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अमरीका और ब्रिटेन के पासपोर्ट धारकों को वीज़ा चाहिए ही नहीं: फैक्ट चेक
- Author, फ़ैक्ट चेक टीम
- पदनाम, बीबीसी
"मज़ा देखिए, अमरीकी और ब्रिटिश पासपोर्ट धारकों को किसी भी देश में जाने के लिए वीज़ा नहीं चाहिए लेकिन भारत आने के लिए वीज़ा चाहिए. अब देखिए हमारे यहां पर इधर-उधर से लोग आ रहे हैं, यहां पर अमरीका और ब्रिटेन से आए हुए लोगों से पूछा जाता है कि 'आप क्यों आए हो, क्या काम था?"
ये बयान महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे का है. उनका इशारा पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए हुए घुसपैठियों की तरफ़ था.
बीते गुरुवार शाम को मुंबई के गोरेगांव में राज ठाकरे ने ये बयान महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अधिवेशन में दिया था.
उसी दिन सुबह महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने अपने नए झंडे का अनावरण किया था. पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के झंडे में नीला और हरा रंग था, अब इन दो रंगों की जगह भगवा रंग ने ले ली है.
इसे लेकर महाराष्ट्र में ऐसी चर्चा थी कि राज ठाकरे अब हिंदुत्व की तरफ जा रहे हैं.
उस पर स्पष्टीकरण देते हुए राज ठाकरे ने कहा कि वे पहले से ही हिंदुत्व की बात करते आए हैं. उन्होंने इसी भाषण में सीएए का भी समर्थन किया.
नागरिकता संशोधन क़ानून के समर्थन में उन्होंने कई मुद्दे रखे, लेकिन भाषण में उन्होंने कुछ ऐसी बातें कहीं जो सवालों के घेरे में हैं.
उन्होंने कहा कि अमरीका और ब्रिटेन के लोगों को किसी भी देश में जाने के लिए वीज़ा नहीं चाहिए.
बीबीसी ने उनके इस बायन की पड़ताल की.
दो देशों के बीच संबंध के आधार पर वीज़ा लेने की प्रक्रिया और प्रकार तय होते हैं.
हाल ही में आए एक सर्वे के आधार पर अमरीका की बात करें तो उनका पासपोर्ट विश्व के शीर्ष दस देशों में आता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि उनको किसी भी देश में जाने के लिए वीज़ा चाहिए ही नहीं.
हेनले पासपोर्ट इन्डेक्स संस्था ने दुनिया के देशों के पासपोर्ट का सर्वे किया है.
इस सर्वे के मुताबिक जापान का पासपोर्ट दुनिया में सबसे शक्तिशाली है. इसके मुताबिक जापान ने सबसे ज़्यादा देशों के साथ वीज़ा फ्री यात्रा की व्यवस्था की है.
इसके मुताबिक़, शीर्ष दस की सूची में जापान का पहला नंबर आता है. जापान के पासपोर्ट धारकों को 191 देशों में जाने के लिए वीज़ा फ्री या वीज़ा ऑन अराइवल की सुविधा मिली हुई है.
इस सर्वे में सिंगापुर दूसरे नंबर पर है और यहां के पासपोर्ट पर 190 देशों में इस तरह की सुविधा दी गई है.
अमरीका और ब्रिटेन इस सर्वे में आठवें नंबर पर हैं. इस देश के पासपोर्ट धारकों को 184 देशों में 'वीज़ा फ्री' या 'वीज़ा ऑन अराइवल' की सुविधा मिलती है.
भारत में आने के लिए अमरीकी नागरिकों के पास वीज़ा होना ज़रूरी है. भारत के अलावा चीन, ईरान, रूस, अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान, म्यांमार, तुर्की और नाइजीरिया जाने के लिए भी अमरीकी पासपोर्ट धारकों को वीज़ा चाहिए.
इतना ही नहीं भूटान जाने के लिए भी अमरीकी पासपोर्ट धारकों को वीज़ा लगवाना पड़ता है.
इसके अलावा जिसके अमरीकी पासपोर्ट पर इसरायल का स्टैम्प लगा होता है, उसे सीरिया जैसे कई देशों में प्रवेश नहीं मिलता. अमरीका के विदेश मंत्रालय के वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी गई है.
इसी तरह ब्रिटेन के पासपोर्ट धारकों को चीन और रूस में जाने के लिए वीज़ा चाहिए. भारत आने के लिए भी ब्रिटिश पासपोर्ट धारकों को वीज़ा लगवाना पड़ता है.
बीबीसी ने ब्रिटेन की सरकारी वेबसाइट पर विदेश यात्रा संबंधी पड़ताल की. इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक चीन, तुर्की, मिस्र और ईरान जैसे कई देशों के लिए वीज़ा चाहिए होता है.
इस वेबसाइट के अनुसार ब्रितानी नागरिक को तुर्की में 72 घंटों तक के समय के लिए क्रूज़ शिप पर जाने के अलावा तुर्की जाने के लिए वीज़ा की ज़रूरत होती है.
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