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दिल्ली: सीलमपुर में हालात काबू, जामिया मामले में पूर्व कांग्रेस विधायक पर एफ़आईआर
दिल्ली के सीलमपुर इलाक़े में मंगलवार को नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ शुरू हुआ शांतिपूर्ण प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक हो गया.
रिपोर्ट्स के अनुसार एक हज़ार से ज़्यादा प्रदर्शनकारी सड़क पर उतरे थे. इस दौरान एक स्कूल बस को नुक़सान पहुंचा और एक पुलिस चौकी में आग लगा दी गई. दो पुलिस बूथों को भी नुक़सान पहुँचा.
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं. पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. दिल्ली पुलिस का कहना है कि हालात पर काबू पा लिया गया है.
वहीं जामिया मिल्लिया इस्लामिया और आसपास के इलाक़े में रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शनों के मामले में दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ़ ख़ान के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.
सीलमपुर में क्या हुआ
दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने कहा, "सीलमपुर टी पॉइंट पर एक घंटे तक शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन किया गया मगर उसके बाद प्रदर्शनकारियों में से ही कुछ लोगों ने पत्थरबाजी शुरू की."
आलोक कुमार ने बताया कि सीलमपुर की घटना में 21 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 12 दिल्ली पुलिस के और तीन रैपिड एक्शन फ़ोर्स के हैं. इस मामले में पाँच लोगों को हिरासत में लिया गया है.
हालांकि, उन्होंने यह दावा किया कि 'पुलिस ने न तो कोई लाठीचार्ज किया और न ही गोली चलाई गई. सिर्फ़ आंसू गैस के गोले छोड़े गए.'
उनका कहना था, "मदरसों और मस्जिदों से अमन की अपील की गई है. अब हालात नियंत्रण में हैं."
सीलमपुर में उग्र प्रदर्शनों को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शांति की अपील की.
कांग्रेस के पूर्व विधायक पर एफ़आईआर
जामिया इलाक़े में हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ़ ख़ान के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.
वहीं, दिल्ली के साकेत कोर्ट ने जामिया मिल्लिया में हुई हिंसा के मामले में पुलिस द्वारा पकड़े गए छह अभियुक्तों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है.
इस बीच विपक्षी पार्टियों के नेता कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिले.
सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति से मोदी सरकार की शिकायत की और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को सरकार कुचलने की कोशिश कर रही है.
सोनिया गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों की आवाज़ नहीं दबाई जा सकती.
विपक्ष को जितना विरोध करना है करे: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष को जितना विरोध करना है करे, लेकिन नया नागरिकता क़ानून लागू होगा.
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विरोध-प्रदर्शन के लिए कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहराया था.
वहीं केंद्रीय रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी ने इस मामले पर एक चौंकाने वाला बयान दिया. उन्होंने कहा कि वे ज़िला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों को चेतावनी देते हैं कि अगर कोई भी सरकारी संपत्ति को नुक़सान पहुँचाता है, "तो मैं एक मंत्री होने के नेता उन्हें निर्देश देता हूँ कि उन्हें देखते ही गोली मार दें."
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