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प्रिया वर्मा : क्यों वायरल हो रहा है मध्य प्रदेश की डिप्टी कलेक्टर का वीडियो
रविवार देर शाम से ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. गुलाबी रंग का कोट पहने एक महिला इस वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारियों को धकेलती नज़र आ रही हैं.
वीडियो में दिखता है कि कुछ देर बाद यही महिला एक प्रदर्शनकारी को पकड़ती हैं और फिर थप्पड़ मारती हैं. यह महिला दरअसल मध्य प्रदेश के राजगढ़ की डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा हैं.
राजगढ़ में धारा 144 लागू है, बावजूद इसके बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं ने बरौरा क़स्बे में नागरिकता संशोधन क़ानून के समर्थन में रैली निकाली थी. इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई. ये वीडियो उसी झड़प के दौरान का है.
इस वीडियो को समाचार एजेंसी एनएनआई ने भी जारी किया है जिसमें एक जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हाथापाई हो रही है. प्रिया वर्मा भी वहीं मौजूद थीं और इसी बीच किसी ने उनके बाल खींच दिए.
21 साल की उम्र में डीएसपी बनीं प्रिया वर्मा इंदौर के पास के एक गांव मांगलिया की रहने वाली हैं.
साल 2014 में प्रिया वर्मा ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की थी. उनकी पहली पोस्टिंग भैरवगढ़ जेल में बतौर जेलर हुई. इसके बाद साल 2015 में वो डीएसपी बन गईं.
साल 2017 में एक बार फिर परीक्षा देकर उन्होंने प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया और डिप्टी कलेक्टर बनीं.
कलेक्टर का वीडियो भी हुआ शेयर
एक अन्य वीडियो में प्रिया वर्मा के अलावा एक और महिला प्रदर्शनकारियों से उलझती हुई नज़र आ रही हैं. इस वीडियो को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शेयर किया है.
यह महिला राजगढ़ की कलेक्टर निधि निवेदिता हैं. उनका वीडियो ट्वीट करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने लिखा है, "कलेक्टर मैडम, आप यह बताइए कि क़ानून की कौन सी किताब आपने पढ़ी है जिसमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों को पीटने और घसीटने का अधिकार आपको मिला है."
इस पूरे मामले को लेकर डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा का नाम ट्विटर पर भी ट्रेंड कर रहा है.
कुछ लोगों ने उनकी इस कार्रवाई को लेकर राज्य की कमलनाथ सरकार पर सवाल उठाए हैं तो कुछ लोगों का कहना है कि क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो क़दम उठाया गया, वह सही था.
एएनआई की ख़बर के मुताबिक़, राजगढ़ में धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में 124 लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है. साथ ही 17 अभियुक्तों तो हिरासत में भी लिया गया है.
दो लोगों के ख़िलाफ़ डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा को धक्का देने और बाल खींचने के आरोप में भी दो लोगों पर एफ़आईआर दर्ज की गई है. जिनमें से एक अभियुक्त को हिरासत में भी ले लिया गया है.
राज्य सरकार की ओर से अभी तक तो इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है लेकिन इस वीडियो के सामने आने के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे लोकतंत्र का काला दिन बताया है.
उन्होंने लिखा, "आज का दिन लोकतंत्र के सबसे काले दिनों में गिना जाएगा."