झारखंड विधानसभा चुनाव: हेमंत सोरेन ने कहा, लोगों को ग़ुस्सा दिलाने से गई BJP की कुर्सी

    • Author, रवि प्रकाश
    • पदनाम, रांची से, बीबीसी हिंदी के लिए

झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ़ हो गया है. विधानसभा चुनावों के परिणाम उनके पक्ष में गए हैं.

उनकी पार्टी 30 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी है. उनका गठबंधन 47 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल कर चुका है. यह पहला मौका है, जब किसी चुनाव पूर्व गठबंधन को चुनावों में पूर्ण बहुमत मिला हो. जेएमएम का व्यक्तिगत तौर पर यह सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है.

शिबू सोरेन की इस पार्टी को इससे पहले कभी इतनी सीटें नहीं मिल सकी थीं. जेएमएम की इस बड़ी सफलता के पीछे हेमंत सोरेन की भूमिका रही है. सोमवार देर रात तक उनके आवास पर मिलने वालों की भीड़ जमी रही.

लोग उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब रहे. उनके घर पर मीडिया और गठबंधन में शामिल नेताओं की जमघट लगी रही. इस बीच उन्होंने बीबीसी से ख़ास बातचीत की.

बीबीसी हिंदी के लिए दिए साक्षात्कार में हेमंत सोरेन ने कहा कि वे पिछली सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कराएंगे.

हेमंत जी आपकी जीत की तीन प्रमुख वजहें क्या रहीं?

यहां का ख़राब गर्वनेंस रहा, जो पूरी तरह फ़ेल (टोटली फेल्योर) रहा. राज्य की किसी भी समस्या का समाधान नहीं हुआ. राज्य का हर वर्ग परेशान रहा. और यहां का नेतृत्व इसका सबसे बड़ा कारण रहा.

ये तो भाजपा की हार के भी कारण हैं. इसके अलावा आपको बीजेपी की हार के और क्या कारण नजर आते हैं?

इनकी जो नीतियां रही हैं, उन नीतियां ने इस राज्य को बड़ा नुकसान पहुंचाया. लोगों को आक्रोशित करने का काम किया. जो कहीं न कहीं बदलाव की एक बयार बहने का कारण बना.

क्योंकि, आदिवासियों की पिछली सरकार से बड़ी नाराजगी थी. अब उनकी उम्मीदें आपसे हैं. अब आप सरकार बनाने जा रहे हैं. आपकी सरकार की क्या प्राथमिकताएं होंगी.

हमारे दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के एक लंबे संघर्ष के बाद और अनेकों लोगों की शहादत के बाद ये राज्य प्राप्त हुआ.

आज जिस उद्देश्य के लिए ये राज्य लिया गया था, उन उद्देश्यों को पूरा करना है. इसमें राज्य के सभी वर्ग, सभी समुदाय के लोग आते हैं. आज जल, जंगल, ज़मीन की रक्षा करते हुए यहां की महिलाओं को सुरक्षा, नौजवानों को रोजगार, किसानों की समृद्धि, बेहतर भविष्य के लिए बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, बहुत सारे काम करने हैं.

चूंकि एक चीज़ की प्राथमिकता नहीं ली जा सकती. इसके लिए आपको व्यापक दृष्टिकोण रखना होगा. इसके साथ जन आकांक्षाओं को पूरा किया जाएगा.

एक अंतिम सवाल. ये जो भ्रष्टाचार के मामले आपने उठाए थे और कहा था कि रघुबर दास की सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं. आपने बाद में मुक़दमा भी कराया क्योंकि उन्होंने अपमानज़नक शब्दों का प्रयोग किया था. तो क्या अब ये मुक़दमे चलेंगे. भ्रष्टाचार के उन मामलों की जांच होगी. क्या होगा अब.

निश्चित रुप से. भ्रष्टाचार जो करेगा, उसको सज़ा मिलेगी. क़ानून अपना काम करेगा और इस राज्य में जो एक शांत वातावरण वर्षों से, सदियों से रहा है, उसको फिर से कायम किया जाएगा.

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