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जामिया फ़ायरिंग: कपड़े के पैसे से ख़रीदा तमंचा - पाँच बड़ी ख़बरें
जामिया नगर में जिस युवक ने गोलीबारी की थी उसे लेकर कई चीज़ें सामने आ रही हैं. उस युवक के पिता शादी में जाने के लिए अपने बेटे का इंतज़ार कर रहे थे. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार 17 वर्षीय युवक को जो पैसे शादी में कपड़े ख़रीदने के लिए मिले थे, उसी से उसने पिस्टल ख़रीद ली थी.
युवक को उसके माता-पिता ने दस हज़ार रुपए दिए थे ताकि वो रिश्तेदार की शादी में जाने के लिए कपड़े बनवा ले लेकिन उसने इन पैसों से कपड़े ना लेकर अपने ही गांव के एक 19 वर्षीय युवक से पिस्तौल ख़रीदी और फिर जामिया इलाक़े में जाकर गोलीबारी की.
इस घटना में जामिया के एक छात्र को हाथ में गोली लगी है.
शुक्रवार को इस युवक को जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया. यहां से उसे 14 दिन की निगरानी में भेजा जाएगा. जांच अधिकारी के मुताबिक़, क़रीब दो साल पहले यह युवक ऑनलाइन कुछ ऐसे लोगों के संपर्क में आया था, जिन्होंने उसे ये यक़ीन दिलाया कि उसका धर्म ख़तरे में है.
उन्होंने कहा, "वो बहुत क़रीब से उन लोगों की सोशल पोस्ट पर नज़र रखता था और वो वॉट्सऐप ग्रुप्स पर भी बहुत सक्रिय था. इसके साथ ही वो शाहीन बाग़ और जामिया में नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर हो रहे विरोध से भी ख़ासा नाराज़ था."
23 बच्चों को बंधक बनाने वाले शख़्स की पत्नी को भीड़ ने मारा?
उत्तर प्रदेश के फ़र्रुख़ाबाद में गुरुवार को एक शख़्स ने 23 बच्चों को बंधक बना लिया था. क़रीब नौ घंटे के ऑपरेशन के बाद कथित पुलिस मुठभेड़ में सुभाष बाथम नाम के इस शख़्स की मौत हो गई और पुलिस सभी बच्चों को सकुशल निकालने में कामयाब रही.
सुभाष बाथम की मौत जहां पुलिस मुठभेड़ में हुई वहीं उनकी पत्नी ने शुक्रवार सुबह अंतिम सांस ली. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़, सुभाष बाथम से नाराज़ गाँव वालों ने उनकी पत्नी को बुरी तरह मारा, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन शुक्रवार की सुबह उनकी मौत हो गई. दो पुलिस वालों को भी चोट आई है.
NPR में मांगी जा रही जानकारी पर नीतीश कुमार असहमत
बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के प्रमुख नीतीश कुमार ने एनपीआर के लिए पूछे जा रहे प्रश्नों को लेकर नाराज़गी जताई है. उन्होंने केंद्र सरकार से एनपीआर फ़ॉर्म में पूछे गए सवालों पर बदलाव की मांग की है.
जेडीयू की ओर पार्टी नेता ललन सिंह ने यह बात एनडीए की बैठक में उठाई.
बैठक के बाद उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें इस संबंध में चर्चा किए जाने का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि एनडीए के दूसरे घटक दलों ने भी इस सुझाव पर अपना समर्थन दिया है. इससे पूर्व एक संवाददाता सम्मेलन में एनपीआर फॉर्म में नए प्रश्नों को जोड़ने को लेकर नीतीश कुमार ने कहा था कि इससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई है. ख़ासकर माता-पिता के जन्म और उम्र से जुड़ी जानकारी के संदर्भ में.
इससे पहले रामविलास पासवान ने कहा था कि उन्हें अपने माता-पिता के जन्म की तारीख़ नहीं पता, तो उससे संबंधित दस्तावेज़ कहां से लाएंगे.
नेपाल में प्लास्टिक की बोरियों के नीचे मरे मिले चार भारतीय
नेपाल में एक ही परिवार के चार भारतीय नागरिकों की प्लास्टिक की बोरियों के नीचे दब जाने से मौत हो गई.
यह घटना रूपनदेही ज़िले के सिद्धार्थ नगर कस्बे के गल्ला मंडी पिपरिया इलाक़े की है. ये लोग अपने किराए के कमरे में बोरियों के नीचे दबे पाए गए. मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं.