर सहमति बन गई है कि पूर्व राष्ट्रपति ओमर अल-बशीर पर मामला चलाने के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट को सौंप दिया जाएगा.
बीते साल महीनों के विरोध-प्रदर्शन के बाद तीन दशक तक सूडान की सत्ता में रहने वाले बशीर को पद छोड़ना पड़ा था. उन पर पश्चिमी दार्फूर में युद्ध अपराध और नरसंहार को अंजाम देने के आरोप हैं.
वो पहले ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं जिन पर पद पर रहते हुए अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने आरोप लगाया था. सूडान की संप्रभु परिषद ने कहा है कि दार्फूर में शांति क़ायम करने और न्याय के लिए ये अहम क़दम होगा.
सूडान में अधिकारियों का कहना है कि जिन पर अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने आरोप लगाए हैं उन्हें हेग में ट्राब्यूनल के समक्ष पेश होना होगा. इस लिस्ट में और कितने नाम हैं ये अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि इसमें सबसे बड़ा नाम पूर्व राष्ट्रपति का ही है.

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