You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
क्या दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर ने कहा, 'पत्थरबाज़ों को गोली मारने का आदेश है?'
- Author, फ़ैक्ट चेक टीम
- पदनाम, बीबीसी, नई दिल्ली
नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध और समर्थन में देश भर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं और इस बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
वीडियो में दिल्ली पुलिस की वर्दी में एक शख़्स दावा कर रहा है कि पुलिस जो कार्रवाई प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कर रही है उसका आदेश गृह मंत्रालय से आदेश आया है. पुलिस पत्थरबाज़ी का जवाब गोली से देगी.
बीबीसी ने अपनी पड़ताल में पाया है कि ये शख़्स दिल्ली पुलिस का हिस्सा नहीं हैं. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शख़्स को गिरफ़्तार किया है और आईपीसी और आईटी एक्ट के तहत एफ़आईआर दर्ज की है.
वीडियो में शख़्स ने ख़ुद का नाम राकेश त्यागी बताया है और कह रहा है, ''ये गृहमंत्री का आदेश है. आप क्या समझते हैं डीसीपी साहब ने जो पुलिस को आदेश दिया वो डीसीपी साहब का आदेश है. वो गृहमंत्री से आदेश आया है...गृह मंत्रालय का आदेश था और अगर गृह मंत्रालय का आदेश आया है तो उसका पालन किया जाएगा. संविधान को बचाया जाएगा. देश के हर नागरिक को सुव्यवस्थित किया जाएगा.''
''चाहे वो बाबर के हों, शाहजहां के हों या हुमायूं के हों. अगर मेरे ऊपर पत्थर गिरा तो मैं सीधा शूटआउट कर दूंगा...मेरे पुलिस के दोस्तों को अगर चोट पहुंची, उन पर पत्थर पड़ा तो मैं सीधा शूट आउट कर दूंगा बता देता हूं. मुझपर जो ईंट फेंकेगा मैं उसे संभाल कर रख लूंगा उसे तुम पर नहीं फेकूंगा, तुम्हारे ऊपर तो गोली का निशाना लगेगा. उस ईंट को संभाल कर रखूंगा वो राम मंदिर निर्माण में काम आएगी. इस वीडियो को भीम आर्मी के रावण तक पहुंचाना जो इस वक्त न्यायिक हिरासत में है, कह देना कि राकेश त्यागी खड़ा हो चुका है मैदान में.''
2 मिनट 20 सेकेंड का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है और लोग राकेश त्यागी को दिल्ली पुलिस का इंस्पेक्टर बता रहे हैं.
बीबीसी ने इसकी पड़ताल शुरू की और जानना चाहा कि क्या ये शख़्स दिल्ली पुलिस का हिस्सा है और मंत्रालय की ओर से दिए गए आदेश के दावे की हक़ीक़त क्या है.
अपनी पड़ताल में हमें राकेश त्यागी का फ़ेसबुक अकाउंट मिला जहां उन्होंने खुद को दिल्ली पुलिस का इंस्पेक्टर बताया है. इसके बाद हमें डीसीपी क्राइमब्रांच, दिल्ली का एक ट्वीट मिला.
इस ट्वीट में क्राइम ब्रांच ने बताया है कि राकेश त्यागी दिल्ली पुलिस का हिस्सा नहीं हैं. ट्वीट में लिखा है, ''हमारे संज्ञान में एक वीडियो आया है जिसमें एक शख़्स दिल्ली पुलिस की वर्दी पहने हुए हैं और ख़ुद को पुलिस अफ़सर बता रहा है. ''
''हमने इस शख़्स की पहचान की है. ये 43 वर्षीय राकेश त्यागी हैं जो उत्तर प्रदेश के बाग़पत ज़िले से आते हैं. हमने स्वतः संज्ञान लेते हुए इस मामले में आईपीसी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया गया है. अभियुक्त साल 2014 तक दिल्ली पुलिस का हिस्सा थे लेकिन इसके बाद उन्होंने वीआरएस (वोलंटरी रिटायरमेंट) ले लिया था. अब वो दिल्ली पुलिस का हिस्सा नहीं है.''
इंटरनेट पर मिली हुई आज़ादी का दुरुपयोग करना ग़ैर क़ानूनी है. इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी.''
बीबीसी ने पाया कि इस वीडियो में किए गए दावे झूठ हैं और राकेश त्यागी नाम के इस शख़्स का दिल्ली पुलिस से कोई संबंध नहीं है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)