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CAA: जुमे की नमाज से पहले उत्तर प्रदेश के 75 में से 21 ज़िलों में इंटरनेट सेवा बंद
नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर हुई हिंसा के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज़ को देखते हुए 21 ज़िलों में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है.
उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि राज्य के 21 ज़िलों में इंटरनेट सेवा शुक्रवार को स्थगित रहेगी.
उन्होंने कहा है कि "राज्य में क़ानून व्यवस्था पूरी तरह क़ाबू में है, हम सुरक्षाबलों की रणनीतिक तैनाती में लगातार लगे हैं और एसआईटी की टीम विभिन्न मामलों की तफ़्तीश में लगी है. हमने 21 ज़िलों में इंटरनेट सेवा स्थगित कर दी है, जैसे जैसे स्थिति सामान्य होती जाएगी इंटरनेट सेवा बहाल करते जाएंगे."
नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में सबसे ज़्यादा हिंसक प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में देखने को मिले हैं. यहां इन प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की मौत हुई है.
उत्तर प्रदेश में कितनी मौतें?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार बीते हफ़्ते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में मरने वाले 16 में से 14 लोगों की मौत गोली लगने से हुई. अख़बार से इस बात की पुष्टि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने की है.
बाकी के दो लोगों में फ़िरोज़ाबाद में राशिद की मौत सिर पर चोट लगने से और वाराणसी में आठ वर्षीय मोहम्मद सगीर की मौत भगदड़ में दबने से हुई.
लोगों की मौत गोली लगने से हुई है उनकी पहचान इस प्रकार की गई है. मोहम्मद वकील (32 साल) लखनऊ, आफ़ताब आलम (22 साल) और मोहम्मद सैफ़ (25 साल) कानपुर में, अनस (21 साल) और सुलैमान (35 साल) बिजनौर में, बिलाल (24 साल) और मोहम्मद शेहरोज़ (23 साल) संभल में, जहीर (33 साल), आसिफ़ (20 साल) और आरिफ़ (20 साल) मेरठ में, नबी जहान (24 साल) फ़िरोज़ाबाद में और फ़ैज़ ख़ान (24 साल) रामपुर में.
पुलिस का क्या है कहना?
वहीं पुलिस का कहना है कि उन्होंने प्लास्टिक की गोलियों और रबर की गोलियों के अलावा और कुछ इस्तेमाल नहीं किया है.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने उत्तर प्रदेश के एडीजी (क़ानून-व्यवस्था) पीवी रामा शास्त्री के हवाले से बताया, "हमने राज्य के अलग अलग ज़िलों में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है और लोगों से बातचीत की है."
इस दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस सोशल मीडिया पर डाले जा रहे कंटेंट की निगरानी कर रही है.
19 से 21 दिसंबर के बीच समूचे उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हिंसा भड़की थी. पुलिस ने अपनी कार्रवाई को सही ठहराते हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान दो प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी करते हुए तस्वीरों और वीडियो की एक सीरीज जारी की. उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने दावा किया कि इस हिंसा में पुलिस को भी भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "21 ज़िलों में भड़की हिंसा में 288 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. उनमें से 62 पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हुए हैं."
राज्य में विरोध प्रदर्शनों को सफलतापूर्वक समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्य पुलिस की भी सराहना की है.
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