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क्या जशोदा बेन शाहीन बाग़ के प्रदर्शन में शामिल हुईं- फ़ैक्ट चेक
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग में एक महीने से ज़्यादा समय से प्रदर्शन जारी है. शाहीन बाग़ की चर्चा इसलिए है क्योंकि इस प्रदर्शन में महिलाएं प्रमुखता से हिस्सा ले रही हैं. इस बीच एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी की पत्नी जशोदाबेन शाहीन बाग़ पहुंचीं.
फेसबुक पर ये तस्वीर कई बार शेयर की गई, लोग इसे शेयर करते हुए लिख रहे हैं- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी शाहीन बाग़ के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं.
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर के साथ लिखा जा रहा है, 'मोदी जी की पत्नी जशोदाबेन भी आज शाहीन बाग पहुंच गईं पैसे लेने'.
शाहीन बाग़ में जारी प्रदर्शन को लेकर कुछ दिन पहले ये दावा किया गया कि इसमें शामिल होने के लिए पैसे दिए जा रहे हैं. बीजेपी के आईटी सेल के राष्ट्रीय प्रमुख अमित मालवीय ने ट्विटर पर 'एक वीडियो पोस्ट कर दावा किया कि शाहीन बाग का धरना प्रायोजित है ...सारा कांग्रेस का खेल है...'
अब लोग जशोदा बेन की तस्वीर को शेयर करते हुए 'पैसे लेने' से जुड़ी टिप्पणियां कर रहे हैं.
बीबीसी ने इस फोटो की पड़ताल की जिसमें पाया कि ये दावा ग़लत है कि जशोदा बेन शाहीन बाग़ में हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई थीं.
अपनी पड़ताल में हमने पाया कि ये तस्वीर साल 2016 की है जब जशोदाबेन मुंबई में एक अनशन में पहुंची थीं जिसका आयोजन एक स्थानीय चौरिटी संस्था ने किया था.
द हिंदू अख़बार में ये तस्वीर वर्ष फ़रवरी 2016 में भी प्रकाशित हुई थी. इस रिपोर्ट के मुताबिक ये तस्वीर तब की है जब जशोदाबेन बारिश के दौरान झुग्गियां न तोड़ने की मांग कर रही एक स्थानीय चैरिटी संस्था के साथ धरने में शामिल हुईं थीं.
इस रिपोर्ट के मुताबिक अपने छोटे भाई अशोक मोदी के साथ स्थानीय चैरिटी संस्था के साथ एक दिन के उपवास पर बैठी थीं.
वहीं एक अन्य वेबसाइट पर भी ये तस्वीर प्रकाशित की गई थी जिसमें नरेन्द्र मोदी के मुंबई दौरे से पहले जशोदाबेन एक एनजीओ के साथ एक दिवसीय उपवास में शामिल हुईं थी. नरेन्द्र मोदी मेक इन इंडिया वीक के लिए मुंबई का दौरा करने वाले थे.
वहीं द वीक की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट में लिखा गया है कि जशोदा बेन कुछ घंटो तक प्रतीकात्मक उपवास पर बैठी थीं और बिना ज़्यादा शोर शराबे के वहां से चली गई थीं.
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