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रिलायंस करेगा अब अमेज़न-फ़्लिपकार्ट से मुक़ाबला, ग्राहकों को बेचेगा सामान
मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ अब ई-कॉमर्स के क्षेत्र में उतर गई है जहाँ वो अमेज़न और फ़्लिपकार्ट जैसी कंपनियों को टक्कर देगी.
मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने जियोमार्ट नाम से नई सेवा शुरू की है जो घरेलू ज़रूरत के सामानों की डिलीवरी करेगी.
ये सेवा रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की दो सहयोगी कंपनियाँ रिलायंस रिटेल और रिलायंस जियो मिलकर चलाएँगी.
कंपनी का लक्ष्य अपने मोबाइल फ़ोन ग्राहकों को इस सेवा से जोड़ना है जिनकी संख्या बहुत बड़ी है.
रिलायंस जियो भारत की दूसरी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी है जिसके ग्राहकों की संख्या 36 करोड़ से भी ज़्यादा है.
कंपनी अपने ग्राहकों को इस सेवा के लिए साइन-अप करने का निमंत्रण दे रही है.
जियोमार्ट का कहना है कि उसके यहाँ अभी ऐसे लगभग 50,000 सामान हैं जिसे वो अपने ग्राहकों को 'मुफ़्त और एक्सप्रेस' डिलीवर करेगी.
इसके लिए उसने अपने प्रतियोगियों से अलग व्यवस्था की है. रिलायंस बजाय ख़ुद सामानों को डिलीवर करने के, ग्राहकों को एक ऐप के ज़रिए लोकल स्टोर्स से जोड़ेगी और सामानों को वो स्टोर ग्राहकों तक पहुँचा देंगे.
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ई-कॉमर्स का बाज़ार
भारत में ऑनलाइन ग्रोसरी का बाज़ार अभी भी पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है. अभी ग्रोसरी ख़रीदने के लिए ऑनलाइन माध्यम से प्रतिवर्ष 87 करोड़ डॉलर का कारोबार होता है और अभी कुल आबादी का एक प्रतिशत से भी कम हिस्सा मात्र 0.15% ऑनलाइन माध्यम से ग्रोसरी ख़रीदता है.
लेकिन विश्लेषकों का अनुमान है कि 2023 तक ऑनलाइन ग्रोसरी का बाज़ार बढ़कर 14.5 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है.
भारत में अभी ई-कॉमर्स के क्षेत्र में अमेज़न और फ़्लिपकार्ट जैसी कंपनियों का दख़ल है. फ़्लिपकार्ट को वॉलमार्ट ने ख़रीद लिया है.
लेकिन ई-कॉमर्स क्षेत्र की इन दोनों ही अग्रणी कंपनियों को पिछले साल ज़बरदस्त धक्का लगा जब भारत सरकार ने एक नया क़ानून लागू कर विदेशी स्वामित्व वाली ऑनलाइन रिटेल कंपनियों के अपनी सहयोगी कंपनियों के ज़रिए सामानों की बिक्री करने पर रोक लगा दी.
इस नए क़ानून से भारत की अपनी कंपनियों को अपने विदेशी प्रतियोगियों के मुक़ाबले फ़ायदा हो गया.
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी की संपत्ति 60 अरब डॉलर से ज़्यादा आँकी जाती है और वे एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं.
उनका मुख्य कारोबार पेट्रोलियम से जुड़ा है लेकिन उनकी कंपनी ने टेलिकॉम और रिटेल क्षेत्र में भी भारी निवेश किया हुआ है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल भारत में ग्रोसरी स्टोर चलाती है, दुनिया के नामी ब्रांडों के सामानों को बेचने वाले स्टोर चलाती है और पिछले साल इसने ब्रिटेन की खिलौने बनाने वाली नामी कंपनी हैमलीज़ को ख़रीद लिया.
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