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नागरिकता क़ानून: अनुराग कश्यप ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया 'बहरा-गूंगा प्रधानसेवक'
नागरिकता कानून के ख़िलाफ़ देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे प्रदर्शनों के बीच फ़िल्म निर्माता-निर्देशक अनुराग कश्यप ने शुक्रवार रात लगातार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ट्वीट करके निशाना साधा.
अनुराग ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावनाओं से परे हैं.
बेहद तीखी भाषा में किए गए इस ट्वीट में उन्होंने लिखा, "हमारा प्रधान सेवक, हमारा प्रधानमंत्री , जनता का प्रधान नौकर @narendramodi बहरा है, गूँगा है और भावनाओं के परे है. वो सिर्फ़ एक नौटंकी है जो भाषण दे सकता है, बाक़ी कुछ उसके बस का नहीं है.। उसको न दिखाई दे रहा है, न सुनाई दे रहा है. वो अभी नए नए झूठ सीखने में व्यस्त है."
इससे पहले उन्होंने आरोप लगाया कि 'सरकार समर्थित असामाजिक तत्व दंगा शुरु करते हैं और फिर जनता पर पुलिस टूट पड़ती है.'
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने आरोप लगाया कि इस सारी स्थिति के पीछे बीजेपी सरकार का हाथ है.
शुक्रवार को ही उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट को रीट्वीट किया और पीएम मोदी पर सवाल उठाए.
पीएमओ के ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी के हवाले से कहा गया था, "बीते पांच वर्षों में देश ने ख़ुद को इतना मज़बूत किया है कि इस तरह लक्ष्य रखे भी जा सकते हैं और उन्हें प्राप्त भी किया जा सकता है."
इस पर अनुराग ने टिप्पणी की, "कितना मज़बूत किया है? कैसे प्राप्त करेंगे? आप प्रखर वक्ता हैं इसमें कोई दो राय नहीं है. मगर बातों से ही देश नहीं चलेगा न सर; आंकड़े, फ़ैक्ट्स और फ़िगर्स कुछ तो हो".
CAA और बॉलीवुड
नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर फ़िल्म उद्योग से जुड़े कलाकारों को लेकर सोशल मीडिया में काफ़ी कुछ कहा जा रहा है. कुछ कलाकार ख़ुलकर इस क़ानून का विरोध कर रहे हैं तो कुछ कलाकारों ने समर्थन भी किया है. वहीं कुछ कलाकारों की चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
अनुराग कश्यप उन हस्तियों में शामिल हैं जो नागरिकता संशोधन कानून के संबंध में लगातार अपनी बात रख रहे हैं. उन्होंने गुरुवार को भी ट्वीट कर कहा था कि 'देश एक बार फिर आपातकाल देख रहा है.' उन्होंने यह बात उत्तर प्रदेश के डीजीपी के उस ट्वीट को शेयर करते हुए कही थी जिसमें कहा गया था कि प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई है.
जामिया हिंसा के बाद भी अनुराग कश्यप, मनोज वाजपेयी, परिणिति चोपड़ा, विकी कौशल, ऋचा चड्ढा, दीया मिर्ज़ा, विशाल भारद्वाज, फ़रहान अख़्तर, ऋतिक रोशन जैसे कलाकारों ने खुलकर पुलिस और सरकार की आलोचना करते हुए ट्वीट किए थे.
वहीं विवेक अग्निहोत्री, परेश रावल, अशोक पंडित, पायल रोहतगी जैसे कलाकार लगातार विरोध पर सवाल उठा रहे हैं.
शनिवार सुबह विवेक अग्निहोत्री ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक ख़बर को ट्वीट करते हुए लिखा है - "ग़लत सूचना फैलाना, उकसाना और हिंसा भड़काना (ख़ासकर अशिक्षित अल्पसंख्यकों को) ना केवल ग़ैर-क़ानूनी है, बल्कि अनैतिक अपराध है. अगर लोकतंक्र धर्म है, तो ये पाप है. संविधान अगर केवल किताब है, तो ये ईशनिंदा है."
वहीं परेश रावल ने नागरिकता क़ानून पर एक ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा - "कृपया पढ़ें और उनलोगों को समझाएँ जो बेतुकी हिंसा पर उतारू हैं."
वहीं फ़िल्मकार अशोक पंडित ने विरोध प्रदर्शनों पर कटाक्ष करते हुए शनिवार को ट्वीट किया है, "इन तथाकथित विरोध प्रदर्शनों से ये पता चलता है कि हमारे इस महान देश में राहुल गांधी जैसे बहुतेरे रहते हैं."
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