देविंदर सिंह मामले पर राहुल ने पूछा, मोदी और अमित शाह ख़ामोश क्यों

इमेज स्रोत, Reuters
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर के डीएसपी देविंदर सिंह के चरमपंथियों के साथ पकड़े जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को घेरा है.
एक ट्वीट कर उन्होंने कहा कि इस मामले में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह चुप क्यों हैं.
उन्होंने पुलवामा हमले में देविंदर सिंह की भूमिका को लेकर भी सवाल पूछे हैं.
अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने लिखा है कि डीएसपी देविंदर सिंह ने तीन चरमपंथियों को पनाह दी, जिनके हाथ ख़ून से रंगे हैं. देविंदर सिंह तीनों को दिल्ली लाते समय पकड़े गए.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कई सवाल भी किए हैं....
1. देविंदर सिंह के मामले में पीएम, गृह मंत्री और एनएसए ख़ामोश क्यों हैं?
2. पुलवामा हमले में देविंदर सिंह की क्या भूमिका थी?
3. देविंदर सिंह ने कितने और आतंकवादियों की मदद की?
4. देविंदर सिंह को कौन बचा रहा था और क्यों?
राहुल गांधी ने मांग की है कि देविंदर के ख़िलाफ़ मामला फ़ॉस्ट ट्रैक कोर्ट में चलना चाहिए और छह महीने के अंदर सुनवाई करके देशद्रोह के लिए कड़ी से कड़ी सज़ा देनी चाहिए.

इमेज स्रोत, PTI
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डीएसपी देविंदर सिंह को बीते शुक्रवार दो चरमपंथियों के साथ श्रीनगर-जम्मू हाइवे पर गिरफ़्तार किया था. देविंदर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है. अब उनको बर्ख़ास्त करने की तैयारी चल रही है.
जम्मू कश्मीर के डीजीपी यानी पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि पूछताछ में जो चीज़ें सामने आई हैं वो अभी सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं.
उन्होंने कहा, ''हमने उन्हें (डीएसपी देविंदर सिंह) सस्पेंड कर दिया है. हम सरकार को सिफ़ारिश भेज रहे हैं कि उन्हें बर्ख़ास्त कर दिया जाए.''
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस मामले की जाँच एनआईए से कराने की सिफ़ारिश की है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












