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मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम मामले में ब्रजेश ठाकुर को उम्र क़ैद
दिल्ली की एक अदालत ने बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम मामले में वहाँ के संचालक ब्रजेश ठाकुर को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई है. अदालत ने ब्रजेश ठाकुर सहित 19 अभियुक्तों को पिछले महीने दोषी ठहराया था.
साकेत स्थित कोर्ट ने इनमें से ब्रजेश ठाकुर समेत 11 अभियुक्तों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई जिनमें तीन महिलाएँ भी शामिल हैं.
अदालत ने साथ ही ब्रजेश ठाकुर पर 32 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया.
अदालत ने अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सज़ा सुनाने की तारीख़ 20 जनवरी रखी थी मगर फिर इसे 28 जनवरी को टाला गया.
आख़िरकार 11 फ़रवरी को अदालत ने सज़ा का एलान किया गया.
मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह कांड उजागर होने के बाद 29 मई 2018 को बालिका गृह को ख़ाली करा लिया गया था और वहां रहने वाली सभी 44 बच्चियों को बेहतर देखभाल और सुरक्षा मुहैया कराने के लिए राज्य के दूसरे शेल्टर होम में शिफ़्ट कर दिया गया था.
इनमें से 14 बच्चियों को बालिका गृह मधुबनी में, 14 को बालिका गृह मोकामा में और बाक़ी 16 लड़कियों को बालिका गृह, पटना भेजा गया था.
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