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इराक़ ने कहा अमरीका वापस ले जाए अपने सैनिक- पाँच बड़ी ख़बरें
अमरीकी हमले में ईरानी जनरल क़ासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद ईरान और अमरीका में भारी तनाव तो है ही साथ में इराक़ के साथ भी अमरीका के संबंध बिगड़ रहे हैं.
इराक़ ने अमरीका से कहा है कि वो अपने सैनिकों को यहां से वापस ले जाने पर विचार करे, जिसे अमरीका ने अस्वीकार कर दिया है.
सुलेमानी के मारे जाने के बाद जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इराक़ में अमरीकी सैन्य ठिकानों के पास मिसाइल दागी थी. अमरीका ने इसे लेकर ईरान पर प्रतिबंध और बढ़ा दिए हैं.
इराक़ चाहता है कि ईरान और अमरीका की जंग का मैदान इराक़ न बने इसलिए अमरीकी सैनिकों को यहां से चले जाना चाहिए.
इराक़ के कार्यवाहक प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल महदी ने गुरुवार रात अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो को फ़ोन कर सेना वापसी पर विचार करने के लिए कहा था.
पिछले हफ़्ते इराक़ की संसद में अमरीकी सैनिकों को वापस भेजने के संदर्भ में एक प्रस्ताव पास किया गया था. इराक़ी प्रधानमंत्री के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा है कि अमरीका बिना अनुमति के उसकी ज़मीन और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल लोगों को मारने में कर रहा है.
इराक़ के प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान के बाद अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा है, ''इराक़ की सुरक्षा को लेकर दोनों सरकारों के बीच बातचीत की ज़रूरत है. लेकिन केवल सुरक्षा का ही मसला नहीं है. यहां वित्तीय, आर्थिक और राजनयिक साझेदारी की भी बात है.''
इराक़ के टॉप शिया नेता ने शुक्रवार को इराक़ी ज़मीन पर अमरीका और ईरान के टकराव की निंदा की है. उन्होंने कहा कि ईरान और अमरीका के टकराव से पूरे मध्य-पूर्व में शांति और स्थिरता के लिए ख़तरा पैदा हो गया है. अयतोल्लाह अली अल-सिस्तानी ने कहा कि अमरीका और ईरान के टकराव में सबसे ज़्यादा नुक़सान इराक़ियों का हो रहा है. उन्होंने कहा कि किसी भी विदेशी ताक़त के हाथ में इराक़ का भविष्य नहीं सौंपा जा सकता.
अल-सिस्तानी ने कहा, ''हाल के ये ख़तरनाक हमले इराक़ की संप्रभुता का खुलेआम उल्लंघन है. हमारे लोग जंग से पहले से ही पीड़ित रहे हैं. इराक़ में इराक़ियों का शासन बहुत ज़रूरी है. हमारे फ़ैसले कोई विदेशी ताक़त नहीं ले सकता है.''
बस-ट्रक की भिड़ंत में कई मरे
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में एक ट्रक और बस की टक्कर में कम से कम दो दर्जन लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है. हादसे के बाद बस में आग लग गई, जिसके चलते हताहतों के संख्या बढ़ सकती है. यह हादसा जीटी रोड पर हुआ.
कन्नौज के ज़िलाधिकारी रविंदर कुमार के मुताबिक़ बस में 43 लोग सवार थे, जिनमें से 21 को घायल अवस्था में अस्पताल में दाख़िल कराया गया है. राज्य सरकार की ओर से मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपए देने की घोषणा की गई है.
देश भर में सीएए लागू
नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) शुक्रवार से देश भर में लागू हो गया है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि सीएए को 10 जनवरी, 2020 से प्रभावी बनाने की घोषणा की है.
नए नागरिकता संशोधन क़ानून को संसद से 11 दिसंबर को पारित कराया गया था. इस क़ानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान से 31 दिसंबर, 2014 तक भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को अवैध शरणार्थी के तौर पर नहीं देखा जाएगा और उन्हें नागरिकता दी जाएगी.
वैसे इस क़ानून के ख़िलाफ़ देश भर में प्रदर्शन भी हो रहे हैं. क़ानून का विरोध कर रही विपक्षी पार्टियां और लोगों का कहना है कि पहली बार भारत में नागरिकता का आधार धर्म होगा, जो संविधान की मूलभूत बातों के ख़िलाफ़ है.
मोदी पहुंचेंगे कोलकाता
पश्चिम बंगाल में नए नागरिकता क़ानून पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिवसीय यात्रा पर कोलकाता पहुंच रहे हैं.
प्रधानमंत्री कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की 150वें स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं. माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान उनकी मुलाक़ात राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी होगी.
पिछले कुछ महीनों में नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का भारी विरोध किया है.
हालांकि राज्य के कई संगठनों ने पीएम मोदी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन की बात कही है, जिसे देखते हुए राज्य प्रशासन मोदी के लिए चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था में जुटा है.
'चार दूतावासों पर हमले की योजना'
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरानी कमांडर जनरल क़ासिम सुलेमानी जब मारे गए उस वक़्त ईरान अमरीका के चार दूतावासों पर हमले की योजना बना रहा था.
फॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू के दौरान ट्रंप से ये पूछा गया कि बग़दाद में किए गए ड्रोन हमले के पीछे क्या वजह थी, इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि मैं ये बता सकता हूं कि वे चार दूतावासों पर हमले की योजना बना रहे थे. हालांकि दूतावासों पर संभावित हमले के तर्क अमरीकी डेमोक्रेट्स सांसद स्वीकार नहीं कर रहे हैं.
इन सबके बीच अमरीका ने इराक़ स्थित अमरीकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले को देखते हुए ईरान पर कई प्रतिबंध लगाए हैं. अमरीकी वित्त मंत्री स्टीव न्यूचिन के मुताबिक़ नई पाबंदियों से ईरान के टेक्सटाइल, निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग और खनन क्षेत्रों पर असर पड़ेगा.
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