You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
जामिया में पुलिस कार्रवाई के बाद क्या रहा पूरे देश का हाल
रविवार को दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बाद सोमवार को नागरिकता संशोधन क़ानून पर चर्चा और व्यापक हो गई.
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बाहर छात्रों ने फिर से प्रदर्शन किए और यह मौन प्रदर्शन था. लखनऊ यूनिवर्सिटी, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में भी कुछ छात्रों ने प्रदर्शन किया. आईआईटी-मद्रास के छात्रों ने भी नाराज़गी जताई.
छात्रों में उबाल के इतर इस नए क़ानून को लेकर सियासत भी गर्म रही.
दिल्ली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इंडिया गेट पर दो घंटे तक धरना दिया. उन्होंने कहा कि ये देश की आत्मा पर हमला है, युवा इस देश की आत्मा हैं, ये तानाशाही है.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ख़ुद हिंसा और बंटवारे की जननी बन गई. राहुल गांधी ने ट्वीट कर शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन किया.
उधर पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में एक विशाल रैली की अगुवाई की. उन्होंने कहा कि मैं अपने राज्य में नागरिकता संशोधन क़ानून लागू होने नहीं दूँगी. उन्होंने कहा कि "अगर वे इसे लागू करना चाहते हैं, तो उन्हें मेरी लाश पर ऐसा करना पड़ेगा."
सीताराम येचुरी ने कहा है कि सीपीआई (एम) नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जाएगी.
बीएसपी ने कहा है कि वो जामिया मामले की न्यायिक जाँच के लिए राष्ट्रपति से मिलेगी.
'कुछ पार्टियाँ भड़का रही हैं हिंसा'
वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कुछ पार्टियाँ राजनीतिक फ़ायदे के लिए अफ़वाह फैला रही हैं और हिंसा भड़का रही हैं. उन्होंने कहा कि वे छात्रों से अपील करते हैं कि वे नागरिकता संशोधन क़ानून को पढ़ें और किसी के बहकावे में न आएँ.
बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि विपक्ष के कुछ महत्वपूर्ण नेताओं ने लोगों को गुमराह करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि मुसलमानों के वोट का टेंडर खुला है, विपक्ष में होड़ लगी है कि कौन लेगा.
दिल्ली बीजेपी ने मनीष सिसोदिया और अमानतुल्लाह ख़ान के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस कमिश्नकर के पास जाकर शिकायत दर्ज करवाई. दिल्ली बीजेपी का आरोप है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया में रविवार को हुई हिंसा में ये नेता शामिल हैं.
इस बीच पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दूसरे अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल लेक्चर में संसदीय लोकतंत्र पर एक बड़ी टिप्पणी की है. इस टिप्पणी को नागरिकता संशोधन क़ानून से जोड़कर देखा जा रहा है.
पूर्व राष्ट्रपति ने भाषण में कहा, "चुनावों में बहुमत आपको एक स्थाई सरकार बनाने का अधिकार देता है. बहुमत की कमी आपको एक बहुसंख्यकवादी सरकार बनाने से वंचित करती है. यही हमारे संसदीय लोकतंत्र का संदेश और सार है."
खेल और कला जगत की कुछ हस्तियों ने मुद्दे पर अपनी बात रखी है. अभिनेता मनोज बाजपेई ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हिंसा की आलोचना की है.
क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने कहा है कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी रहेगा लेकिन मैं जामिया के छात्रों को लेकर चिंतित हूं.
वहीं पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने कहा कि छात्रों की आवाज़ बलपूर्वक दबाकर हम भारत को महान नहीं बना सकते.
इस बीच जामिया में हुई हिंसा मामले पर पहले सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था लेकिन बाद में वो मंगलवार को इस पर सुनवाई करने पर राज़ी हो गई है.
भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबड़े ने कहा, "बस इसलिए कि वो छात्र हैं, इसका मतलब ये नहीं कि वो क़ानून-व्यवस्था अपने हाथ में ले लें, इस बात का फ़ैसला तभी होगा जब स्थिति शांत हो जाए. पहले दंगे बंद होने चाहिए."
गुवाहाटी में दिन का कर्फ़्यू हटा, रात में कर्फ़्यू जारी रहेगा
असम सरकार में वरिष्ठ मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि गुवाहाटी में अब दिन का कर्फ़्यू हटा लिया गया है, लेकिन रात का कर्फ़्यू अभी जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि हम स्थिति की समीक्षा के बाद ही आगे कोई फ़ैसला करेंगे.
नागरिकता संशोधन क़ानून पर जामिया की घटना के विरोध में उत्तर प्रदेश के मऊ में लोगों का हिंसक प्रदर्शन हुआ, इलाक़े में धारा 144 लगाई गई.
पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन के मद्देनज़र ओडिशा जाने वाली 17 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)