आयरलैंड के PM महाराष्ट्र में अपने पैतृक गाँव गए- प्रेस रिव्यू

आयरलैंड के प्रधानमंत्री लीयो वराडकर रविवार को अपने परिवार के सदस्यों के साथ महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग ज़िले में स्थित अपने पैतृक गाँव पहुंचे. इस ख़बर को मुंबई मिरर ने प्रमुखता से छापा है.

पीएम लीयो ने दौरे को बेहद ख़ास पल बताया. लीयो जून 2017 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मुंबई से क़रीब 500 किलोमीटर दूर मालवन तहसील के वराड गाँव में पहली बार पहुंचे.

लीयो वराडकर के पिता अशोक वराडकर इसी गाँव के थे. वो 1960 के दशक में यूके चले गए थे. गाँव वालों ने वराडकर का जमकर स्वागत किया. इस मौक़े पर उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का बेहद ख़ास पल है. लीयो गाँव के मंदिर में भी गए.

गाँव पहुंचने पर लीयो वराडकर ने कहा, ''मैं यहाँ अपने माता-पिता, बहनों और उनके पतियों के साथ आया हूं. मेरे पार्टनर के अलावा कुछ बच्चे भी हैं. पूरे परिवार के साथ यहां आया हूं. यह मेरे दादा का घर है. यह मेरा निजी दौरा है लेकिन जब आधिकारिक रूप से भारत आना हुआ तो यहां फिर से आऊंगा.''

लीयो वराडकर ने 2015 में स्वीकार किया था कि वो गे हैं. 40 साल के वराडकर अपने पिता अशोक वराडकर के सबसे छोटे बेटे हैं. अशोक 1960 के दशक में इंग्लैंड के नेशनल हेल्थ सर्विस में काम करते थे. यहीं पर उनकी मुलाक़ात एक नर्स से हुई और दोनों ने बाद में शादी कर ली थी.

वराडकर राजनीति में आने से पहले एक डॉक्टर थे. 2007 में वह सांसद चुने गए. जब उन्होंने गे होने की बात क़बूली तो उनके पिता को बड़ी हैरानी हुई थी.

जनवरी में नीलाम की जाएंगी आम्रपाली की संपत्तियां

दैनिक जागरण में छपी ख़बर के अनुसार आम्रपाली समूह की अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नए साल से रिकवरी की प्रक्रिया शुरू होगी. इसके लिए समूह की संपत्तियों की नीलामी की जाएगी. यह प्रक्रिया सात जनवरी से शुरू होगी.

पहले चरण में आम्रपाली की लग्ज़री वाहनों की नीलामी होगी. इसमें पोर्श से लेकर बीएमडब्ल्यू ब्रैंड तक शामिल हैं. नीलामी के ज़रिए तीन हज़ार करोड़ रुपए की रिकवरी की उम्मीद है. इसका प्रयोग अधूरी परियोजनाओं के निर्माण में किया जाएगा. उधर, 10 हज़ार ख़रीदार को मालिकाना हक़ देने की प्रक्रिया भी जनवरी के पहले सप्ताह से शुरू हो सकती है.

शीर्ष अदालत के निर्देश पर फ्लैट ख़रीदारों के पैसों का दुरुपयोग कर बनाई गई संपत्ति के ज़रिए ही अधूरी परियोजनाओं का निर्माण किया जाएगा. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में क़रीब सात परियोजनाएं हैं जिनका निर्माण कार्य किया जाना है. इसमें 32 हज़ार से ज़्यादा ख़रीदार हैं. इनके लिए फ्लैटों का निर्माण होना है. यह काम नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी (एनबीसीसी) को करना है.

हाल ही में नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी ने दो अधूरी परियोजनाओं के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया जारी की थी. इसमें कुछ ही फ्लैटों का निर्माण करना है. इसके अलावा जल्द ही इन्वेंट्री और ख़रीदार की शेष रक़म भी ली जाएगी. यह सब शीर्ष अदालत की ओर से नियुक्त कोर्ट रिसीवर की देखरेख में किया जाएगा. सात जनवरी से शुरू होने वाली नीलामी भी कोर्ट रिसीवर की देख-रेख में होगी.

दिल्ली वालों को सर्दी से राहत नहीं

नवभारत टाइम्स ने दिल्ली में हाड़ कंपाने वाली ठंड पर विस्तार से रिपोर्ट छापी है. इस रिपोर्ट के अनुसार ठिठुरती दिल्ली को सोमवार को भी अधिक राहत नहीं मिलेगी. शीत लहर का प्रकोप सोमवार को भी जारी रहेगा. मंगलवार से इससे राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत आंशिक होगी. 6 से 10 जनवरी के बीच शीतलहर दोबारा वापसी कर सकती है. वहीं 6 साल बाद साल की विदाई भीगते हुए होगी.

शीतलहर और शीत दिन का प्रकोप रविवार को भी बना रहा. दिल्ली का न्यूनतम तापमान महज़ 3.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 4 डिग्री कम है. वहीं अधिकतम तापमान भी 15.8 डिग्री रहा जो सामान्य से 5 डिग्री कम है. सोमवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री और न्यूनतम तापमान 5 डिग्री रहने की संभावना है.

दिल्ली के कई इलाक़ों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक ही सिमटा रहा. पालम में 3.2, लोदी रोड में 2.8, आया नगर में 2.5, जफरपुर में 2.6, पूसा में 3.8 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा. अधिकतम तापमान भी कई जगहों पर 11 से 14 डिग्री के बीच बना रहा. इनमें पालम में 13.5, जफरपुर में 11.6, मंगेशपुर में 11.9 डिग्री तापमान रहा.

रीजनल मेट्रोलॉजिकल वेदर सेंटर के डिप्टी डीजी डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर पश्चिमी हवा का रुख़ बदलना शुरू हो गया है. इसकी वजह से गंभीर शीत लहर का प्रकोप अब कम हो रहा है.

अब धीरे-धीरे स्थिति में सुधार होगा. 29 दिसंबर को राजधानी का अधिकतम औसत तापमान 19.07 दर्ज हुआ है 1901 के बाद यह सबसे ठंडा दूसरा दिसंबर साबित हो सकता है. अभी तक यह रेकॉर्ड दिसंबर 1997 के नाम है जब औसत अधिकतम तापमान महज़ 17.3 डिग्री रहा.

असम में पीएम के विरोध की तैयारी में AASU

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी ख़बर के अनुसार नागरिकता संशोधन क़ानून लागू होने के बाद पहली बार असम जा रहे पीएम नरेंद्र मोदी का विरोध करने का फ़ैसला ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन ने किया है. संगठन ने रविवार को कहा कि अगर पीएम 10 जनवरी को 'खेलो इंडिया' का उद्घाटन करने आएंगे तो बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा.

आसू अध्यक्ष डी कुमार नाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच पाँच जनवरी को गुवाहाटी में होने वाले टी20 मैच और 10 से 22 जनवरी तक चलने वाले 'खेलो इंडिया' पर संगठन क़रीबी नज़र बनाए हुए है.

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