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निर्मला सीतारमण के दूसरे बजट भाषण की दस ख़ास बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत के वित्तीय इतिहास में शायद पहली बार दो विकल्पों वाली टैक्स व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है.
यानी करदाता चाहें तो पिछले वित्तीय वर्ष के टैक्स स्लैब और कर छूट के साथ साल 2020-21 के लिए रिटर्न दाखिल कर सकते हैं या फिर बिना किसी कर छूट के नए टैक्स स्लैब के तहत भी कर दे सकते हैं.
इसके साथ ही निर्मला सीतारमण ने कहा, "हम एक टैक्सपेयर चार्टर बनाएंगे, जिसे क़ानूनी कवच दिया जाएगा. हमारी सरकार करदाताओं को भरोसा दिलाना चाहती है कि हम उनका किसी भी तरह से उत्पीड़न नहीं होने देंगे."
मुंबई का स्टॉक एक्सचेंज शनिवार को बंद रहता है मगर आज बजट के मौक़े पर कारोबार हो रहा है. इससे पहले साल 2015 में शनिवार के दिन बजट पेश किया गया था और तब भी शेयर बाज़ार ख़ुला था.
वित्त मंत्री ने ज़ोर देते हुए कहा कि नर्सों, पैरामेडिकल स्टॉफ़ की देश में काफ़ी माँग है, उनका कौशल सुधारने के लिए एक ब्रिज कोर्स शुरू किया जाएगा, विदेशी भाषाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा.
उन्होंने कहा, "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के शानदार नतीजे, चाहे शिक्षा का कोई भी क्षेत्र हो प्राइमरी से लेकर माध्यमिक और उच्च शिक्षा तक लड़कियां पढ़ रही हैं.''
बजट की दस ख़ास बातें
- 15 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी वाले लोगों को कुछ शर्तों के साथ टैक्स में छूट. नए टैक्स स्लैब का लाभ उठाने के लिए कर दाताओं को कोई छूट नहीं मिलेगी. वित्त मंत्री ने ये दावा किया है कि अगर कोई व्यक्ति 15 लाख रुपये सालाना कमाता है और किसी कर छूट का दावा नहीं करता है तो पहले उसे 2.73 लाख रुपये टैक्स देना पड़ता था जबकि नई व्यवस्था में उस व्यक्ति को 1.95 लाख रुपये देने होंगे. अगर लोग कर छूट लेना चाहेंगे तो उन्हें पुरानी टैक्स दरों पर ही कर चुकाना होगा.
- बैंकों में जमा आपकी पांच लाख रुपये तक की रकम अब बीमा से सुरक्षित है. पहले बीमा की ये सुरक्षा केवल एक लाख रुपये तक की जमा राशि पर ही लागू होती थी. पीएमसी बैंक के दिवालिया होने जैसी घटनाओं की स्थिति में आम लोगों की जमा राशि अब पहले से ज़्यादा सुरक्षित है.
- सरकार ने कहा है कि वो भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी. इसके लिए एलआईसी का आईपीओ लाया जाएगा यानी एलआईसी की स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग होगी.
- डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स ख़त्म कर दिया गया है. ये वो कर था जो पहले कंपनियां शेयर होल्डर्स को दिए जाने वाले लाभांश पर चुकाती थीं.
- पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप या पीपीपी के ज़रिए रेलवे और अधिक प्राइवेट ट्रेन चलाएगी. पर्यटन केंद्रों को जोड़ने के लिए तेजस जैसी गाड़ियां और चलाई जाएंगी.
- साल 2024 तक 100 नए हवाई अड्डों का निर्माण किया जाएगा.
- जल्द ख़राब होने वाले कृषि उत्पादों को बाज़ारों तक पहुंचाने के लिए किसान रेल और किसान उड़ान जैसी योजनाएं शुरू की जाएंगी.
- विदेशी जूते, फर्नीचर और इलाज के काम आने वाली मशीनों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई जाएगी.
- आने वाले तीन सालों के भीतर प्रि-पेड बिजली मीटर लगाए जाएंगे.
- सरकार ग़ैर राजपत्रित कर्मचारियों की भर्ती के लिए एक नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी का गठन करेगी. ये एजेंसी उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए ऑनलाइन टेस्ट लेगी.
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